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एलियंस की तलाश में बड़ी कामयाबी, पृथ्वी जैसे ग्रह पर मिला जीवन के लिए अहम संकेत

LHS 1140b नाम का यह ग्रह धरती से बाहर जीवन की तलाश में सबसे बड़ा लैब बन सकता है. इस ग्रह में बहुत ज्यादा पानी हो सकता है.

एलियंस की तलाश में बड़ी कामयाबी, पृथ्वी जैसे ग्रह पर मिला जीवन के लिए अहम संकेत
Earth-like exoplanet found: LHS 1140b नाम का ग्रह कई जवाब दे सकता है (फोटो- Melissa Weiss/CfA)
  • वैज्ञानिकों ने LHS 1140b नाम के एक चट्टानी ग्रह पर ऐसा वायुमंडल खोजा है, जो सतह पर तरल पानी को बनाए रख सकता है
  • पहली बार किसी रहने लायक क्षेत्र (हैबिटेबल जोन) में मौजूद पृथ्वी जैसे चट्टानी ग्रह पर वायुमंडल होने की पुष्टि
  • LHS 1140b ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी से 5.6 गुना ज्यादा और इसकी त्रिज्या यानी रेडियस हमारी धरती से 70% बड़ी है

कल्पना कीजिए कि अगर हमारी धरती जैसी एक और दुनिया सचमुच मौजूद हो, जहां पानी भी हो और जीवन की संभावना भी. अब यह सिर्फ साइंस फिक्शन नहीं लगती. वैज्ञानिकों ने हमारे सोलर सिस्टम से 49 प्रकाश वर्ष दूर LHS 1140b नाम के एक चट्टानी ग्रह पर ऐसा वायुमंडल खोजा है, जो उसकी सतह पर तरल पानी को बनाए रख सकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि पहली बार किसी रहने लायक क्षेत्र (हैबिटेबल जोन) में मौजूद पृथ्वी जैसे चट्टानी ग्रह पर वायुमंडल होने की पुष्टि हुई है. यह खोज पृथ्वी के बाहर जीवन की तलाश में अब तक की सबसे बड़ी और सबसे रोमांचक उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है. यानी क्या सचमुच एलियंस हैं, इस सवाल का जवाब जानने के हम एक और कदम नजदीक पहुंच गए हैं.

यह खोज नई क्यों है?

वैसे तो इससे पहले भी गैस वाले बड़े एक्सोप्लैनेट और 'सब-नेपच्यून' के आस-पास वायुमंडल पाए गए हैं. लेकिन नई खोज अलग है. द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार स्टडी के मुख्य लेखक डॉ. कॉलिन चेरुबिम ने बताया कि यह हमारे सौर मंडल के बाहर रहने लायक इलाके में मौजूद किसी पथरीले ग्रह पर असल में देखा और कन्फर्म किया गया पहला वायुमंडल है. उन्होंने कहा कि इन नतीजों से किसी भी पथरीले एक्सोप्लैनेट (चाहे वह रहने लायक इलाके में हो या नहीं) के वायुमंडल में मौजूद किसी चीज की पहली बार सीधे पहचान भी हुई है.

उन्होंने कहा, "यह वाकई एक रोमांचक खोज है क्योंकि मुझे लगता है कि यह LHS 1140b को हमारे सौर मंडल के बाहर एस्ट्रोबायोलॉजी और रहने लायक माहौल की स्टडी के लिए सबसे अच्छी, सबसे उम्मीद जगाने वाली और रोमांचक लैब के तौर पर सबसे आगे रखती है."

इस ग्रह के बारे में जानिए

LHS 1140b ग्रह का द्रव्यमान (मास) पृथ्वी से 5.6 गुना ज़्यादा है और इसकी त्रिज्या यानी रेडियस हमारी धरती से 70% बड़ी है. चेरुबिम ने बताया कि यह कुछ मामलों में पृथ्वी जैसा है. जैसे कि इसकी बनावट और तापमान. लेकिन दूसरे मामलों में अलग है- उदाहरण के लिए, यह टाइडली लॉक्ड है, इसमें बहुत ज्यादा पानी हो सकता है, और शायद इसका वायुमंडल बहुत अलग है.

इस ग्रह को 2017 में खोजा गया था. यह अपेक्षाकृत पास है और सेटस तारामंडल में एक छोटे लाल बौने तारे (रेड ड्वार्फ) का चक्कर लगाता है. यह तारा हमारे सूरज से छोटा और कम चमकदार है, लेकिन अपनी ऊर्जा का ज्यादा हिस्सा आयनाइजिंग रेडिएशन के रूप में छोड़ता है. चेरुबिम ने कहा कि नई स्टडी के नतीजों से अब हमें पता है कि LHS 1140b में रहने लायक माहौल के लिए जरूरी सभी चीजें मौजूद हैं- एक पथरीला ग्रह, तरल पानी के लिए सही तापमान, और पानी को उड़ने से रोकने और ग्रह की सतह को हानिकारक रेडिएशन से बचाने के लिए एक वायुमंडल. इसके अलावा, तारा खुद शांत है और उसमें बहुत कम फ्लेयर्स (ऊर्जा के विस्फोट) होते हैं.

उन्होंने कहा, "इसलिए यह खोज जारी रखने के लिए, खासकर जीवन के संकेतों को खोजने के लिए, वाकई एक रोमांचक जगह है. टीम ने कहा कि उसी तारे का चक्कर लगाने वाला एक और पथरीला ग्रह LHS 1140c भी है लेकिन उसके आस-पास कोई वायुमंडल नहीं मिला.

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