- UP ATS और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISI और ISIS समर्थित आतंकी मॉड्यूल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है
- गिरफ्तार अभियुक्तों ने लखनऊ आर्मी कैंट और बमरौली एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों की रेकी करने का कार्य किया था
- मॉड्यूल के संदिग्ध पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित ISI कॉल सेंटर से जुड़े हुए थे, जो युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहे थे
देश के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और ISIS समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के आतंकी मॉड्यूल को सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है. उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश के अलग-अलग हिस्सों से इस नेटवर्क के कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो भारत में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के नए संगठन का जाल बिछाने और पुलिसकर्मियों की टारगेट किलिंग की फिराक में थे.
आर्मी कैंट और बमरौली एयरपोर्ट की हुई रेकी
उत्तर प्रदेश ATS ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने और स्लीपर सेल तैयार करने के आरोप में दो अभियुक्तों, मोहम्मद उमर और फैजान को गिरफ्तार किया है. एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों को लखनऊ आर्मी कैंट और बमरौली एयरपोर्ट जैसे बेहद संवेदनशील स्थलों की रेकी करने का टास्क दिया गया था.
यह आरोपी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़कर स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे और बुलंदशहर में पाकिस्तानी डॉन आबिद जट्ट के फोटो-पोस्टर लगाकर दहशत का माहौल पैदा करने की कोशिश में जुटे थे. इस काम के बदले उन्हें 12,000 रुपये मिलते थे. इस पूरे प्रकरण में अब तक 5 मुकदमे दर्ज कर कुल 15 अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है.
इस्लामाबाद के कॉल सेंटर से हो रहा था युवाओं का ब्रेनवॉश
पूर्व में इसी मॉड्यूल से जुड़े एक और बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 5 और संदिग्धों को गिरफ्तार किया. जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये सभी संदिग्ध पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित ISI के एक कॉल सेंटर के संपर्क में थे. इस कॉल सेंटर के जरिए भारतीय युवाओं को भड़काकर और गुमराह करके उन्हें ISI से जोड़ा जा रहा था.
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए संदिग्धों के पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं. साथ ही कई ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिन्हें पुलिस फोर्स की रेकी करके पाकिस्तान भेजा गया था. दिल्ली पुलिस के इस मॉड्यूल में अब तक कुल 12 संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
पुलिस फोर्स को निशाना बनाने का था जिम्मा
पकड़े गए आरोपियों को दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों की पुलिस फोर्स की टारगेट किलिंग करने और दिल्ली-NCR के इलाकों में ग्राफिटी (दीवारों पर लिखकर) बनाकर ISI समर्थित कथित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान का प्रचार करने का जिम्मा सौंपा गया था. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इसी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने हाल ही में अमृतसर के मजीठा में पंजाब पुलिस के एक एएसआई की हत्या की जिम्मेदारी ली थी. फिलहाल दोनों राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके.
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