- रेलवे अब भारत टैक्सी के साथ समझौता कर रेल वन ऐप से टिकट के साथ टैक्सी बुकिंग की सुविधा दे रहा है.
- रेल वन ऐप पर टिकट बुकिंग के दौरान स्टेशन पर उतरने के बाद भारत टैक्सी बुक करने का विकल्प मिलेगा.
- रेल वन ऐप सुपरएप के रूप में काम करता है और इससे प्रतिदिन लगभग छह लाख टिकट की बुकिंग होती है.
अब रेलवे स्टेशन से उतरने के बाद टैक्सी खोजने की जरुरत नहीं होगी. टैक्सी खुद आपका इंतजार करेगी. इसके लिए रेलवे अब भारत टैक्सी के साथ समझौता करने जा रहा है, जिसके तहत अब आने वाले समय में यात्री ट्रेन टिकट के साथ ही टैक्सी भी बुक कर सकेंगे. मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, समझौते के तहत आने वाले समय अब रेलवे के रेल वन एप से ही यात्री टिकट के साथ ही भारत टैक्सी बुकिंग की सुविधा होगी. इसको लेकर तैयारी की जा रही है.
कैसे होगी एप से टैक्सी की बुकिंग?
रेल वन ऐप पर टिकट की बुकिंग करते वक्त आपको जिस स्टेशन पर उतरना हैं वहां पर आगे की यात्रा का विकल्प मिलेगा. इस विकल्प में भारत टैक्सी का विंडो होगा, जिससे स्टेशन पर ही यात्रियों को भारत टैक्सी मिल जाएगी. आमतौर पर ट्रेन से उतरने के बाद स्टेशन से बाहर निकलकर यात्री ऑनलाइन या ऑफलाइन टैक्सी बुक करते हैं लेकिन अब रेलवे के कन्फर्म टिकट के साथ ही स्टेशन से आगे तक की यात्रा के लिए भारत टैक्सी का बुकिंग रेलवे टिकट की बुकिंग के साथ ही हो जाएगा.
रेलवे का सुपर एप
रेल वन एक सुपरएप की तरह काम करता है. पिछले साल 1 जुलाई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसको लॉन्च किया था. लॉन्चिंग के बाद महज 8 महीने से भी कम समय में इस एप्लीकेशन को 2 करोड़ से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है. रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) द्वारा विकसित यह ऐप तेजी से डाउनलोड किया जा रहा है और इससे प्रतिदिन करीब 6 लाख टिकट की बुकिंग हो रही है.
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क्यों कहा जा रहा सुपर एप?
रेलवे वन ऐप की खास बात यह है कि यह एक एकीकृत डिजिटल गेटवे के रूप में डिजाइन किया गया है. इससे आरक्षित, अनारक्षित, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन इंक्वायरी और पीएनआर स्टेटस जैसी सेवाओं को एक ही इंटरफेस में एकीकृत करता है.
रेल मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ऐप को भारत टैक्सी के साथ इंटीग्रेटेड किया जाएगा. रेलटेल के साथ मिलकर डेवलप किया जा रहे हैं इस इंटीग्रेशन का उद्देश्य स्टेशन परिसर के बाहर अफरा-तफरी को कम करना, पैसेंजर की यात्रा को सुविधाजनक बनाना और एक भरोसेमंद, पारदर्शी लास्ट माइल ट्रांसपोर्ट विकल्प देना है. रेलवे अधिकारी ने कहा कि सुविधा को देशभर में लागू करने की योजना है. लेकिन पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह अभी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लागू होगा. बाद में आए नतीजों से सबक लेते हुए इसको अन्य स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा.
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