Vande Bharat Sleeper Fare Structure:लंबी दूरी की यात्रा करनी हो तो सबसे पहले दिमाग में यही चलता है कि टिकट कन्फर्म मिलेगा या नहीं. कहीं RAC में अटक न जाए या वेटिंग में फंसकर पूरा प्लान खराब न हो जाए. खासकर रात की यात्रा में यह चिंता और बढ़ जाती है. ऐसे ही सवालों के बीच अब रेलवे एक ऐसी ट्रेन लेकर आ रहा है जो इस झंझट को खत्म करने का दावा कर रही है.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन क्या है और क्यों खास है?
वंदे भारत एक्सप्रेस की कामयाबी के बाद अब रेलवे ने लंबी दूरी के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार कर ली है. यह भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी जो रात की यात्रा के लिए बनाई गई है. ट्रेन पूरी तरह एसी होगी और इसमें सफर करने वालों को प्रीमियम एक्सपीरिएंस मिलेगा. रेलवे का कहना है कि यह ट्रेन आम यात्रियों के लिए है न कि किसी खास के लिए.
इस ट्रेन में नहीं मिलेगा VIP कोटा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई VIP कोटा नहीं होगा. अफसरों मंत्रियों या बड़े अधिकारियों के लिए कोई अलग कोटा नहीं रखा गया है. यहां तक कि रेलवे के सीनियर अफसर भी पास का इस्तेमाल करके इस ट्रेन में सफर नहीं कर पाएंगे. यानी सभी यात्रियों के लिए नियम एक जैसे होंगे.
सिर्फ कन्फर्म टिकट मिलेगा न RAC न वेटिंग
इस ट्रेन में टिकट बुकिंग का तरीका पूरी तरह बदला गया है. वंदे भारत स्लीपर में न RAC होगा और न ही वेटिंग लिस्ट. रेलवे साफ कर चुका है कि सिर्फ कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे. अगर सीट उपलब्ध नहीं होगी तो टिकट मिलेगा ही नहीं. इससे यात्रियों को पहले ही पता रहेगा कि उनका सफर पक्का है या नहीं.
सभी सीटें पहले दिन ही बुकिंग के लिए खुलेंगी
रेलवे ने यह भी तय किया है कि वंदे भारत स्लीपर की सभी बर्थ पहले ही दिन बुकिंग के लिए खोल दी जाएंगी. एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन ही पूरी ट्रेन बुकिंग में आ जाएगी. इससे आखिरी समय की गड़बड़ी और कन्फ्यूजन नहीं रहेगा.
डिजिटल पेमेंट पर रहेगा जोर
रेलवे चाहता है कि इस ट्रेन के टिकट ज्यादा से ज्यादा डिजिटल तरीके से खरीदे जाएं. ऑनलाइन या डिजिटल पेमेंट से टिकट लेने पर अगर कैंसिलेशन होता है तो रिफंड भी जल्दी मिल सकेगा. विंडो से टिकट लेने पर भी डिजिटल पेमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी.
बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों को मिलेगा लोअर बर्थ का फायदा
रेलवे ने यह भी साफ किया है कि जहां संभव होगा वहां बुजुर्ग पुरुष यात्रियों को जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और महिलाओं को जिनकी उम्र 45 साल से ज्यादा है उन्हें लोअर बर्थ देने की कोशिश की जाएगी. अगर कोई यात्री छोटे बच्चे के साथ यात्रा कर रहा है और बच्चे के लिए अलग बर्थ नहीं ली गई है तो भी लोअर बर्थ मिलने की संभावना रहेगी.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया कैसे तय होगा?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया दूरी के हिसाब से तय किया गया है लेकिन इसमें एक खास नियम है. कम से कम 400 किलोमीटर का किराया देना जरूरी होगा भले ही आप उससे कम दूरी का सफर करें. किराया GST के अलावा होगा.
1AC 2AC और 3AC का बेस किराया
- रेलवे के मुताबिक 3AC का किराया 2.4 रुपये प्रति किलोमीटर होगा.
- 2AC के लिए 3.1 रुपये प्रति किलोमीटर और 1AC के लिए 3.8 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है.
- 400 किलोमीटर तक का न्यूनतम किराया 3AC में 960 रुपये 2AC में 1240 रुपये और 1AC में 1520 रुपये होगा.
हावड़ा से गुवाहाटी तक सफर का किराया
वंदे भारत स्लीपर का पहला रूट हावड़ा से कामाख्या यानी गुवाहाटी के पास तक होगा जिसकी दूरी करीब 958 किलोमीटर है.
- इस रूट पर 3AC का किराया करीब 2299 रुपये तय किया गया है.
- 2AC के लिए यात्रियों को करीब 2970 रुपये देने होंगे
- 1AC का किराया करीब 3640 रुपये होगा. इस पर 5 प्रतिशत GST अलग से लगेगा.
छोटे रूट पर कितना देना होगा
- अगर आप हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी जाते हैं तो 3AC का किराया 1334 रुपये होगा.
- हावड़ा से मालदा टाउन तक 3AC का किराया 960 रुपये रखा गया है.
- इन्हीं रूट पर 2AC का किराया 1724 रुपये और 1240 रुपये है.
- 1AC में यही सफर 2113 रुपये और 1520 रुपये में होगा.
मौजूदा ट्रेनों से कितना महंगी है वंदे भारत स्लीपर?
अगर मौजूदा ट्रेनों से तुलना करें तो वंदे भारत स्लीपर का किराया थोड़ा ज्यादा है. अभी सारा घाट एक्सप्रेस में हावड़ा से गुवाहाटी तक 3AC का अधिकतम किराया 1410 रुपये है जबकि वंदे भारत स्लीपर में यही सफर करीब 2299 रुपये का होगा. लेकिन रेलवे का कहना है कि ज्यादा किराए के बदले यात्रियों को ज्यादा सुविधा और भरोसेमंद सफर मिलेगा.
ट्रेन में क्या-क्या खास सुविधाएं मिलेंगी?
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आरामदायक बर्थ होंगी जिनमें बेहतर कुशन लगे होंगे.
- ट्रेन में अपने आप खुलने बंद होने वाले दरवाजे होंगे.
- सफर के दौरान शोर कम रहेगा और झटके भी कम महसूस होंगे.
- सुरक्षा के लिए कवच सिस्टम लगाया गया है.
- हर कोच में सीसीटीवी कैमरे होंगे और सफाई का खास ध्यान रखा जाएगा.
- यात्रियों को बेहतर क्वालिटी का कंबल और बेडरोल मिलेगा.
लोकल खाने और यूनिफॉर्म स्टाफ
इस ट्रेन में यात्रियों को लोकल स्वाद का खाना भी मिलेगा. ट्रेन का पूरा स्टाफ एक जैसी यूनिफॉर्म में होगा जिससे यात्रियों को पहचान में आसानी होगी. रेलवे का कहना है कि ट्रेन के अंदर भारत की संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी.
कब शुरू होगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?
रेलवे मंत्री के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल और टेस्ट पूरा हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी में ही हावड़ा से गुवाहाटी रूट पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं. इसके बाद दूसरे रूट पर भी ऐसी ट्रेनें धीरे धीरे शुरू की जाएंगी.
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