अगर आपके घर में कोई मनरेगा के तहत काम करता है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है. अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह Viksit Bharat- G RAM G Act, 2025 लागू किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का मकसद गांवों में रोजगार बढ़ाना, काम में पारदर्शिता लाना और तकनीक की मदद से भ्रष्टाचार को कम करना है. ऐसे में गांवों में रहने वाले लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस नए कानून में क्या बदलाव किए गए हैं और इससे उन्हें क्या फायदे मिलने वाले हैं. आइए जानते हैं इस बारे में-
अब 100 नहीं, 125 दिन मिलेगा रोजगार
अभी तक मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती है. लेकिन 1 जुलाई 2026 से यह सीमा बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी. यानी जरूरतमंद परिवारों को पहले के मुकाबले 25 दिन ज्यादा काम मिल सकेगा.
कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?गांव में रहने वाला कोई भी परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल मजदूरी का काम करना चाहते हैं, इस योजना का लाभ ले सकेंगे. जिन लोगों के पास अभी मनरेगा जॉब कार्ड नहीं है, वे ग्राम पंचायत में आवेदन देकर नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बनवा सकेंगे.
काम कैसे मांग सकेंगे?विकसित भारत - जी राम जी - आत्मनिर्भर गांव का संकल्प
— Ministry of Rural Development, Government of India (@MoRD_GoI) June 15, 2026
विकसित भारत - जी राम जी के तहत अब कितने दिनों का रोज़गार मिलेगा?
विकसित भारत - जी राम जी के तहत अब 100 दिन रोज़गार की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन किया गया#VBGRAMG1July #VBGRAMG_1July #VBGRAMG #ViksitBharat_GRAMG #MoRD… pic.twitter.com/Vykaqj6Cp2
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के मुताबिक, रोजगार के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन किया जा सकेगा. आवेदन मौखिक, लिखित या डिजिटल माध्यम से भी दिया जा सकता है. पहले की तरह फॉर्म-6 का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा. आवेदन मिलने के बाद सरकार को 15 दिनों के अंदर काम देना होगा.
15 दिन में काम नहीं मिला तो मिलेगा भत्ताअगर आवेदन के 15 दिनों के अंदर रोजगार नहीं मिलता है, तो संबंधित व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा.
- पहले 30 दिनों तक मजदूरी दर का कम से कम एक-चौथाई हिस्सा भत्ते के रूप में मिलेगा.
- इसके बाद बाकी समय के लिए मजदूरी का कम से कम आधा हिस्सा दिया जाएगा.
इस भत्ते का भुगतान राज्य सरकार करेगी. वहीं, जिन मनरेगा श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, उनके मौजूदा जॉब कार्ड नए कार्ड मिलने तक मान्य रहेंगे. यानी नई व्यवस्था शुरू होने के बाद भी लोगों का काम नहीं रुकेगा.
तकनीक से होगी काम की निगरानीनई व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. इसके तहत-
- फेस ऑथेंटिकेशन से हाजिरी लगेगी
- मोबाइल के जरिए काम की निगरानी होगी
- लोकेशन के आधार पर योजनाएं बनाई जाएंगी
- रियल टाइम डैशबोर्ड पर जानकारी उपलब्ध होगी
- AI के जरिए आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा
- लोगों की भागीदारी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध होगा.
हालांकि, जहां नेटवर्क की समस्या होगी या तकनीकी दिक्कत आएगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था भी रहेगी.
मजदूरी का भुगतान कैसे होगा?1 जुलाई, 2026 से देशभर में लागू होगा विकसित भारत- जी राम जी
— Ministry of Rural Development, Government of India (@MoRD_GoI) June 14, 2026
पारदर्शिता एवं जवाबदेही के लिए डिजिटलाइजेशन एवं टेक्नोलॉजी का उपयोग
▶️बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
▶️मोबाइल-आधारित निगरानी
▶️स्थानिक-प्रौद्योगिकी-सक्षम आयोजना
▶️रियल-टाइम डैशबोर्ड
▶️एआई आधारित विश्लेषण
▶️नागरिक… pic.twitter.com/MF4uw8PvoX
मजदूरी सीधे श्रमिकों के बैंक खाते या डाकघर खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी जाएगी. कोशिश होगी कि भुगतान हर हफ्ते किया जाए और किसी भी स्थिति में 15 दिनों से ज्यादा देरी न हो. अगर मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं होता है, तो श्रमिकों को देरी का मुआवजा भी मिलेगा.
काम की जगह पर कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?सरकार के अनुसार, हर कार्यस्थल पर कुछ जरूरी सुविधाएं देना अनिवार्य होगा. जैसे-
- पीने का साफ पानी
- आराम करने की व्यवस्था
- बच्चों के लिए छाया और
- फर्स्ट एड बॉक्स.
इन सब से अलग कोशिश की जाएगी कि काम गांव से 5 किलोमीटर के दायरे में दिया जाए. अगर इससे ज्यादा दूरी पर काम मिलता है, तो मजदूरों को आने-जाने और रहने के खर्च के लिए मजदूरी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा.
किस तरह के काम किए जाएंगे?इस योजना के तहत ऐसे कामों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे गांवों का विकास हो सके. जैसे-
- जल संरक्षण और पानी से जुड़े काम
- ग्रामीण सड़कें और बुनियादी सुविधाओं का निर्माण
- लोगों की आजीविका बढ़ाने वाले काम
- बाढ़, सूखा और खराब मौसम से बचाव से जुड़े कार्य.
ऐसे में 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाला Viksit Bharat–G RAM G Act ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. इसमें रोजगार के दिनों को बढ़ाया गया है, तकनीक को जोड़ा गया है और श्रमिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने की कोशिश की गई है. इसलिए गांव के लोगों को अभी से इस नई व्यवस्था की जानकारी रखनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे इसका पूरा लाभ उठा सकें.
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