- UP स्पेशल टास्क फोर्स ने SSC की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह का ग्रेटर नोएडा से पर्दाफाश किया
- गिरोह ने CAPF, SSF कांस्टेबल, असम राइफल्स राइफलमैन परीक्षा में सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम किया
- प्रॉक्सी सर्वर और स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन के जरिए परीक्षा के प्रश्नों को बाहर बैठे सॉल्वर तक पहुंचाया
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने SSC की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह कर्मचारी चयन आयोग यानी SSC द्वारा आयोजित CAPF, SSF कांस्टेबल जीडी और असम राइफल्स राइफलमैन परीक्षा-2026 में सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम कर रहा था. STF ने ग्रेटर नोएडा से इस रैकेट के मास्टरमाइंड समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 50 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं.
STF को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग ऑनलाइन परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से धांधली कर रहे हैं. इसके बाद STF नोएडा यूनिट ने गुप्त जांच शुरू की. जांच के दौरान पता चला कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क इलाके में स्थित बालाजी डिजिटल ज़ोन नाम के परीक्षा केंद्र पर बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है. 22 मई को STF टीम ने वहां छापा मारा और मौके से मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, संदीप भाटी, निशांत राघव, अमित राणा, शाकिर मलिक और विवेक कुमार शामिल हैं.
-
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज -
NDTV World Summit : क्या AI छीन लेगा नौकरियां? माइक वॉल्श ने दिया चौंकाने वाला जवाब
जांच में सामने आया कि यह गिरोह ऑनलाइन परीक्षा सिस्टम को हैक नहीं करता था, बल्कि कंपनी के सर्वर को बायपास करके “प्रॉक्सी सर्वर” लगाता था. इसके बाद “स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन” के जरिए परीक्षा का पेपर बाहर बैठे सॉल्वर तक पहुंचाया जाता था. फिर सॉल्वर बाहर से सवाल हल करके अभ्यर्थियों को उत्तर उपलब्ध कराते थे. पुलिस जांच में यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान लंबे समय से इस धंधे में शामिल था. उसने बालाजी डिजिटल ज़ोन नाम से परीक्षा केंद्र बनाया हुआ था.
परीक्षा पर्यवेक्षक रह चुका अरुण
पूछताछ में यह भी सामने आया कि अरुण पहले इसी सेंटर में इनविजिलेटर यानी परीक्षा पर्यवेक्षक रह चुका था. बाद में वह सेंटर के आईटी सिस्टम से जुड़ गया और वहीं से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करने लगा. गिरोह का एक और सदस्य संदीप भाटी ऐसे अभ्यर्थियों को तलाशता था जो पैसे देकर परीक्षा पास करना चाहते थे. वह उन्हें इस गैंग से जोड़ता था. STF के मुताबिक गिरोह हर अभ्यर्थी से करीब 4 लाख रुपये वसूलता था. इसमें से 50 हजार रुपये उस व्यक्ति को दिए जाते थे जो उम्मीदवार लाता था, जबकि बाकी रकम गिरोह के सदस्यों और सॉल्वर के बीच बांटी जाती थी.
आरोपियों से बरामद सामान
STF ने आरोपियों के पास से 50 लाख रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, एक राउटर, अभ्यर्थियों की सूची, प्रवेश पत्र और कंपनी के पहचान पत्र बरामद किए हैं. इस पूरे मामले में थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराया और इसके तार किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं.
ये भी पढ़ें : जबरन धर्मांतरण और धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाया... नासिक TCS केस में पुलिस की चार्जशीट में बड़े खुलासे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं