- मुजफ्फरनगर के छात्र दिव्यांशु जाटराणा की हत्या के विरोध में किसान और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं
- भारतीय किसान यूनियन ने देहरादून में महापंचायत आयोजित की जिसमें कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए
- राकेश टिकैत ने आरोपियों को कठोर से कठोर सजा देने और उत्तराखंड को सुरक्षित शिक्षा केंद्र बनाए रखने की बात कही
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मुजफ्फरनगर के इंजीनियरिंग छात्र दिव्यांशु जाटराणा की हत्या के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. छात्र की मौत से नाराज परिजनों और किसानों ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है. इसी कड़ी में भारतीय किसान यूनियन ने देहरादून में महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग शामिल हुए. इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत भी पहुंचे और सरकार से आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की.
महापंचायत में उमड़ी भीड़, कई जिलों से पहुंचे लोग
भारतीय किसान यूनियन की ओर से आयोजित महापंचायत में मुजफ्फरनगर, शामली, हरिद्वार समेत उत्तराखंड के कई इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जहां प्रदर्शनकारियों ने दिव्यांशु जाटराणा को न्याय दिलाने की मांग उठाई. किसानों और समर्थकों ने कहा कि छात्र की हत्या ने न सिर्फ परिजनों बल्कि समाज को भी झकझोर कर रख दिया है. इस महापंचायत के दौरान न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से उठी.
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राकेश टिकैत बोले—दोषियों को मिले कठोर से कठोर सजा
महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वे सरकार से यह मांग करने आए हैं कि दिव्यांशु जाटराणा की हत्या में शामिल सभी आरोपियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक शांत प्रदेश है और देहरादून को शिक्षा का हब माना जाता है, जहां देश के कोने‑कोने से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं. ऐसे में इस तरह की घटना सभी के लिए चिंता का विषय है.
देहरादून को बताया शिक्षा का केंद्र
राकेश टिकैत ने कहा कि लोग अपने बच्चों को देहरादून इसलिए भेजते हैं ताकि वे यहां सुरक्षित और अच्छे माहौल में शिक्षा हासिल कर सकें. उन्होंने कहा कि जिस तरह से दिव्यांशु की हत्या हुई है, उससे छात्र और अभिभावक दोनों आहत हैं. टिकैत ने दोहराया कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
क्या है मामला
पुलिस के मुताबिक, प्रेमनगर क्षेत्र के एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के दो गुटों के बीच कथित तौर पर वर्चस्व को लेकर हुए संघर्ष में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला 22-वर्षीय दिव्यांशु जाटराणा गंभीर रूप से घायल हो गया था. बाद में दून अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी थी. 29 मार्च की खबर के मुताबिक पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में मृतक के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए चार आरोपियों को पहले ही गिरफ़्तार कर जेल भेजा जा चुका है. उसने बताया कि गिरफ़्तार आरोपियों से पूछताछ तथा सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी के आधार पर सात अन्य आरोपियों के नाम सामने आए.
(भाषा इनपुट्स के साथ)
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