Zero Depreciation Insurance: जीरो डिप्रिसिएशन (Zero Dep) या निल डिप्रिसिएशन एक ऐसा ऐड‑ऑन है, जो आपकी कार इंश्योरेंस क्लेम में पार्ट्स की उम्र के हिसाब से होने वाली कटौती को खत्म कर देता है यानी अगर कोई पार्ट बदला जाता है, तो आपको उसका पूरा पैसा मिलता है, डिप्रिसिएशन काटा नहीं जाता. सामान्य पॉलिसी में पार्ट्स पुरानी होने पर आवेदन की रकम कम कर दी जाती है. Zero Dep इस कटौती को हटा देता है.
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Zero Dep सब कुछ कवर करता है
Zero Dep लेने से हर नुकसान का 100% पैसा मिलता है, यह पूरी तरह से भ्रम है, बल्कि सच यह है केवल पार्ट्स के डिप्रिसिएशन को हटाता है. यह कवर नहीं करता. जैसे ऑयल, ब्रेक फ्लूइड जैसी कंज्यूमेबल चीजें, कम्पल्सरी डिडक्टिबल, इंजन का नॉर्मल डैमेज, पहनने‑घिसने वाली चीजें और बड़ी एक्सक्लूजन वाली स्थितियां आदि.
यह इंश्योरेंस में अपने‑आप शामिल होता है
Comprehensive पॉलिसी के साथ Zero Dep अपने‑आप आता है यह पूरी तरह से भ्रम है. आपको इसे अलग से जोड़ना होता है या रिन्यूअल पर चुनना पड़ता है. अपने आप शामिल नहीं होता.
यह बहुत महंगा होता है
Zero Dep बहुत महंगा है, खरीदना फायदेमंद नहीं, ऐसा नहीं है. प्रीमियम थोड़ा बढ़ता है यानी लगभग 15–20%, लेकिन अगर एक्सीडेंट में पार्ट्स बदलने पड़ें तो आपका क्लेम काफी अधिक मिलता है. महंगी या नई कार वाले लोगों के लिए यह लाभदायक साबित होता है.
यह सिर्फ नई कारों के लिए होता हैऐसा नहीं है कि यह केवल नई कारों के लिए होता है. यह सबसे ज्यादा फायदेमंद नई या 5 साल तक की कारों के लिए है. कुछ कंपनियां इसे 7 साल तक भी देती हैं.
इस पर असीमित क्लेम किए जा सकते हैंZero Dep होने पर कितनी भी बार क्लेम कर सकते हैं, बल्कि सच यह है कि अधिकतर कंपनियां 1–2 बार ही Zero Dep क्लेम की अनुमति देती हैं. इसके बाद सामान्य कटौतियां लागू होती हैं.
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