- देशभर में हो रहा CAA का विरोध
- UP समेत कई राज्यों में प्रदर्शन
- प्रदर्शनकारियों को हटाने पर बवाल
कानपुर के चमनगंज इलाके के मोहम्मद अली पार्क में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा कथित रूप से जबरन हटाए जाने के बाद सोमवार तड़के तनाव पैदा हो गया. एडीएम सिटी विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदर्शनकारी शनिवार को अपना प्रदर्शन समाप्त करने की बात पर राजी हो गए थे और जिला प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामले वापस ले लिए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के साथ राष्ट्रगान गाकर अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था लेकिन उनमें से कई वहीं रुक गए थे. एडीएम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से कहा गया था कि रविवार रात तक वह प्रदर्शन स्थल खाली कर दें. इस बीच कानपुर के जिलाधिकारी ब्रह्मदेव तिवारी ने प्रदर्शनकारियों पर किसी तरह का बल प्रयोग किए जाने की बात से इंकार किया है. उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
शाहीन बाग : 'CAA और एनआरसी अलग मुद्दे हैं, इस चुनाव में केवल विकास ही मुद्दा है'
बताते चलें कि पिछले साल दिसंबर में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में CAA के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था. सबसे ज्यादा मामले में यूपी में सामने आए थे. घटना में करीब दो दर्जन लोगों की मौत हो गई थी, कई घायल हुए थे. उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित कर भरपाई के लिए नोटिस भिजवाया. दिल्ली के शाहीन बाग में 15 दिसंबर, 2019 से मुस्लिम महिलाएं CAA वापस लिए जाने की मांग को लेकर धरना दे रही हैं.
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं