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This Article is From Jan 01, 2026

SIR ने 29 साल बाद बुजुर्ग को परिवार से मिलवाया, सबको लगा था- मर चुके हैं

Muzaffarnagar News: शरीफ अहमद ने कहा कि वह एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज इकट्ठा करने की कवायद में खतौली लौटे. उनके अचानक घर पहुंचने पर परिजन बेहद खुश हुए. यहां लौटने पर उन्हें पता चला कि उनके पिता, एक भाई और कई अन्य रिश्तेदारों की मृत्यु चुकी है.

SIR ने 29 साल बाद बुजुर्ग को परिवार से मिलवाया, सबको लगा था- मर चुके हैं
SIR ने परिवार से मिलवाया.
  • मुजफ्फरनगर के 79 साल के शरीफ अहमद 1997 में लापता हो गए थे और परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था.
  • शरीफ अहमद ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत दस्तावेज लेने के लिए 29 साल बाद अपने पैतृक गांव खतौली का रुख किया.
  • परिवार ने पश्चिम बंगाल जाकर भी शरीफ अहमद की खोज की थी लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई थी.
मुजफ्फरनगर:

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक शख्स 29 सालों बाद अपने परिवार से मिला. परिवार ने तो उसे मृत मान लिया था. लेकिन 29 साल बाद परिवार उसे जिंदा देखकर हैरान रह गया. ये पूरे परिवार के लिए बहुत ही भावुक पल था.79 साल के शरीफ अहमद मुजफ्फरनगर जिले से 1997 में लापता हो गए थे.

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29 साल बाद परिवार से मिला बुजुर्ग

29 साल बाद एसआईआर अभियान की वजह से दस्तावेज ढूंढने के लिए वह अपने पैतृक शहर खतौली लौट आए. शरीफ अहमद के भतीजे वसीम अहमद ने बुधवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उनके चाचा अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक महिला से शादी करने के बाद 1997 में वहीं चले गए थे. वह 29 दिसंबर को खतौली पहुंचे.

SIR दस्तावेज लेने गांव वापस लौटे

वसीम ने कहा कि इन सालों में, हमने उन्हें ढूंढने की बहुत कोशिश की. यहां तक ​कि पश्चिम बंगाल भी गए और उनकी दूसरी पत्नी द्वारा बताए गए पते पर भी उनके बारे में जानकारी ली, लेकिन उनका कुछ भी पता नहीं चला. दशकों तक कोई संपर्क न होने की वजह से उनकी चार बेटियों और परिवार ने मान लिया था कि वह अब जीवित नहीं रहे.

शरीफ अहमद ने कहा कि वह एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज इकट्ठा करने की कवायद में खतौली लौटे. उनके अचानक घर पहुंचने पर परिजन बेहद खुश हुए. यहां लौटने पर उन्हें पता चला कि उनके पिता, एक भाई और कई अन्य रिश्तेदारों की मृत्यु चुकी है.

बुजुर्ग को देख भावुक हुआ परिवार

वसीम ने कहा कि इस पुनर्मिलन से परिवार में खुशी का माहौल है. उन्होंने कहा कि इतने सालों बाद उन्हें देखना हम सभी के लिए एक भावुक पल था. हालांकि, कुछ दिन वहां रुकने के बाद शरीफ अहमद जिला-स्तरीय कार्यालय में औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पश्चिम बंगाल लौट गए. वहां वह अपने परिवार के साथ मेदिनीपुर जिले में बस गए हैं.

इनपुट- PTI

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