- प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का राज खुल गया है
- मृतक के सिर पर चौदह टांके लगे थे और प्राइवेट पार्ट शरीर से अलग पाया गया था
- छाती की बाईं तरफ पांच से आठ नंबर की पसलियां टूटी हुई थीं और बायां फेफड़ा फटा हुआ था
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का राज खुल गया है.उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें हर एक चोट का जिक्र है. 25 साल के साधक का पोस्टमार्टम 26 सितंबर को दोपहर 2 से 2:40 बजे तक हुआ था. उनके मृत शरीर की बाहरी और अंदरूनी जांच की गई थी. उनकी मौत की वजह का खुलासा इस रिपोर्ट से हो गया है. साथ ही शरीर पर लगी हर एक चोट का भी जिक्र रिपोर्ट में है
सिर पर 14 टांके, प्राइवेट पार्ट अलग
रसिक दुलारी के शरीर की बाहरी जांच में शरीर 2 हिस्सों में पाया गया, उनका प्राइवेट पार्ट शरीर से अलग था. उनके शरीर पर पांच चोटें पाई गईं, जिनमें सिर पर 14 टांके लगा हुआ घाव था. नहीं बाएं निचले होंठ पर फटा हुआ घाव, ठुड्डी पर फटा हुआ घाव, प्राइवेट पार्ट पर पांच टांके लगा घाव और टखने से लेकर पैर तक फटा हुआ घाव मौजूद था. वहीं शरीर के अंदरूनी हिस्से यानी कि खोपड़ी के पीछे वाले हिस्से में खून का थक्का और हेयरलाइन फ्रेक्चर पाया गया. उनका दिमाग बिल्कुल पीला पड़ा हुआ था.

पसलियां टूटीं, फेफड़ा फटा
रसिक दुलारी की छाती की बाईं तरफ की 5 से 8 नंबर की पसलियां टूटी हुई थीं और उनका बायां फेफड़ा फटा हुआ था. उनके दोनों फेफड़े पीले पड़े हुए थे. वहीं छाती की गुहा में खून और खून के थक्के जमे हुए थे. उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था, हालांकि गुदा में कोई चोट नहीं मिली है. हालांकि उनकी रीढ़ की हड्डी को खोला नहीं गया.

रसिक दुलारी की मौत की वजह का खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह सामने आ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर चोटों के कारण बहुत ज्यादा खून बह जाने से हेमरेजिक शॉक से उनकी मौत हुई है. यह एक मेडिको-लीगल केस है जिसमें सिर, छाती और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें पाई गई हैं.
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