विज्ञापन

बाराबंकी-बहराइच के बीच बनेगा 4-लेन हाईवे, पीएम मोदी ने दे दी हरी झंडी, सिर्फ डेढ़ घंटे में पहुंचेंगे लखनऊ

यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के HAM मॉडल पर आधारित है. इसमें  निर्माण के दौरान 40% हिस्सा सरकार देगी. शेष 60% हिस्सा निजी विकासकर्ता द्वारा वहन किया जाएगा.

बाराबंकी-बहराइच के बीच बनेगा 4-लेन हाईवे, पीएम मोदी ने दे दी हरी झंडी, सिर्फ डेढ़ घंटे में पहुंचेंगे लखनऊ
Barabanki Bahraich highway (प्रतीकात्मक तस्वीर)
  • बाराबंकी से बहराइच तक 101.51 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग-927 निर्माण को ₹6,969.04 करोड़ में मंजूरी दी है
  • यह चार लेन का हाईवे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित किया जाएगा
  • परियोजना से बहराइच से लखनऊ का यात्रा समय डेढ़ घंटे तक कम होकर परिवहन लागत और ईंधन की बचत होगी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यूपी के विकास को नई गति देते हुए बाराबंकी से बहराइच के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-927 (NH-927) के निर्माण को मंजूरी दे दी है. ₹6,969.04 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख आर्थिक और लॉजिस्टिक केंद्रों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है. इस हाइवे के बनने के बाद बहराइच से लखनऊ का ट्रैवल टाइम सिर्फ डेढ़ घंटे रह जाएगा.

प्रोजेक्ट में खास क्या?

पीएम की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा स्वीकृत इस परियोजना की कुल लंबाई 101.51 किलोमीटर होगी. नियंत्रित पहुंच वाला 4-लेन हाईवे होगा. इसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना में लगभग 3,485.49 करोड़ रुपये की निर्माण लागत और भूमि अधिग्रहण के लिए अतिरिक्त 1,574.85 करोड़ रुपये शामिल हैं. प्रोजेक्ट की कुल लागत: ₹6,969.04 करोड़ है.

हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) क्या है?

यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के HAM मॉडल पर आधारित है. इसमें  निर्माण के दौरान 40% हिस्सा सरकार देगी. शेष 60% हिस्सा निजी विकासकर्ता द्वारा वहन किया जाएगा.

क्षेत्र को होने वाले बड़े लाभ

1. रोजगार के नए अवसर
इस विशाल निर्माण कार्य से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा. इस परियोजना से 36.54 लाख प्रत्यक्ष कार्यदिवस और 43.04 लाख अप्रत्यक्ष कार्यदिवस के नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

2. समय और ईंधन की बचत
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस सड़क मार्ग के बनने से बाराबंकी और बहराइच के शहरी क्षेत्रों में भीड़भाड़ की समस्या खत्म होगी. इससे यात्रा के समय में लगभग 1 घंटे की कमी आएगी. वाहनों की औसत गति बढ़ेगी और परिचालन लागत में गिरावट आएगी.  ईंधन दक्षता में सुधार होगा और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी.

3. भारत-नेपाल व्यापार को बढ़ावा
यह हाईवे केवल दो जिलों को नहीं जोड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा. नेपालगंज सीमा के माध्यम से भारत और नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण 'ट्रेड कॉरिडोर' बनेगा. रूपईडीहा भूमि बंदरगाह (Land Port) तक पहुंच सुगम होगी, जिससे सीमा पार व्यापार और निवेश में वृद्धि होगी.

4. क्षेत्रीय विकास
बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरस्थ जिलों के बीच संपर्क बेहतर होने से कृषि व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा.  

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com