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बिस्कुट बिक्री

'बिस्कुट बिक्री' - 2 News Result(s)
  • क्यों नहीं बिक रहा पारले-जी? जानिए 1 रुपये और 3 बिस्कुट की कहानी

    क्यों नहीं बिक रहा पारले-जी? जानिए 1 रुपये और 3 बिस्कुट की कहानी

    कंपनी की दलील है कि मार्केट में डिमांड कम होने के चलते उसका माल कम बिक रहा है. हमने जानने की कोशिश की कि आखिर पारले जी जैसा बिस्कुट क्यों नहीं बिक रहा है? हम पहुंचे साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया. साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश का एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है. यहां करीब 10,000 कारखाने हैं जिनमें करीब ढाई लाख मजदूर काम करते हैं.

  • बिस्कुट खाने में पहले स्थान पर महाराष्ट्र के लोग, दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश और फिर उत्तराखंड

    बिस्कुट खाने में पहले स्थान पर महाराष्ट्र के लोग, दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश और फिर उत्तराखंड

    देशभर में लोग प्रत्येक वर्ष 36 लाख टन बिस्कुट खाते हैं. इनमे सबसे अधिक बिस्कुट के शौकीन लोग महाराष्ट्र में है. महाराष्ट्रवासी एक साल में एक लाख नब्बे टन बिस्कुट खाते हैं जबकि सबसे कम बिस्कुट खाने वालों में पंजाब और हरियाणा के लोग हैं. बिस्कुट मैन्यूफैक्चर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अनुसार देश में गत वर्ष 36 लाख टन बिस्कुट की खपत हुई, इसमें हर साल आठ से दस प्रतिशत की वृद्धि हो रही है. एक अनुमान के अनुसार देश में बिस्कुट की बिक्री 37,500 करोड़ रुपये की बिक्री सालाना हो रही है.

'बिस्कुट बिक्री' - 2 News Result(s)
  • क्यों नहीं बिक रहा पारले-जी? जानिए 1 रुपये और 3 बिस्कुट की कहानी

    क्यों नहीं बिक रहा पारले-जी? जानिए 1 रुपये और 3 बिस्कुट की कहानी

    कंपनी की दलील है कि मार्केट में डिमांड कम होने के चलते उसका माल कम बिक रहा है. हमने जानने की कोशिश की कि आखिर पारले जी जैसा बिस्कुट क्यों नहीं बिक रहा है? हम पहुंचे साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया. साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश का एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है. यहां करीब 10,000 कारखाने हैं जिनमें करीब ढाई लाख मजदूर काम करते हैं.

  • बिस्कुट खाने में पहले स्थान पर महाराष्ट्र के लोग, दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश और फिर उत्तराखंड

    बिस्कुट खाने में पहले स्थान पर महाराष्ट्र के लोग, दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश और फिर उत्तराखंड

    देशभर में लोग प्रत्येक वर्ष 36 लाख टन बिस्कुट खाते हैं. इनमे सबसे अधिक बिस्कुट के शौकीन लोग महाराष्ट्र में है. महाराष्ट्रवासी एक साल में एक लाख नब्बे टन बिस्कुट खाते हैं जबकि सबसे कम बिस्कुट खाने वालों में पंजाब और हरियाणा के लोग हैं. बिस्कुट मैन्यूफैक्चर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अनुसार देश में गत वर्ष 36 लाख टन बिस्कुट की खपत हुई, इसमें हर साल आठ से दस प्रतिशत की वृद्धि हो रही है. एक अनुमान के अनुसार देश में बिस्कुट की बिक्री 37,500 करोड़ रुपये की बिक्री सालाना हो रही है.