दक्षिण दिल्ली में जब ज्यादातर लोग जल्दी-जल्दी अपनी राह चलते रहे, एक व्यक्ति ने रुकने का फैसला किया. शेख सराय की फुटपाथ पर बैठकर वह उन बच्चों को पढ़ाता है, जिन्हें ठीक से स्कूल जाने का मौका भी नहीं मिलता और यह सब वह बिना कैमरे, शोहरत या किसी प्रचार के करता है. अंशु कुमार द्वारा शेयर किए गए एक इंस्टाग्राम वीडियो में देखा जा सकता है कि वह व्यक्ति फुटपाथ पर बैठा है और उसके आसपास कुछ बच्चे बैठे हैं. न कोई क्लासरूम है, न ब्लैकबोर्ड, न कोई औपचारिक व्यवस्था, बस बच्चों की गोद में रखी नोटबुक और एक ऐसा शिक्षक जो बदलाव लाने की सच्ची कोशिश कर रहा है.
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वह आदमी जब एक नोटबुक पलटता है, तो उसके बगल में बैठी एक लड़की अपने काम पर पूरी तरह ध्यान लगाए रहती है. पास खड़े दो बच्चे थोड़ी देर के लिए खेल-खेल में बातें करने लगते हैं, लेकिन वह उन्हें नरमी से वापस पढ़ाई पर लाते हैं. वह शांत मन से नोटबुक वापस देता है, जैसे किसी अनुभवी शिक्षक का भरोसा और धैर्य उसके हर काम में दिखता हो.
वीडियो के कैप्शन में लिखा कि साउथ दिल्ली के शेख सराय कैप्चर किया गया, जब दुनिया जल्दी‑जल्दी आगे बढ़ रही है, कुछ लोग ठहरकर दया बांटते हैं. एक आदमी बेघर बच्चों को पढ़ा रहा है न शोहरत के लिए, न तालियों के लिए, सिर्फ इंसानियत के लिए. वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान कृष्णन कुमार के रूप में हुई है, जो एक PGT (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) हैं. वे अपने खाली समय में इलाके के बेघर बच्चों को पढ़ाते हैं. कई लोगों को सबसे ज्यादा यह बात प्रभावित कर गई कि वह यह सब बिना किसी प्रचार, बिना ध्यान आकर्षित किए, बिल्कुल चुपचाप कर रहे हैं, सिर्फ बच्चों की भलाई के लिए.
पोस्ट में आगे लिखा कि ऐसे लोग हमें याद दिलाते हैं कि दुनिया में अच्छाई अभी भी मौजूद है. हमें आप पर गर्व है, सर और धन्यवाद, इस कभी‑कभी स्वार्थी हो जाने वाली दुनिया की तरफ से. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलता गया और लोग इस दिल छू लेने वाले काम की खूब तारीफ करने लगे. एक यूजर ने लिखा, “एक सच्चे जेंटलमैन, जो बिना किसी उम्मीद के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं” दूसरे ने कहा, “जब हम कहते हैं कि इस दुनिया में अभी भी अच्छे लोग हैं, तो ऐसे ही लोगों की बात करते हैं”