शिव की नगरी में वाराणसी में न तो मांस मिलेगा और न ही मछली. इसके लिए नगर निगम ने एक प्लान तैयार किया है. प्लान के तहत वाराणसी की सभी मीट-मांस और मछली की दुकानों को शहर के बाहर ले जाया जाएगा. यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि वाराणसी के लोगों को कोई परेशानी न हो.
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि वाराणसी नगर निगम ने शहर के मैनेजमेंट और साफ-सफाई को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत, शहर की सीमा के अंदर चल रही सभी मीट और मछली की दुकानों को शहर के बाहरी इलाकों में तय जगहों पर शिफ्ट करने का फैसला किया है.
जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को मैदागिन स्थित टाउन हॉल बिल्डिंग में मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में नगर निगम की गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.
क्या है प्लान?
श्रीवास्तव ने कहा कि शहर के विकास के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके दौरान सदस्यों ने मीट और मछली बाज़ारों को व्यवस्थित तरीके से शहर के बाहरी इलाकों में शिफ्ट करने की योजना का समर्थन किया.
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को जानकारी दी कि प्रोजेक्ट के पहले चरण में पांच जगहों की पहचान की गई है. उन्होंने कहा कि ये जगहें शहर की बाहरी सीमा के पास हैं ताकि निवासियों को कम से कम परेशानी हो.
कहां शिफ्ट होंगी दुकानें?
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत, अभी शहर के अंदर चल रही मीट और मछली की दुकानों को आने वाले दिनों में रामनगर, सुजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में शिफ्ट किया जाएगा.
ऐसा फैसला क्यों लिया गया?
उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद साफ-सफाई को बेहतर बनाना और ऐसे बाजारों के कामकाज को सुव्यवस्थित करना है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को ये चीजें आसानी से मिलती रहें.
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