केशव प्रसाद मौर्या ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पहरेदार बनकर यह देखें कि इसमें किसी तरह का भ्रष्टाचार न आने पाए
इलाहाबाद:
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को दावा किया बहुजन समाज पार्टी ( बसपा) प्रमुख मायावती ने फूलपुर संसदीय क्षेत्र से उप चुनाव लड़ने का मन बनाया था, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक जीत के बारे में सोचकर वह पीछे हट गईं. अगर वह चाहें तो भतीजे (अखिलेश) को वहां से खड़ा करा दें, तब भी भाजपा ही जीतेगी.
जिले से करीब 40 किलोमीटर दूर गंगा पार सोरांव क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा,‘‘ हमने इस कार्यकर्ता सम्मेलन में अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे केंद्र और राज्य की योजनाओं का क्रियान्वन पूरी तरह से सुनिश्चित करें और पहरेदार बनकर यह देखें कि इसमें किसी तरह का भ्रष्टाचार न आने पाए.
पढ़ें: मायावती की राह रोकने के लिए केशव प्रसाद मौर्य बन सकते हैं मोदी सरकार में मंत्री!
उल्लेखनीय है कि केशव 2014 के आम चुनावों में फूलपुर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे और उत्तर प्रदेश में मंत्री बनने के बाद उनके लिए नियम के मुताबिक छह महीने के भीतर उत्तर प्रदेश विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य निर्वाचित होना आवश्यक है. ऐसी स्थिति में उन्हें फूलपुर संसदीय सीट छोड़नी पड़ेगी जिससे वहां उप चुनाव अपरिहार्य हो जाएगा.
उत्तर प्रदेश के सियासी हलकों में इस बात की चर्चाएं तेज रही हैं कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य केंद्र की सत्ता में जा सकते हैं. मायावती के राज्यसभा इस्तीफे के बाद इन अटकलों का बाजार गर्म है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जिले से करीब 40 किलोमीटर दूर गंगा पार सोरांव क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा,‘‘ हमने इस कार्यकर्ता सम्मेलन में अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे केंद्र और राज्य की योजनाओं का क्रियान्वन पूरी तरह से सुनिश्चित करें और पहरेदार बनकर यह देखें कि इसमें किसी तरह का भ्रष्टाचार न आने पाए.
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उल्लेखनीय है कि केशव 2014 के आम चुनावों में फूलपुर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे और उत्तर प्रदेश में मंत्री बनने के बाद उनके लिए नियम के मुताबिक छह महीने के भीतर उत्तर प्रदेश विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य निर्वाचित होना आवश्यक है. ऐसी स्थिति में उन्हें फूलपुर संसदीय सीट छोड़नी पड़ेगी जिससे वहां उप चुनाव अपरिहार्य हो जाएगा.
उत्तर प्रदेश के सियासी हलकों में इस बात की चर्चाएं तेज रही हैं कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य केंद्र की सत्ता में जा सकते हैं. मायावती के राज्यसभा इस्तीफे के बाद इन अटकलों का बाजार गर्म है.
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