- ग्रेटर नोएडा की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है.
- छात्रा के सुसाइड नोट में डेंटल विभाग के एक पुरुष और एक महिला शिक्षक पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप है.
- पुलिस ने दो शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है और जांच शुरू कर दी है.
ग्रेटर नोएडा के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में शनिवार देर रात एक 21 वर्षीय बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. छात्रा के सुसाइड नोट में डेंटल विभाग के एक पुरुष और एक महिला शिक्षक पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामले में दो शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन इसके बावजूद छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. शारदा यूनिवर्सिटी में इस समय कई छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रा के सुसाइड के बाद प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट और पुलिस के बीच तनातनी हो गई. पुलिस ने इस दौरान बल प्रयोग भी किया.
नॉलेज पार्क पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. छात्रा के कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने यूनिवर्सिटी के शिक्षकों पर मानसिक दबाव डालने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. बताया जा रहा है कि छात्रा पिछले कुछ समय से तनाव में थी. घटना की जानकारी मिलते ही छात्रा के परिजन हॉस्टल पहुंचे और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया.
ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार ने कहा, "पुलिस को सूचना मिली कि हॉस्टल में एक छात्रा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया है. सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई की. परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. इस मामले में दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ की जा रही है. छात्रों का यूनिवर्सिटी के प्रशासन पर काफी आक्रोश था, उन्हें समझाकर शांत कर दिया गया है."
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रा के कमरे की बारीकी से जांच की. सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए. परिजनों और छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में छात्रों पर अनुचित दबाव बनाया जाता है, जिसके चलते यह दुखद घटना हुई. पुलिस ने कहा कि वह सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
| Helplines | |
|---|---|
| Vandrevala Foundation for Mental Health | 9999666555 or help@vandrevalafoundation.com |
| TISS iCall | 022-25521111 (Monday-Saturday: 8 am to 10 pm) |
| (If you need support or know someone who does, please reach out to your nearest mental health specialist.) | |
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं