लोकसभा में विपक्ष के नेता व रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लिए शुक्रवार का दिन अहम है. राहुल गांधी द्वारा 'इंडियन स्टेट' से जुड़े बयान के मामले में शुक्रवार एक मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका पर सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद आठ अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.सात नवंबर 2025 को संभल की चंदौसी कोर्ट द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ निगरानी याचिका खारिज होने के बाद निगरानीकर्ता सिमरन गुप्ता ने संभल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. संभल कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग वाली अर्जी खारिज कर थी. इसके बाद सिमरन गुप्ता ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी.
ये याचिका MATTERS UNDER ARTICLE 227 (A227) में दाखिल की गई है. जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी. याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने संभल स्थित चंदौसी कोर्ट द्वारा सात नवंबर 2025 को दिए गए फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी गई थी.
दरअसल संभल के बहजोई के रहने वाले सिमरन गुप्ता ने एमपी/एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज द्वारा 10 फरवरी 2025 के आदेश को चुनौती देते हुए संभल स्थित चंदौसी कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की थी. निगरानीकर्ता सिमरन गुप्ता ने अपने याचिका में कहा था कि एमपी/एमएलए कोर्ट ने अपना आदेश पारित करते समय न्यायिक विवेक का प्रयोग नहीं किया था.निगरानीकर्ता/याची सिमरन गुप्ता ने 15 जनवरी 2025 को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान "Our fight is with RSS, BJP as well as Indian State" के खिलाफ पहले एमपी/एमएलए कोर्ट में 23 जनवरी 2025 को एक वाद दायर कराया था लेकिन 10 फरवरी 2025 को वाद खारिज होने के बाद सिमरन गुप्ता ने अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश चंदौसी में फिर निगरानी याचिका दाखिल की.
15 जनवरी 2025 को दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय 'इंदिरा भवन' के उद्घाटन समारोह के दौरान राहुल गांधी ने यह बयान दिया था. याची सिमरन गुप्ता ने याचिका में कहा था कि राहुल गांधी द्वारा दिया गया बयान उन्होंने अपने संभल स्थित बहजोई में आवास में टीवी पर सुना जो कि एक संज्ञेय अपराध और एमपी/एमएलए कोर्ट के क्षेत्राधिकार में आता है लेकिन कोर्ट ने विचार न करके वैधानिक भूल की है.निगरानीकर्ता सिमरन गुप्ता ने एमपी/एमएलए कोर्ट के फैसले को निरस्त करने की मांग की. सभी पक्षों की तरफ से अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश चंदौसी की कोर्ट में पक्ष रखा गया.
सात नवंबर 2025 को अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश चंदौसी की कोर्ट ने सिमरन गुप्ता की निगरानी याचिका को ये कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिका बलहीन है. इस फैसले से राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली थी.इसके बाद सिमरन गुप्ता ने अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश चंदौसी कोर्ट की तरफ से दिए गए फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आठ अप्रैल को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता संभल में हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है.
यह भी पढ़ें: बालिग जोड़ों का पीछा करने के बजाय, अपराधों की जांच करें- इलाहाबाद हाईकोर्ट की यूपी पुलिस को नसीहत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं