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बनारस को मिलेगा सबसे चौड़ा डबल डेकर 'सिग्नेचर ब्रिज'! पीएम मोदी के आने से पहले सीएम योगी कल पहुंचेंगे काशी

PM Modi Varanasi Visit: पीएम मोदी 27-28 अप्रैल को वाराणसी में ₹2,642 करोड़ के देश के सबसे चौड़े डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज की नींव रखेंगे. इस भव्य आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ कल खुद काशी पहुंच रहे हैं. इस दौरे में प्रधानमंत्री वाराणसी को कुल ₹7,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे.

बनारस को मिलेगा सबसे चौड़ा डबल डेकर 'सिग्नेचर ब्रिज'! पीएम मोदी के आने से पहले सीएम योगी कल पहुंचेंगे काशी
  • पीएम नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को वाराणसी के दौरे पर करीब 7000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ करेंगे
  • गंगा पर बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज देश का पहला डबल डेकर पुल होगा जिसमें ट्रेन और सड़क दोनों होंगे
  • नया पुल करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और वाराणसी को सीधे मुगलसराय से जोड़ेगा
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Varanasi Signature Bridge: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 52वें दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरान काशी को करीब 7,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिलने की उम्मीद है. इस दौरे की सबसे बड़ी चर्चा उस 'सिग्नेचर ब्रिज' की है, जिसे पीएम की लिस्ट में सबसे ऊपर रखा गया है. हालांकि इस पर आखिरी मुहर केंद्र से लगनी बाकी है, पर प्रशासन पूरी तैयारी में है.कहा जा रहा है कि ये देश का सबसे चौड़ा पुल होगा और इसके बनने के बाद वाराणसी में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा. इस महा-आयोजन में कोई कसर न रह जाए, इसके लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल यानि बुधवार को वाराणसी पहुंच रहे हैं. सीएम योगी वहां चल रहे विकास कार्यों का 'स्टेटस चेक' करेंगे और सुरक्षा से लेकर कार्यक्रमों की रूपरेखा तक का बारीकी से मुआयना करेंगे.

गंगा पर बनेगा देश का पहला ऐसा दो मंजिला पुल

प्रस्तावित योजना के अनुसार, गंगा नदी पर करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार सिग्नेचर ब्रिज बनाया जाना है. यह पुल इंजीनियरिंग का नमूना होगा क्योंकि यह 'डबल डेकर' (दो मंजिला) बनेगा. यानी एक ही पुल पर दो रास्ते होंगे- नीचे की मंजिल पर ट्रेन की 4 पटरियां बिछेंगी और ऊपर की मंजिल पर 6 लेन की चौड़ी सड़क होगी. करीब 1 किलोमीटर से ज्यादा लंबा यह पुल वाराणसी को सीधे मुगलसराय से जोड़ देगा.

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मंजूरी का इंतज़ार, पर 90% उम्मीदें पक्की

इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर वाराणसी के डीएम सत्येंद्र कुमार का कहना है कि यह रेलवे का काम है और अभी इसे प्रस्तावित लिस्ट में रखा गया है. हालांकि इसके शिलान्यास की संभावना 90 फीसदी से भी ज्यादा है, पर प्रशासन को केंद्र सरकार की आखिरी हरी झंडी का इंतजार है. जैसे ही काम शुरू होगा, रेलवे का लक्ष्य इसे 3 साल के भीतर पूरा करने का है.यानि मंजूरी मिलने के बाद साल साल 2029 तक इसका निर्माण हो जाएगा. 
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पुराने पुल की छुट्टी और रफ्तार को मिलेगी नई धार

बता दें कि अभी काशी और मुगलसराय के बीच रेल और सड़क का पूरा बोझ 137 साल पुराने मालवीय पुल पर है. अलग-अलग एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक नया पुल बनने से न केवल जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि ट्रेनों और गाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी. यह पुल इस तरह बनेगा कि इस पर गाड़ियां 100 की स्पीड से दौड़ सकेंगी. इससे बिहार और बंगाल की तरफ जाने वाले मुसाफिरों का समय बचेगा और माल ढोना भी आसान हो जाएगा.

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दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज से कितना अलग होगा ये पुल?

दिल्ली का सिग्नेचर ब्रिज अपनी खूबसूरती और ऊंचे 'सेल्फी पॉइंट' के लिए मशहूर है, लेकिन बनारस का यह नया ब्रिज खूबसूरती से कहीं ज्यादा अपनी 'ताकत' के लिए जाना जाएगा. जहां दिल्ली का पुल सिर्फ गाड़ियों के आने-जाने के लिए बना है, वहीं बनारस का यह पुल 'डबल डेकर' होगा. इसमें एक ही खंभे पर दो मंजिलें होंगी—नीचे ट्रेनें दौड़ेंगी और ऊपर गाड़ियां. यह सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि रेल और सड़क का एक ऐसा 'संगम' होगा जो भारी-भरकम मालगाड़ियों और 6-लेन के ट्रैफिक का वजन एक साथ सहने के लिए डिजाइन किया गया है.

देश के दूसरे 'डबल डेकर' पुलों से होगा अलग

भारत में असम का 'बोगीबील' या बिहार के 'मुंगेर' जैसे कुछ ही रेल-सड़क पुल हैं, लेकिन बनारस का यह सिग्नेचर ब्रिज उन सबसे थोड़ा अलग होगा. इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका 'स्पेस' और 'रफ्तार' है. आमतौर पर ऐसे पुलों पर 1 या 2 रेलवे ट्रैक होते हैं, पर यहां एक साथ 4 रेलवे ट्रैक बिछाए जाएंगे. साथ ही, पुराने पुलों पर जहां ट्रेनों की रफ्तार थोड़ी धीमी होती है वहीं इस आधुनिक सिग्नेचर ब्रिज पर ट्रेनें और गाड़ियां 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगी. यह तकनीक और क्षमता के मामले में देश का सबसे शक्तिशाली पुल साबित होगा. हालांकि इन सब पर पुख्ता मुहर इसकी आधारशिला रखे जाने बाद सरकार की ओर जारी जानकारी के बाद ही लगेगी. 

आधी आबादी का सम्मान और रोजगार के मौके

विकास के साथ-साथ इस दौरे में एक बड़ा सामाजिक कार्यक्रम भी होगा. बरेका ग्राउंड में होने वाले 'नारी शक्ति महोत्सव' में 50 हजार से ज्यादा महिलाएं शामिल होंगी. वहीं, इन बड़े प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से स्थानीय लोगों को काम के बड़े मौके मिलेंगे. अकेले इस नए पुल के निर्माण से ही हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिससे पूरे इलाके की किस्मत चमकेगी.
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