तीन तलाक मामले की मुख्य याचिकाकर्ता फराह फैज ने दारूल उलूम पर निशाना साधा है. उन्होंने दारूल उलूम को फतवों की फैक्ट्री बताते हुए कहा कि इनके फतवे महिलाओं को परेशान करने वाले होते हैं और पुरुषों को कभी कोई फतवा जारी नही किया जाता. फराह ने आरोप लगाया, ‘इनके फतवे केवल मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी दूभर करने के लिये होते हैं. कभी मुस्मिल महिलाओं के खानपान और वेशभूषा को लेकर फतवे जारी किये जाते हैं तो कभी ये फतवे उनकी शिक्षा तथा उनके बाहर काम करने को लेकर जारी होते हैं'.
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उन्होंने कहा, ‘इन फतवों में महिलाओं को दबाने का प्रयास किया जाता है. कभी भी महिलाओं को शिक्षित करने और उनकी समस्याओं के समाधान पर कोई फतवा नहीं दिया बल्कि महिलाओें के रास्ते में कोई न कोई रोड़ा अटकाने का काम जरूर किया जाता है.' फराह का कहना है, ‘इस्लाम में महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया गया है लेकिन ये लोग महिला को जलील और रुसवा करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते'. उन्होंने कहा, ‘एक ओर दारूल उलूम के मौलाना कहते हैं कि दारूल उलूम देवबंद दहशतगर्दी फैलाने का काम नही करता, लेकिन यह दहशतगर्दी नहीं तो और क्या है'. उन्होंने दावा किया कि यदि पुरुषों के खिलाफ फतवा जारी किया जाए तो घरेलू हिंसा पर अंकुश लगाया जा सकता है. (इनपुट- भाषा)
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