आज के समय में म्यूचुअल फंड एसआईपी आम निवेशकों का सबसे पसंदीदा निवेश तरीका बन चुकी है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि इसमें एक साथ बड़ा पैसा लगाने की जरूरत नहीं होती. आप हर महीने छोटी रकम से निवेश शुरू कर सकते हैं और धीरे धीरे एक बड़ा फंड बना सकते हैं. यही कारण है कि नौकरी करने वाले, छोटे निवेशक और पहली बार निवेश करने वाले लोग SIP को ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
1000 रुपये की SIP से 10 लाख कैसे बन सकते हैं?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि जो पैसा हम हर महीने SIP में डालते हैं उससे कब तक अच्छा फंड बनेगा. इसी सवाल का जवाब SIP कैलकुलेशन देता है. अगर आप हर महीने सिर्फ 1000 रुपये की SIP शुरू करते हैं और लंबे समय तक निवेश बनाए रखते हैं तो समय के साथ आपका पैसा बढ़ सकता है.
SIP कैलकुलेशन से समझिए पूरा हिसाब
- अगर कोई निवेशक हर महीने 1000 रुपये SIP में लगाता है और उसे सालाना करीब 12 फीसदी का रिटर्न मिलता है तो 10 लाख रुपये का फंड बनाने में करीब 21 साल का समय लग सकता है.
- इन 21 सालों में निवेशक कुल 2 लाख 52 हजार रुपये निवेश करेगा.
- वहीं अनुमान के हिसाब से उसे करीब 11 लाख 39 हजार रुपये मिल सकते हैं. इसमें करीब 8 लाख 87 हजार रुपये सिर्फ रिटर्न हो सकता है.
- अगर आप हर साल अपनी SIP राशि में सिर्फ 10% की बढ़ोतरी (Step-up SIP) करते हैं, तो ₹10 लाख का यह फंड आप 21 साल के बजाय और भी कम समय में बना कर सकते हैं.
यह समझना बहुत जरूरी है कि म्यूचुअल फंड में मिलने वाला रिटर्न तय नहीं होता. SIP का रिटर्न शेयर बाजार के उतार चढ़ाव पर निर्भर करता है. कभी रिटर्न ज्यादा हो सकता है और कभी कम. लेकिन लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों को आमतौर पर बेहतर नतीजे देखने को मिलते हैं.
बाजार गिरने पर SIP बंद करें या नहीं
अक्सर देखा जाता है कि जब शेयर बाजार गिरता है तो SIP निवेशक घबरा जाते हैं और अपनी SIP रोकने का सोचने लगते हैं. लेकिन यह सबसे बड़ी गलती मानी जाती है. म्यूचुअल फंड में फायदा लंबे समय में मिलता है. बाजार गिरने का समय SIP बंद करने का नहीं बल्कि निवेश जारी रखने का होता है.
जब बाजार नीचे जाता है तो उस समय शेयर सस्ते दाम पर मिलते हैं. ऐसे समय में की गई SIP भविष्य में ज्यादा फायदा दे सकती है. यही वजह है कि बाजार की गिरावट को डर की नहीं बल्कि मौके की तरह देखना चाहिए.
सही फंड चुनना भी जरूरी
हर निवेशक को अपनी जरूरत और जोखिम के हिसाब से फंड चुनना चाहिए. अगर कोई ज्यादा मुनाफा चाहता है तो वह इक्विटी फंड की तरफ देख सकता है. अगर जोखिम कम रखना चाहता है तो डेट या हाइब्रिड फंड बेहतर विकल्प हो सकते हैं.
इसके अलावा कुछ लोग डिजिटल गोल्ड जैसे ETF में भी निवेश करते हैं. छोटी रकम से शुरू किया गया निवेश लंबे समय में बड़ा फंड बना सकता है. जरूरी है कि निवेश के दौरान घबराहट में फैसले न लिए जाएं और सही फंड में लंबे समय तक निवेश जारी रखा जाए.
(Disclaimer-म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों से जुड़ा होता है. निवेश करने से पहले किसी जानकार या निवेश सलाहकार से सलाह जरूर लें.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं