
बच्चों का संस्कृत पाठ सुनते पीएम मोदी
डबलिन:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि आयरलैंड में आयरिश बच्चों ने संस्कृत में मंत्रोच्चार करके और श्लोक पढ़कर मेरा स्वागत किया और ऐसा अगर भारत में होता तो सेकुलरिज्म पर सवाल खड़े हो जाते।
पीएम मोदी ने अमेरिका जाने के दौरान आयरलैंड के अपने संक्षिप्त प्रवास के समय भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आयरिश बच्चों ने मेरे स्वागत में संस्कृत में श्लोक पढ़े और मंत्रोच्चार किया। हिन्दुस्तान में ऐसा होता तो पता नहीं.. सेकुलरिज्म पर सवालिया निशान खड़ा हो जाता।’’
रटी रटायी बातें नहीं थी
उन्होंने कहा कि आयरिश बच्चों को सुनकर ऐसा नहीं लग रहा था कि वे रटी रटायी बातें बोल रहे हों। इसके लिए मैं उनके शिक्षकों को बधाई देता हूं।
बदलाव आ रहा है
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों बदलाव आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अब सारी दुनिया नाक पकड़ने लगी है। विश्व के सभी देशों ने योग को समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया तब स्वीकारती है जब भारत में दम हो। भारत में दम है आज पूरे विश्व ने मान लिया है। भारत के विकास की बात को सब ने मान लिया है।’’
पीएम मोदी ने कहा कि अब सारी दुनिया यह भी मान रही है कि 21वीं सदी एशिया की होगी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह भारत की हो जाए।
पीएम मोदी ने अमेरिका जाने के दौरान आयरलैंड के अपने संक्षिप्त प्रवास के समय भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आयरिश बच्चों ने मेरे स्वागत में संस्कृत में श्लोक पढ़े और मंत्रोच्चार किया। हिन्दुस्तान में ऐसा होता तो पता नहीं.. सेकुलरिज्म पर सवालिया निशान खड़ा हो जाता।’’
रटी रटायी बातें नहीं थी
उन्होंने कहा कि आयरिश बच्चों को सुनकर ऐसा नहीं लग रहा था कि वे रटी रटायी बातें बोल रहे हों। इसके लिए मैं उनके शिक्षकों को बधाई देता हूं।
बदलाव आ रहा है
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों बदलाव आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अब सारी दुनिया नाक पकड़ने लगी है। विश्व के सभी देशों ने योग को समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया तब स्वीकारती है जब भारत में दम हो। भारत में दम है आज पूरे विश्व ने मान लिया है। भारत के विकास की बात को सब ने मान लिया है।’’
पीएम मोदी ने कहा कि अब सारी दुनिया यह भी मान रही है कि 21वीं सदी एशिया की होगी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह भारत की हो जाए।
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