फाइल फोटो
- बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा का बयान
- सपा-कांग्रेस ने की पूरी मदद
- बीजेपी ने दलित को हराया
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नई दिल्ली:
राज्यसभा चुनाव में 9वीं सीट में मिली हार से भले ही उत्तर प्रदेश में एसपी और बीसएपी को झटका लगा हो लेकिन क्या इस हार से दोनों के बीच दोस्ती और मजबूत हो सकती है? बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि उनको समाजवादी पार्टी से कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि योगी सरकार ने पैसे का इस्तेमाल किया और विधायकों को धमकाया भी है सिर्फ इस बात के लिए कि दलित को हराना चाहते थे.
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सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समर्थन में कोई कमी नहीं थी. उन्होंने अपने वोट हमें दिलवाए थे. बीएसपी नेता ने बातें 9वीं सीट का रिजल्ट आने के बाद मीडिया से कही हैं. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में बीएसपी ने समाजवादी पार्टी को समर्थन दिया था और नतीजा ये रहा कि दोनों ही जगहों से बीजेपी हार गई. बीएसपी और सपा के बीच यह नई दोस्ती करीब 25 साल बाद हुई है. राज्यसभा चुनाव में बीएसपी ने समाजवादी पार्टी से समर्थन की शर्त पर ही गोरखपुर और फूलपुर में मदद की थी.
वीडियो : 10वीं सीट की लड़ाई
वहीं बीजेपी को लगता है कि राज्यसभा चुनाव में बीएसपी की हार के बाद यूपी में सपा के नजदीक जा रही बीएसपी अब शक की नजर से देखेगी. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मौका देख सपा पर हमला करने से नहीं चूके. उन्होंने सपा को अवसरवादी पार्टी बताते हुआ कि वह ले सकती है लेकिन कुछ दे नहीं सकती. योगी के बयान से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह कहां निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने 9वीं सीट के प्रत्याशी को इसलिए हराया क्योंकि उनका नाम अंबेडकर था जो कि दलित थे. हम इस बात को जनता तक पहुंचाएंगे. ध्यान देने की बात ये है कि यही बात कुछ मिनट पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता घनश्याम तिवारी भी बोल रहे थे.
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सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समर्थन में कोई कमी नहीं थी. उन्होंने अपने वोट हमें दिलवाए थे. बीएसपी नेता ने बातें 9वीं सीट का रिजल्ट आने के बाद मीडिया से कही हैं. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में बीएसपी ने समाजवादी पार्टी को समर्थन दिया था और नतीजा ये रहा कि दोनों ही जगहों से बीजेपी हार गई. बीएसपी और सपा के बीच यह नई दोस्ती करीब 25 साल बाद हुई है. राज्यसभा चुनाव में बीएसपी ने समाजवादी पार्टी से समर्थन की शर्त पर ही गोरखपुर और फूलपुर में मदद की थी.
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वहीं बीजेपी को लगता है कि राज्यसभा चुनाव में बीएसपी की हार के बाद यूपी में सपा के नजदीक जा रही बीएसपी अब शक की नजर से देखेगी. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मौका देख सपा पर हमला करने से नहीं चूके. उन्होंने सपा को अवसरवादी पार्टी बताते हुआ कि वह ले सकती है लेकिन कुछ दे नहीं सकती. योगी के बयान से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह कहां निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने 9वीं सीट के प्रत्याशी को इसलिए हराया क्योंकि उनका नाम अंबेडकर था जो कि दलित थे. हम इस बात को जनता तक पहुंचाएंगे. ध्यान देने की बात ये है कि यही बात कुछ मिनट पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता घनश्याम तिवारी भी बोल रहे थे.
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