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देश के 17000 पुलिस थानों से जुड़ेगा SHE-Box, वर्कप्लेस पर छेड़खानी या ऑनलाइन हैरेसमेंट की तुरंत करें शिकायत, जानिए क्या है प्रोसेस

महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार SHe‑Box पोर्टल को देश के करीब 17,000 पुलिस थानों से जोड़ने की तैयारी कर रही है.

देश के 17000 पुलिस थानों से जुड़ेगा SHE-Box, वर्कप्लेस पर छेड़खानी या ऑनलाइन हैरेसमेंट की तुरंत करें शिकायत, जानिए क्या है प्रोसेस
SHE Box portal upgrade
file photo

SHe‑Box Update: भारत सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए SHe-Box (Sexual Harassment electronic Box) पोर्टल को अपग्रेड करने जा रही है. महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार SHe‑Box पोर्टल को देश के करीब 17,000 पुलिस थानों से जोड़ने की तैयारी कर रही है. जिससे कार्यस्थल यानी वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न या ऑनलाइन हैरेसमेंट की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. चलिए आपको बताते हैं कैसे काम करते है SHE-Box और इसका क्या प्रोसेस है?

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अब सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रहेगा दायरा

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित इस पोर्टल का दायरा अब बढ़ाया जा रहा है. नई व्यवस्था के तहत महिलाएं घर से दफ्तर जाते समय या लौटते वक्त होने वाले उत्पीड़न की शिकायत भी दर्ज कर सकेंगी. सरकार का उद्देश्य है कि महिलाओं को सुरक्षित और आसान तरीके से मदद मिल सके और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके. यह कदम महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.

SHe-Box पर शिकायत कैसे करें?

महिलाएं SHe-Box की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं. यह पोर्टल POSH अधिनियम, 2013 (कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न - रोकथाम, निषेध और निवारण) के तहत काम करता है, जो निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में सभी कार्यरत महिलाओं के लिए उपलब्ध है.

SHE-Box पोर्टल के मुख्य अपडेट और विशेषताएं

17000 थानों से जुड़ाव- शिकायत सीधे संबंधित क्षेत्र के पुलिस स्टेशन तक पहुंच जाएगी, जिससे कार्रवाई में तेजी आएगी.

तुरंत शिकायत- कामकाजी महिलाएं (निजी या सरकारी) अब वर्कप्लेस पर छेड़खानी, ऑनलाइन हैरेसमेंट या अन्य उत्पीड़न की रिपोर्ट तुरंत ऑनलाइन दर्ज करा सकती हैं.

गोपनीयता और सुरक्षा- शिकायत दर्ज कराने वाली महिला की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.

स्वचालित फॉरवर्डिंग- ऑनलाइन हैरेसमेंट या रास्ते में छेड़छाड़ की रिपोर्ट करने पर, शिकायत स्वतः संबंधित पुलिस स्टेशन को फॉरवर्ड हो जाएगी.

साइबर अपराध पर लगाम- यह पोर्टल ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों के लिए एक केंद्रीकृत मंच के रूप में काम करेगा.

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