- इटावा जिले के इकदिल क्षेत्र में 19 फरवरी को मनीष यादव का क्षत-विक्षत शव रेलवे ट्रैक पर बोरी में मिला था
- मनीष यादव का 18 फरवरी से लापता होना और बाद में पुलिस जांच में हत्या का मामला सामने आया है
- मनीष का प्रेम संबंध रामपुर की महिला ट्रेनी सिपाही से था, जिससे नाराज अभिषेक यादव ने हत्या की साजिश रची
इटावा जिले के इकदिल क्षेत्र में 19 फरवरी को रेलवे ट्रैक पर बोरी में बंद मिले क्षत-विक्षत शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. यह हत्या प्रेम प्रसंग के चलते सुनियोजित तरीके से की गई थी. मृतक की पहचान मनीष यादव के रूप में हुई है, जो 18 फरवरी से लापता था. इकदिल इलाके में प्लास्टिक की बोरी में मनीष के शव के टुकड़े मिले थे. पुलिस ने जब जांच शुरू की तो खौफनाक साजिश सामने आती गई. पहले इसे हादसा बताने की कोशिश की गई लेकिन परिजनों की मांग पर हुए दोबारा पोस्टमार्टम और एक्सरे में मनीष के शरीर से गोली बरामद हुई, जिसने इसे सीधे तौर पर मर्डर साबित कर दिया.
शव के टुकड़े कर रेलवे ट्रैक पर फेंके
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि मनीष का प्रेम संबंध रामपुर में तैनात एक महिला ट्रेनी सिपाही से था. इस बात से नाराज युवती के भाई अभिषेक यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर मनीष का अपहरण किया, उसे गोली मारी और सबूत मिटाने के मकसद से शव के टुकड़े कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया. अभिषेक यादव सीआरपीएफ जवान है. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभिषेक यादव समेत दो फरार हैं.
ऑनर किलिंग में हुई मनीष की हत्या
हत्या की पटकथा मर्यादा और 'ऑनर किलिंग' के इर्द-गिर्द बुनी गई थी. मुख्य आरोपी अभिषेक यादव, जो खुद जालंधर में CRPF जवान है, ने अपनी सिपाही बहन के प्रेम संबंध को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था. उसने 18 फरवरी की सुबह कोचिंग जा रहे मनीष को कार से अगवा किया. हत्या के बाद शव की पहचान छुपाने के लिए उसे क्षत-विक्षत कर ट्रैक पर फेंक दिया गया. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार के मालिक दीपक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभिषेक और विपिन की तलाश में दबिश दी जा रही है.
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