सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
गाजीपुर:
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पार्टी में गुटबाजी और चुगलखोरी के खिलाफ आगाह करते हुए युवाओं का आह्वान किया कि आने वाले वक्त में वे ही पार्टी को आगे बढ़ाएंगे, लिहाजा वे अनुशासन में रहें और समाजवादी साहित्य पढ़कर खुद को भविष्य के लिए तैयार करें.
मुलायम ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने अभियान की शुरुआत करते हुए एक रैली में कहा, 'जहां तक सपा का सवाल है तो उसके सामने बहुत चुनौतियां हैं. ऐसी चुनौतियां हैं कि जिनका कहीं कुछ (प्रभाव) नहीं है, वे कानाफूसी करके पार्टी को कमजोर करना चाहते हैं. हमारे सामने कुछ कहेंगे, पीठ पीछे कुछ कहेंगे.'
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अनुशासन में रहकर सरकार और संगठन में हो रही गलतियों को उनके या किसी अन्य पदाधिकारी को बताएं. यह उनका अधिकार है, लेकिन इसके बावजूद लोग कानाफूसी और चुगलखोरी कर रहे हैं.
सपा प्रमुख ने तल्ख लहजे में कहा, 'दिमाग से गुटबाजी निकाल दो. इसके-उसके समर्थक बनने के बजाय समाजवादी पार्टी के बनकर रहो. पहचान हो गई है कि सपा के शुभचिंतक कौन हैं और गलत काम करने वालों के शुभचिंतक कौन हैं. हम जनता पर विश्वास करते हैं कि जनता हमारा साथ देगी. हम पार्टी की एकता चाहते हैं, स्पष्ट बहुमत की सरकार चाहते हैं, यह हमारा लक्ष्य है.'
उन्होंने कहा कि वह नौजवानों से कई बार कह चुके हैं कि आगे चलकर उन्हें ही पार्टी और सत्ता चलानी है, इसके लिए खुद को तैयार करें. समाजवादी साहित्य पढ़ें और उसकी नीतियों को समझें.
मुलायम के भाषण से पहले रैली स्थल पर सपा कार्यकर्ताओं के दो गुटों में तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सिया भी फेंकीं. बहरहाल, पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत किया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुलायम ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने अभियान की शुरुआत करते हुए एक रैली में कहा, 'जहां तक सपा का सवाल है तो उसके सामने बहुत चुनौतियां हैं. ऐसी चुनौतियां हैं कि जिनका कहीं कुछ (प्रभाव) नहीं है, वे कानाफूसी करके पार्टी को कमजोर करना चाहते हैं. हमारे सामने कुछ कहेंगे, पीठ पीछे कुछ कहेंगे.'
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अनुशासन में रहकर सरकार और संगठन में हो रही गलतियों को उनके या किसी अन्य पदाधिकारी को बताएं. यह उनका अधिकार है, लेकिन इसके बावजूद लोग कानाफूसी और चुगलखोरी कर रहे हैं.
सपा प्रमुख ने तल्ख लहजे में कहा, 'दिमाग से गुटबाजी निकाल दो. इसके-उसके समर्थक बनने के बजाय समाजवादी पार्टी के बनकर रहो. पहचान हो गई है कि सपा के शुभचिंतक कौन हैं और गलत काम करने वालों के शुभचिंतक कौन हैं. हम जनता पर विश्वास करते हैं कि जनता हमारा साथ देगी. हम पार्टी की एकता चाहते हैं, स्पष्ट बहुमत की सरकार चाहते हैं, यह हमारा लक्ष्य है.'
उन्होंने कहा कि वह नौजवानों से कई बार कह चुके हैं कि आगे चलकर उन्हें ही पार्टी और सत्ता चलानी है, इसके लिए खुद को तैयार करें. समाजवादी साहित्य पढ़ें और उसकी नीतियों को समझें.
मुलायम के भाषण से पहले रैली स्थल पर सपा कार्यकर्ताओं के दो गुटों में तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सिया भी फेंकीं. बहरहाल, पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत किया.
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