- AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने योगी सरकार पर कांवड़ यात्रा के रूट डायवर्ट करने को लेकर सवाल उठाए
- उन्होंने कहा कि नमाज रोकने वाले अधिकारी अब कांवड़ियों के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं
- शादाब ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस की दुकानों को बंद करने के आदेश पर भी आपत्ति जताई
कांवड़ यात्रा के लिए रूट डायवर्ट किए जाने और उन पर फूल बरसाने को लेकर AIMIM उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमलावर है. AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि सड़कों पर होने वाली 2 मिनट की ईद की नमाज रोकने वाले अधिकारी अब कांवड़ियों के लिए रूट डायवर्ट कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा के दौरान लोग नशे में चलते है. योगी सरकार उन पर कार्रवाई क्यों नहीं करती.
मुस्लिम नेता ने कहा कि बुलडोजर क्या सिर्फ मुस्लिमों पर ही चलेगा. शादाब ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस की दुकानें बंद करने वाले आदेश पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि मुस्लिमों का एनकाउंटर करने वाली पुलिस कांवड़ियों के पैर क्यों दबाएगी और उन पर फूल क्यों बरसाएगी. कांवड़ यात्रा के लिए विशेष इंतजाम करना गलत है. इसके लिए रूट डायवर्ट क्यों किया जा रहा है.
नमाज पर बड़ी बातें और कांवड़ियों पर फूलों की बारिश
शादाब ने कहा कि क्या भारत के संविधान में किसी एक आस्था को जगह दी गई है? भारत ने तो सबको बराबरी का अधिकार दिया है. जो लोग दो मिनट की नमाज पर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे और कहते थे कि हमने नमाज बंद करा दी. भारत के संविधान में ये प्रावधान कहां है कि किसी एक की आस्था पर आप कार्रवाई करेंगे. दूसरों की आस्था पर आप सरकारी पैसे से फूल बरसाएंगे.उन्होंने कहा कि जो अधिकारी मुकदमा दर्ज कर रहे थे और बड़ी-बड़ी बात कर रहे थे. वही अधिकारी अब सरकारी हेलीकॉप्टर से फूल बरसाएंगे और कांवड़ियों के पैर दबाते हुए नजर आएंगे. ये कौन सी पुलिस रूल बुक में लिखा है.
सावन में मांस पर रोक, क्या रमजान में शराब बंद कराएंगे?
उन्होंने कहा कि कुछ गुंडे आइडेंटिफिकेशन के नाम पर मुस्लिम दुकानदारों की दुकान पर जाकर चेकिंग कर रहे हैं. उनको ये अधिकार किसने दिया.ऐसा करने वाले वे हैं कौन. सावन के महीने में मांस की बिक्री पर रोक लगा दी, ये तो सिर्फ आपकी आस्था है. क्या आप रमजान में शराब पर भी पाबंदी लगाएंगे. इतना बड़ा कारोबार है, एक्सपोर्ट नहीं रुकेगा और न ही फाइव स्टार होटल्स आपकी बात मानेंगे, जहां पर चिकन- मटन होता है.
गरीब का काम ठप करवा देते हैं
लेकिन आप व्यापार करने वाले आम गरीब आदमी का काम 18-20 दिन के लिए ठप करवा देंगे, जिससे उसका घर चलता है. आप किसी एक आस्था को ही बड़ा क्यों बताना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि भारत का न कोई धर्म है और न कोई आस्था. सबकी अपनी निजी आस्थाएं हैं, उनका सम्मान होना चाहिए. ओवैसी के नेता ने कहा कि हम किसी की आस्था के खिलाफ नहीं है.लेकिन जब हमारी आस्था की बात आती है तो लोग उंगली उठाते हैं. लेकिन हम किसी की आस्था पर टिप्पणी नहीं करते. कांवड़ यात्रा के रूट डायवर्जन पर शादाब ने कहा कि जब पहले से एक मार्ग निश्चित है तो उनको ही सुरक्षित कर दीजिए. ज्यादा है तो डेडिकेट कॉरिडोर बना दीजिए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं