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अलीगढ: लोन रिकवरी के लिए राजस्व अधिकारियों ने दी धमकी, हार्ट अटैक से हो गई शख्स की मौत

मृतक के परिजनों ने बताया कि 2014 में एक निजी बैंक से अपने 50 वर्ग मीटर के घर को गिरवी रखकर एक लाख रुपये का लोन लिया था. जिसका किस्त नियमित रूप से चुका रहे थे, लेकिन पैसे की किल्लत से एक महीने किस्त नहीं जमा कर पाए, जिस कारण घर पर आए रिकवरी अधिकारियों ने धमकी दी.

अलीगढ: लोन रिकवरी के लिए राजस्व अधिकारियों ने दी धमकी, हार्ट अटैक से हो गई शख्स की मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर.
  • अलीगढ़ में राजस्व अधिकारियों के घर पहुंचने के बाद दिहाड़ी मजदूर इस्माइल की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई.
  • इस्माइल ने 2014 में निजी बैंक से घर गिरवी रखकर ऋण लिया था और हाल में एक किस्त चुकाने में असमर्थ रहा था.
  • मजदूर के परिवार ने अधिकारियों पर उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाया तथा हत्या का मामला दर्ज कराया है.
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अलीगढ़:

यूपी के अलीगढ़ में बैंक लोन वसूली के सिलसिले में राजस्व अधिकारियों के घर पहुंचने पर 55 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. उनके परिवार ने अधिकारियों पर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. पुलिस ने बुधवार को यह जानकार दी. हालांकि, अधिकारियों ने मजदूर के परिवार द्वारा लगाए गए इन आरोपों से इनकार किया है. मृतक की पहचान इस्माइल के रूप में हुई है. उन्हें मंगलवार को एक लाख रुपये के ऋण की किस्त के भुगतान में चूक के बाद राजस्व अधिकारियों की एक टीम द्वारा तहसील कार्यालय ले जाया गया था.

मृतक के परिजन का हत्या का मामला दर्ज कराया

अधिकारियों ने बताया कि वहां उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. क्षेत्राधिकारी (सीओ) सर्वम सिंह ने कहा कि इस्माइल के परिवार ने मंगलवार शाम बन्ना देवी थाने में राजस्व अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि

सीओ ने पत्रकारों को बताया, 'मामले की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई.' इस्माइल की पत्नी शबाना परवीन के अनुसार, उनके पति ने 2014 में एक निजी बैंक से अपने 50 वर्ग मीटर के घर को गिरवी रखकर एक लाख रुपये का ऋण लिया था.

नियमित किस्त भर रहा था परिवार, पैसे की कमी से एक महीना चूका

उन्होंने बताया कि इस्माइल और उनका बेटा नियमित रूप से किस्तें चुका रहे थे, लेकिन हाल में वित्तीय बाधाओं के कारण एक किस्त के भुगतान में चूक हो गई थी. परवीन ने कहा कि बैंक ने इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसने बाद में राजस्व विभाग को वसूली के आदेश जारी किए.

अधिकारियों ने घर पहुंच कर दी थी धमकी

परवीन ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को जब वसूली टीम भीड़भाड़ वाले जीवनगढ़ इलाके में उनके घर पहुंची, तो अधिकारियों ने 'कठोर और धमकी भरी भाषा' का इस्तेमाल किया, जिससे इस्माइल को तनाव हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी उनके पति को अपने वाहन में राजस्व कार्यालय ले गए, जहां उनका स्वास्थ्य और बिगड़ गया.

प्रशासन ने परिजन के आरोपों का किया खंडन 

परवीन ने दावा किया, 'अधिकारियों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के बाद वह सदमे में चले गए.' हालांकि, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पंकज कुमार ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वसूली टीम ने कोई कठोर व्यवहार नहीं किया और इस्माइल नोटिस दिए जाने के बाद 'स्वयं' तहसील आए थे.इस्माइल के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं. परिवार ने उनकी मृत्यु के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है.

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