- नसीमुद्दीन सिद्दीकी पांच फरवरी को समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे और कई पूर्व विधायक भी सपा में जाएंगे
- सिद्दीकी ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था और उससे पहले बीएसपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे
- सिद्दीकी को कांग्रेस में बड़े मुस्लिम चेहरे के रूप में माना गया, लेकिन पार्टी को उनसे कोई चुनावी लाभ नहीं मिला
उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी 5 फरवरी को समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे. उनके साथ कई पूर्व विधायक भी सपा की सदस्यता लेंगे. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्हें ज्वाइन कराएंगे. हाल ही में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, तभी से ये चर्चा थी कि वो समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं.
नसीमुद्दीन सिद्दीकी एक समय में बहुजन समाज पार्टी के दिग्गज और मायावती के करीबी नेता माने जाते थे, जिन्होंने बसपा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था. लेकिन इसके बाद उन्होंने कांग्रेस को भी अलविदा कह दिया.

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ने को व्यक्तिगत कारणों की वजह बताया था. अपने लिखित इस्तीफे पत्र में सिद्दीकी ने कहा था कि वे 'अपरिहार्य कारणों' से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया था कि कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी के खिलाफ उनकी कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि जिन उद्देश्यों के लिए वे पार्टी में शामिल हुए थे, वे पूरे नहीं हो रहे थे.

नसीमउद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में मंत्रिमंडल मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला. अपने जोशीले भाषण और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ के लिए जाने जाने वाले सिद्दीकी ने दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच काफी प्रभाव स्थापित किया है.
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