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राम मंदिर का चढ़ावा चोरी वाले आरोपों पर टिन्नू यादव की सफाई, कहां से आया पैसा, ये भी बताया

टिन्नू यादव ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी वाले आरोपों पर सफाई दी है. उन्होंने बताया कि जिस प्रॉपर्टी को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उसे उन्होंने कैसे बनवाया.

राम मंदिर का चढ़ावा चोरी वाले आरोपों पर टिन्नू यादव की सफाई, कहां से आया पैसा, ये भी बताया
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर टिन्नू यादव की सफाई.
  • राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव ने चंदा चोरी के आरपों पर सफाई दी है
  • टिन्नू यादव ने सोशल मीडिया पर लगे आरोपों को पूरी तरह से झूठा और निराधार बताया
  • उन्होंने बताया कि जमीन 2008 में खरीदी गई थी और 2015-16 में उस पर निर्माण कराया गया था
लखनऊ:

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोप  राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव पर भी लगा है. दो दिन पहले ही उनके घर से सोना भी मिला था. उन्होंने अब वीडियो जारी कर सफाई दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोपों को झूठा और पूरी तरह से निराधार बताया. टिन्नू ने कहा कि उनके मकान के बारे में जो कुछ भी दिखाया जा रहा है वो भी गलत है. 50 करोड़ रुपये की जमीन के बारे में जो भी कहा जा रहा है उसे टिन्नू यादव ने निराधार बताया. उन्होंने कहा कि जिस प्रॉपर्टी की बात हो रही है उसका उन्होंने 2008 में बैनामा कराया था. 2015-16 में इस पर कंस्ट्रक्शन करवाया.

पैसा कहां से आया, टिन्नू यादव ने बताया

2019 में राम मंदिर पर फैसला आने के बाद उन्होंने अपनी इस जगह को एलएंडटी कंस्ट्रक्शन कंपनी को किराये पर दे दिया. दरअसल उसे जगह की जरूरत थी और उसका आवास खाली पड़ा था. वह उसके पास किराये पर रहा. टिन्नू यादव ने वीडियो के जरिए ये भी बताया है कि उनके पास इतना पैसा आया कहां से? उन्होंने कहा कि संगठन के काम करते हुए वह साइड से ऑटो का काम भी करते थे. ऑटो के काम से कमाई इनकम और संगठन के काम के लिए मिलने वाले मानदेय को इकट्ठा करके 2008 में उन्होंने ये जमीन खरीदी थी. 2015-16 में उन्होंने इसको बनवाया. 2029 में फैसला आने से पहले उन्होंने ये जगह बनकर तैयार हो गई थी. 

50 करोड़ की संपत्ति के आरोपों पर सफाई

टिन्नू यादव ने आगे बताया कि 2020 में जब एलएंडटी कंस्ट्रक्शन कंपनी आई तो उसे जगह की जरूरत थी. साजन नाम के शख्स से बात हुई तो पता चला कि कंपनी को 8 कमरे वाले आवास की जरूरत है. जिसके बाद उन्होंने अपनी खाली पड़ी जगह को उसे किराये पर दे दिया. बता दें टिन्नू ने एलएंडटी कंपनी का जिक्र किया, उससे ही राम मंदिर के निर्माण मके लिए श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सेवाएं लीं थीं.  टिन्नू ने बताया कि 1 साल तक उनका मकान कंपनी के पास रहा. यही उनकी आमनदनी का जरिया था. 50 करोड़ की संपत्ति के जो भी आरोप लग रहे हैं वे सभी निराधार हैं. उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों को सफाई देने का कोई मतलब नहीं है. ऐसे लोगों का फैसला भगवान करेंगे.

राम मंदिर से कैसे जुड़े टिन्नू यादव?

टिन्नू यादव ने बताया कि वह अयोध्या के ही रहने वाले हैं. उनकी उम्र 51 साल है. 1988 में ओटीसी (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रशिक्षण कार्यक्रम) करने के बाद 1993 में राम जन्म भूमि विश्व हिन्दू परिषद् से जुड़े. उनके साथ काम करते रहे. 2019 में रामजन्मभूमि का फैसला आया तो उनको पूरी तरह से मंदिर परिसर के सेवा कार्य में लगा दिया.

ये भी पढ़ें- अयोध्या में फॉर्महाउस, आलीशान बंगले से 50 करोड़ की दौलत तक... राम मंदिर 'चंदा चोरी' के 6 अहम किरदार, क्या-क्या आरोप 

लेखक के बारे में
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अजय कुमार दुबे
Senior Special Correspondent
पत्रकारिता में एक दशक का अनुभव. राजनीतिक, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम से जुड़ी खबरों में जिज्ञासा. उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों गतिविधियों पर पैनी नजर. एबी... और पढ़ें
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