Service Charge in Restaurant: वीकएंड पर परिवार या दोस्तों के साथ बाहर खाना खाना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन कई बार रेस्टोरेंट का बिल देखते ही मूड खराब हो जाता है. इसका बड़ा कारण बिल के आखिर में गुपचुप तरीके से जोड़ा गया सर्विस चार्ज होता है.
यदि आप भी अक्सर रेस्टोरेंट के बिल में सर्विस चार्ज देखकर परेशान होते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. दरअसल, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने साफ कर दिया है कि कोई भी होटल या रेस्तरां खाने के बिल में अपने आप सर्विस चार्ज जोड़ नहीं सकता है. यानी किसी भी ग्राहक को इसे देने के लिए मजबूर करना कानूनन पूरी तरह से गलत है.
CCPA ने 'चायोस' समेत 41 रेस्टोरेंट्स पर कसा शिकंजा
उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने वाले रेस्टोरेंट्स के खिलाफ सरकार अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुकी है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर मिली ढेरों शिकायतों के आधार पर सीसीपीए ने देशभर के 41 नामी रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू की है. इन शिकायतों के साथ ग्राहकों ने ऐसे बिल भी सबूत के तौर पर पेश किए थे, जिनमें उनकी सहमति के बिना सर्विस चार्ज वसूला गया था.
सीसीपीए ने जुर्माने के साथ पैसा वापस करने का दिया आदेश
नियमों की धज्जी उड़ाने के एक मामले में सीसीपीए ने मशहूर ब्रांड चायोस यानी सनशाइन टी हाउस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आदेश जारी करते हुए 50,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही प्राधिकरण ने पीड़ित उपभोक्ता से अवैध रूप से वसूला गए सर्विस चार्ज को भी ब्याज सहित वापस करने का निर्देश दिया है. साथ ही चायोस को अपने सभी आउटलेट्स के बिलिंग सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का आदेश दिया गया, ताकि भविष्य में कभी भी ग्राहकों के बिल में सर्विस चार्ज अपने आप न जुड़ सके. बाकी के अन्य 40 रेस्टोरेंट्स के मामलों में भी आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से जारी है.
सर्विस चार्ज को लेकर ये है गाइडलाइंस
केंद्र सरकार की ओर से 4 जुलाई 2022 को जारी किए गए आधिकारिक दिशानिर्देशों के मुताबिक सर्विस चार्ज को लेकर देश में बेहद सख्त नियम लागू हैं. इसके मुताबिक सर्विस चार्ज देना या न देना पूरी तरह से ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करता है. यह किसी भी रूप में अनिवार्य नहीं है. अगर कोई उपभोक्ता सर्विस चार्ज देने से मना करता है, तो रेस्टोरेंट प्रबंधन उसे होटल में प्रवेश देने या खाना परोसने से बिल्कुल भी मना नहीं कर सकता. ऐसा करना उपभोक्ता अधिकारों का हनन माना जाएगा. साथ ही रेस्टोरेंट को अपने मेन्यू कार्ड या डिस्प्ले बोर्ड पर साफ तौर पर लिखना होगा कि सर्विस चार्ज स्वैच्छिक है.
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बिल में गड़बड़ी दिखे, तो तुरंत शिकायत
अगर अगली बार किसी रेस्टोरेंट के बिल में आपको आपकी बिना मर्जी के सर्विस चार्ज जुड़ा हुआ दिखाई देता है, तो आप उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए आप सीधे राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के आधिकारिक टोल फ्री नंबर 1915 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा, आप उपभोक्ता मंत्रालय के आधिकारिक NCH प्लेटफार्म और ऐप के माध्यम से भी बिल की फोटो अपलोड करके ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं. जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित होटल या रेस्टोरेंट के खिलाफ न केवल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है, बल्कि उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जाता है. इसलिए एक जागरूक उपभोक्ता बनें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं.
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