- उत्तर प्रदेश के बांदा में एक प्राइवेट बस बिना हेडलाइट के केवल टॉर्च की रोशनी से रात में दौड़ती रही
- इस बस में यात्रियों की संख्या अधिक थी, लेकिन ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए खतरनाक सफर जारी था
- घटना बांदा-बबेरू रोड की है, जहां किसी राहगीर ने इस बस का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया
उत्तर प्रदेश के बांदा में रात के अंधेरे में दौड़ती बस यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ करती दिखी. सड़क पर सरपट दौड़ती प्राइवेट बस की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं. हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस बस में हेडलाइट की जगह टॉर्च की रोशनी के सहारे सफर तय किया जा रहा था. बस में सवारियां खचाखच भरी हुई थीं. उसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस के नियमों की धज्जियां उड़ाकर जिंदगियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
बिना हेडलाइट अंधेरे में दौड़ रही बस
सोचिए रात के अंधेरे में सड़क पर दौड़ रही बस में हेडलाइट अगर नहीं जलेगी तो ड्राइवर आगे ठीक से देख कैसे पाएगा. टॉर्च के सहारे क्या कोई बस सफर तय कर सकती है. इस बस का वीडियो वायरल होने के बाद अब जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
रात में बिना हेडलाइट टॉर्च की रोशनी में सड़क पर दौड़ती रही बस
— NDTV India (@ndtvindia) July 23, 2026
उत्तर प्रदेश के बांदा में रात के अंधेरे में दौड़ती एक प्राइवेट बस यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ करती नजर आई, हैरानी की बात यह है कि बस की हेडलाइट खराब थी और चालक टॉर्च की रोशनी के सहारे बस चला रहा था, बस में… pic.twitter.com/RMBecdxrkc
टॉर्च लाइट के सहारे सड़क पर दौड़ रही बस
बहुत ही हैरानी की बात है कि अंधेरी सड़क पर दौड़ती बस के आगे दिखाई दे रही रोशनी इसकी अपनी हेडलाइट की नहीं थी. रात के घने अंधेरे में सवारियों से भरी यह प्राइवेट बस एक छोटी सी टॉर्च की रोशनी के सहारे सड़क पर फर्राटा भर रही थी. हैरान करने वाली ये घटना बांदा-बबेरू रोड की है. किसी राहगीर ने इस खतरनाक सफर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
प्राइवेट बस संचालक की करतूत
बस संचालकों की यह करतूत सभी को हैरान कर रही है. ये तो बस में बैठी दर्जनों सवारियों की जान के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ है. इस वीडियो ने बांदा परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी की पोल खोल दी है. सवाल यह उठ रहा है कि दिन-रात चेकिंग का दावा करने वाले जिम्मेदारों की नजर इन बिना परमिट, बिना फिटनेस वाली इन बसों पर क्यों नहीं पड़ती? चिंता की बात ये है कि टॉर्च की रोशनी में बस ड्राइवर आगे कितनी दूरी पर देख सकता है. ये बस किसी भी बड़े हादसे का शिकार हो सकती थी.
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इनपुट- मनीष कुमार मिश्रा
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