Women's Day 2026: हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. इसी दिशा में दिल्ली सरकार भी महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका मकसद उनकी सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है. इन योजनाओं के जरिए महिलाओं को यात्रा, शिक्षा और आर्थिक मदद जैसे कई लाभ दिए जा रहे हैं. आइए जानते हैं दिल्ली में महिलाओं के लिए चल रहीं कुछ ऐसी ही योजनाओं के बारे में-
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पिंक कार्ड
दिल्ली में महिलाओं की यात्रा को आसान और किफायती बनाने के लिए सरकार ने पिंक कार्ड की शुरुआत की है. यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के तहत आता है. इसके जरिए महिलाएं डीटीसी बसों में पूरी तरह मुफ्त यात्रा कर सकती हैं. इसके अलावा मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन में भी इसी कार्ड के जरिए डिजिटल भुगतान किया जा सकेगा. इस सिस्टम में तीन तरह के कार्ड बनाए गए हैं- पिंक कार्ड महिलाओं के लिए, ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास लेने वाले यात्रियों के लिए. इससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनती है.
मेरी पूंजी मेरा अधिकारलड़कियों की शिक्षा और उनके भविष्य को मजबूत बनाने के लिए 'मेरी पूंजी मेरा अधिकार' पहल भी शुरू की गई है. इसके तहत दिल्ली लाडली योजना से जुड़ी पुरानी लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए गए हैं. 40,000 से अधिक लाड़ली योजना की लाभार्थी बेटियों को 100.25 रुपये करोड़ की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी पढ़ाई में मदद करना और समाज में लैंगिक असमानता को कम करना है.
मुफ्त एलपीजी सिलेंडरमहिलाओं और उनके परिवारों को आर्थिक राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. राशन कार्ड धारक परिवारों को साल में दो बार मुफ्त एलपीजी सिलेंडर की सुविधा दी जा रही है. यह मदद होली और दिवाली के मौके पर दी जाती है. पहली किस्त के तौर पर होली से पहले परिवार के मुखिया के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए. इस योजना से खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को बड़ी राहत मिलती है.
लखपति बिटिया योजनाइस योजना में सरकार अलग-अलग चरणों में कुल 56 हजार रुपये जमा करेगी, जो ब्याज के साथ मिलकर अंत में 1 लाख रुपये बन जाएंगे. यह रकम सीधे बेटी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी. यह पैसा तब मिलेगा जब लड़की 21 साल की उम्र पूरी कर ले या फिर अपनी ग्रैजुएशन या डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी कर ले. यानी अलग-अलग फेज में सरकार की ओर से जमा कराए गए रुपये ग्रैजुएशन करने या उम्र 21 साल होने पर कुल 1 लाख रुपये बनकर लड़की के खाते में डाल दिए जाएंगे.
दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए कई अन्य योजनाओं पर भी काम कर रही है. इनमें मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना (प्रस्तावित) शामिल है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की योजना है. वहीं, स्वाधार योजना कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं को सहारा देने का काम करती है. इसके साथ ही कामकाजी महिलाओं और जरूरतमंदों के लिए महिला हॉस्टल और पुनर्वास केंद्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
इन सभी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, उनकी सुरक्षा बढ़ाना और उन्हें समाज में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है.
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