- नेपाल और पूर्वांचल की डिमांड पूरी करने के लिए खतरनाक खेल
- कानपुर के बिल्हौर में दो कोल्ड स्टोरेज पर छापा
- लाल आलू के नाम पर बिक रहा था आर्टिफिशियल रंगीन आलू
कानपुर: बाजार में अधिक मुनाफा कमाने और मांग को पूरा करने के लिए मिलावटखोर किस हद तक जा सकते हैं, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला कानपुर के बिल्हौर से सामने आया है. यहां नेपाल और पूर्वांचल में लाल आलू की भारी डिमांड को पूरा करने के लिए जालसाजों ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का एक खौफनाक तरीका ढूंढ निकाला. साधारण आलू को लाल आलू बताकर ऊंचे दामों पर बेचने के लिए फर्श को रंगने वाले लाल सीमेंट कलर का इस्तेमाल किया जा रहा था.
आयुक्त खाद्य सुरक्षा, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के तहत मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत सहायक आयुक्त (खाद्य) के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. जब इस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बिल्हौर स्थित अनुज कोल्ड स्टोरेज और एम्पा कोल्ड स्टोरेज में अचानक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए.
इंसानी शरीर के लिए बेहद जहरीला और खतरनाक
छापेमारी के दौरान देखा गया कि वहां साधारण सफेद आलू को खतरनाक आर्टिफिशियल रंग में डुबोकर उसे लाल आलू का रूप दिया जा रहा था. जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि जिस रंग का इस्तेमाल आलू को लाल करने में किया जा रहा था, वह कोई खाने वाला रंग (फूड कलर) नहीं था, बल्कि फर्श चमकाने और रंगने वाला सीमेंट कलर फॉर फ्लोर था. यह रंग इंसानी शरीर के लिए बेहद जहरीला और खतरनाक होता है.

5,000 किलो (5 टन) से अधिक रंगा हुआ आलू जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से 5,000 किलो (5 टन) से अधिक रंगा हुआ आलू जब्त कर लिया है. बाजार में इस जब्त किए गए आलू की कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये आंकी गई है. अगर समय रहते विभाग ने यह कार्रवाई न की होती, तो यह जहरीला आलू नेपाल, पूर्वांचल और आसपास के कई अन्य बाजारों में पहुंच जाता और मासूम लोगों की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाता.

मिलावटखोरों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मौके से रंगे हुए आलू और इस्तेमाल किए जा रहे सीमेंट कलर समेत कुल 4 नमूने (सैंपल) इकट्ठा किए हैं. इन सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही लैब से रिपोर्ट आएगी, वैसे ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इस खतरनाक काम में शामिल सभी संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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