No PUC No Fuel Policy: बढ़ते वायु प्रदूषण और खराब एयर क्वालिटी को देखते हुए एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने बड़ा फैसला लिया है. इसका असर दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के इलाकों में देखने को मिलेगा जिससे प्रदूषण कम करने में काफी मदद मिलेगी. बता दें कि आने वाले महीनों में दिल्ली-NCR में वैलिड PUC के बिना अब आप फ्यूल यानी डीजल-पेट्रोल नहीं भरवा पाएंगे. इसी कड़ी में आज हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि ये नियम कब से लागू होगा और इसकी निगरानी कैसे की जाएगी...
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बिना PUC के नहीं मिलेगी डीजल-पेट्रोल
वाहन चालकों को प्रदूषण नियमों का पालन कराने के लिए CAQM ने नया नियम लागू किया है. इसके तहत NCR के सभी पेट्रोल पंपों पर 1 अक्टूबर 2026 से 'No PUC, No Fuel' नीति लागू होगी. इस नियम के अनुसार, जिन वाहनों के पास वैलिड Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा. साथ ही वाहन पर PUC है कि नहीं इसकी वेरिफिकेशन भी की जाएगी. हालांकि, चिकित्सा आपात स्थिति, कानून व्यवस्था संबंधी कार्य, आपदा राहत अभियान या दिल्ली सरकार या संबंधित एनसीआर राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित अन्य स्थितियों जैसी असाधारण परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है.

पेट्रोल पंप पर लगेंगे ANPR कैमरे
अब पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे, जो वहां आने वाले वाहनों की पहचान आसानी से कर सकेंगे.
कैसे होगा वेरिफिकेशन?
ANPR कैमरे वाहन का नंबर प्लेट पढ़कर उसे केंद्रीय PUC डेटाबेस से मिलाएंगे. अगर वाहन का PUC सर्टिफिकेट सही और वैध होगा, तभी उसे पेट्रोल या डीजल दिया जाएगा.
With a view to curbing air pollution caused by vehicles operating without a valid Pollution Under Control Certificate (PUCC) in Delhi-NCR, the Commission for Air Quality Management in National Capital Region has issued the following directions: With effect from October 1, 2026,…
— ANI (@ANI) May 15, 2026
2027 से नहीं होंगे नए CNG/डीजल ऑटो के रजिस्ट्रेशन
बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए CAQM ने दिल्ली में 2027 से नए CNG/डीजल ऑटो का रजिस्ट्रेशन बंद करने का भी फैसला लिया है. ऑटो सेक्टर में अब इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर को बढ़ावा दिया जाएगा. नई गाइडलाइन के मुताबिक 2027 से दिल्ली में और 2028 से NCR के हाई व्हीकल डेंसिटी (HVD) जिलों में केवल इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर ही रजिस्टर किए जाएंगे. इस बदलाव का मकसद पेट्रोल-डीजल ऑटो और मालवाहक वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन लाकर प्रदूषण को कम करना है, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके.
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