
विकासशील देशों में वायु प्रदूषण दिल के दौरे के साथ ही तनाव का प्रमुख कारक हो सकता है। दो अलग-अलग शोधों में इसका खुलासा किया गया है। एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के एक दल ने वायु प्रदूषण और दौरे के कारण अस्पताल जाने और मौत की घटनाओं का तुलनात्मक अध्ययन किया है।
शोधकर्ताओं ने दुनियाभर के 28 देशों में 103 अध्ययन किए, जिसके नतीजे जर्नल 'द बीएमजेड' में प्रकाशित किए गए। शोध के मुताबिक कार्बन मोनोक्साइट, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड एवं दौरे से संबंधित अस्पताल में भर्ती एवं मौत की घटनाओं के बीच संबंध है।
शोध में पाया गया कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में उच्च आय वाले राष्ट्रों की अपेक्षा वायु प्रदूषण ज्यादा है। शोधकताओं ने कहा, " गंभीर वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में प्रूदूषण कम करने के लिए नीतियां बनाए जाने एवं लागू किए जाने की जरूरत है।"
जॉन हॉपकिंस एवं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भी अपने शोध में पाया कि वायु प्रदूषण और तनाव के बीच संबंध है। उच्च घनत्व वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में तनाव का खतरा कहीं ज्यादा होता है।
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