नोएडा प्रशासन ने किश्त वसूली का एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है. गौतमबुद्ध नगर जिले के इतिहास में आज तक किसी भी दिन प्रशासन ने 22.25 करोड़ रुपये की वसूली नहीं की थी. मिली जानकारी के अनुसार यह वसूली ईटी इंफ्रा डेवलपर्स प्रा.लि से की गई है. नोएडा के सैक्टर 27 स्थित कैंप ऑफिस मे डीएम बीएन सिंह ने बताया कि सेक्टर-16 स्थित ईटी इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के डब्ल्यूटीटी प्रोजेक्ट पर नोएडा प्राधिकरण का 58 करोड़ रुपये की किश्त बकाया थी. उसकी वसूली के लिए प्राधिकरण ने आरसी जारी की थी.
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उसके बाद दादरी तहसील के अफसरों ने कंपनी प्रबंधन पर दबाव बनाया. परिणामस्वरूप कंपनी ने 22.25 करोड़ का ड्रॉफ्ट सौंपा. आरसी जारी होने के बाद डीएम ने लगातार कम्पनी पर दबाव बनाया. मुनादी तक करा डाली. उसके बाद जिला प्रशासन को रविवार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी और जिले के इतिहास में ईटी इंफ्रा से सबसे बड़ी रिकवरी 22 करोड़ 25 लाख रुपये की वसूली दादरी के अफसरों ने की.
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गौरतलब है कि नोएडा प्रशासन द्वारा पहले भी कई बड़ी कार्रवाई की गई जा चुकी है. इससे पहले दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) प्रशासन ने विद्यार्थियों से अत्यधिक फीस वसूलने को लेकर 17 प्राइवेट स्कूलों पर 8.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. अधिकारियों ने यह जानकारी दी थी. गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा था कि एक लाख रुपये का सबसे अधिक जुर्माना नोएडा के जागरण पब्लिक स्कूल पर लगाया गया है. बयान में बताया गया था कि आठ स्कूलों पर, प्रत्येक पर 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इनमें सीएलएम पब्लिक स्कूल, गगन पब्लिक स्कूल, ग्रेटर हाइट्स पब्लिक स्कूल, धर्म पब्लिक स्कूल (ये चारों स्कूल ग्रेटर नोएडा में हैं), ग्रैड्स इंटरनेशनल स्कूल, श्री रवि शंकर विद्या मंदिर, कार्ल हूबर (ये तीनों स्कूल नोएडा के हैं) और भंगेल के एसडी पब्लिक स्कूल शामिल थे.
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इसमें कहा गया था कि स्व-वित्तपोषित स्कूलों के लिए उत्तर प्रदेश शुल्क नियमन कानून 2018 के प्रावधानों के तहत जिला शुल्क नियमन समिति के एक निर्णय के बाद 17 स्कूलों पर कुल 8.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. प्रशासन ने बताया था कि नोएडा के विश्व भारती पब्लिक स्कूल पर 50,000 रुपये का, जबकि रामाज्ञा पब्लिक स्कूल पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. प्रशासन के मुताबिक छह स्कूलों - रॉकवुड, जी डी गोयनका, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, एसेंट इंटरनेशनल, एपीजे इंटरनेशनल और रेयान इंटरनेशनल पर 10,000-10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. गौरतलब है कि हजारों बच्चों के परिजनों द्वारा निजी स्कूलों में अत्याधिक फीस वसूले जाने की शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सितंबर 2018 में सभी जिलों से ऐसे मामलों का संज्ञान लेने के लिए शुल्क नियमन समिति गठित करने का निर्देश जारी किया था. (अरविंद उत्तर के इनपुट के साथ)
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