- संभल में कब्रिस्तान की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी थी मुस्तफा कादरी मस्जिद.
- DM और एसपी केके बिश्नोई की मौजूदगी में 5 थानों की पुलिस-70 PAC जवान तैनात रहे.
- कार्रवाई से पहले मस्जिद में आखिरी नमाज पढ़ी गई. "आई लव मोहम्मद" लिखा पोस्टर बरामद.
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ योगी सरकार का सख्त एक्शन देखने को मिला है. यहां के नखासा थाना क्षेत्र के कसेरवा गांव में कब्रिस्तान की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित की गई एक मस्जिद पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया है.
तहसीलदार कोर्ट द्वारा बेदखली का आदेश जारी होने के बाद प्रशासन ने इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मुहिम शुरू की. मौके पर पहुंचे दो बुलडोजरों की मदद से अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है. कानून-व्यवस्था न बिगड़े और सुरक्षा चाक-चौबंद रहे, इसके लिए तहसीलदार की मौजूदगी में पीएसी के जवानों के साथ-साथ कई थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है. फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और कार्रवाई जारी है.
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मस्जिद की पहली मंजिल से "आई लव मोहम्मद" लिखे पोस्टर और एक हरे रंग का झंडा बरामद हुआ है. प्रशासन का कहना है कि इस मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
राजस्व टीम की जांच में हुआ अवैध निर्माण का खुलासा
यह पूरा मामला संभल जनपद के नखासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कसेरवा गांव का है. तहसीलदार धीरेंद्र सिंह ने इस मस्जिद प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था, जिसका प्रभारी नायब तहसीलदार दीपक कुमार को बनाया गया. अतिक्रमण हटाने के इस अभियान में राजस्व विभाग की टीम के साथ नगरपालिका संभल और नगर पंचायत सिरसी की चार जेसीबी, डंपर, ट्रैक्टर और 20 सफाई कर्मचारियों को लगाया गया था.
राजस्व अभिलेखों के अनुसार, गाटा संख्या 409 कब्रिस्तान की दर्ज जमीन है. प्रशासन का दावा है कि इसी जमीन के लगभग 120 वर्ग मीटर क्षेत्र पर मस्जिद का अवैध निर्माण किया गया था. इस हिस्से पर तीन अन्य मकान भी बने हुए हैं. इसके अतिरिक्त, गाटा संख्या 410 (जो खाद के गड्ढे के लिए आरक्षित है) के करीब 600 वर्ग मीटर क्षेत्र पर आठ मकानों का निर्माण पाया गया. वहीं, वृक्षारोपण के लिए आरक्षित गाटा संख्या 411 की भूमि पर खेती किए जाने की बात भी सामने आई है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: छतों पर तैनात रहे पुलिसकर्मी
प्रशासन ने डीएम और एसपी की मौजूदगी में लगभग 100 वर्ग मीटर सरकारी कब्रिस्तान की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया और अवैध निर्माण को ढहा दिया. कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पीएसी के 70 जवानों के साथ पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही. एहतियात के तौर पर आसपास के मकानों की छतों पर भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. संभल जनपद में सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रशासन लगातार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई कर रहा है.
कार्रवाई से पहले अदा की गई आखिरी नमाज
मस्जिद को जमींदोज करने से पहले वहां के मौलाना द्वारा आखिरी नमाज अदा की गई. इसके तुरंत बाद प्रशासनिक टीम ने निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. पूरे अभियान के दौरान आला अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर चलते रहे और अवैध कब्जे को पूरी तरह हटा दिया गया.
चार से पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही- संभल एसपी केके बिश्नोई
"यहां सरकारी जमीन पर बनी एक अवैध मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है. सुरक्षा के लिहाज से चार से पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही. ध्वस्तीकरण से पहले परिसर की साफ-सफाई कराई गई थी. तलाशी के दौरान यहां से कुछ पोस्टर और एक झंडा मिला है, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है. जिस किसी ने भी इन्हें यहां लगाया या तैयार किया है, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी."
मौलाना बोले-"कार्रवाई गलत, अब घरों में पढ़ेंगे नमाज"
कार्रवाई शुरू होने से पहले मस्जिद में नमाज पढ़ाने वाले मौलाना मोहम्मद जाकिर मुस्तफा कादरी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "आज जो कार्रवाई हो रही है, हमें इसकी पूर्व जानकारी नहीं थी. यह कार्रवाई गलत है. आज यहाँ आखिरी नमाज अदा की गई है और आज के बाद लोग अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ेंगे. मस्जिद के अंदर रखा सारा सामान बाहर निकाल लिया गया है. इस मस्जिद में गांव और आसपास के तमाम लोग नमाज पढ़ने आया करते थे."
संभल से सत्यपाल यादव की रिपोर्ट
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