Royal Tradition
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600 किलो सोना दान करने वाले दरभंगा राज की अभी कितनी संपत्ति, आखिरी महारानी के निधन के बाद अब कौन होगा वारिस?
- Monday January 12, 2026
- Written by: प्रभांशु रंजन
लंदन से लेकर भारत में कोई ऐसा बड़ा शहर नहीं रहा होगा जहां दरभंगा राज परिवार का दरभंगा हाउस के नाम से अपना आवास न रहा हो. बनारस का दरभंगा घाट आज भी इस राजवंश की प्रभूता का गवाह बना हुआ है.
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दरभंगा रियासत की आखिरी महारानी कामसुंदरी देवी का निधन, 8 साल की उम्र में बनी थी महाराजा की तीसरी पत्नी
- Monday January 12, 2026
- Reported by: Pramod Gupta, Edited by: Ashwani Shrotriya
दरभंगा राज की अंतिम महारानी महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार तड़के स्थानीय कल्याणी निवास में निधन हो गया. वह 94 वर्ष की थीं और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं.
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लखनऊ के वो 10 व्यंजन जो UNESCO तक पहुंचे, नवाबी स्वाद को मिली वैश्विक पहचान
- Saturday November 1, 2025
- Written by: अवधेश पैन्यूली
UNESCO ने लखनऊ की पाक कला को पहचाना और उसे दुनिया के 70 गैस्ट्रोनॉमी शहरों में शामिल किया. कौन से ऐसे व्यंजन हैं जिन्होंने लखनऊ को यह वैश्विक पहचान दिलाई? आइए जानते हैं उन 10 खास व्यंजनों के बारे.
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शीरमाल: रोटी या मिठाई? जानिए इस नवाबी डिश की कहानी, लखनऊ के 3 ऐसे ठिकाने जहां आज भी शाही है Sheermal का स्वाद
- Saturday November 1, 2025
- Written by: अवधेश पैन्यूली
Sheermal Roti History: इस सम्मान के पीछे कई व्यंजन हैं, लेकिन एक ऐसा नाम है जो अक्सर चर्चा से बाहर रह जाता है शीरमाल. यह एक ऐसी रोटी है जो दिखने में साधारण लगती है, लेकिन स्वाद में शाही है. सवाल उठता है क्या शीरमाल रोटी है या मिठाई? आइए जानते हैं इसकी कहानी.
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भारत का शाही तोहफा, घाना के स्पीकर को भेंट में मिला मिनिएचर एलीफेंट अंबावरी
- Thursday July 3, 2025
- Written by: शालिनी सेंगर
भारत सरकार ने घाना के स्पीकर को एक बेहद खूबसूरत शिल्पकला भेंट की है, जो कि है मिनिएचर एलीफेंट अंबावरी. यह शिल्प भारत की समृद्ध विरासत, शाही परंपरा और उत्कृष्ट कारीगरी का प्रतीक है.
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मैसूर का शाही दशहरा जिसमें न तो राम होते हैं न ही रावण
- Friday October 23, 2015
- Reported by Nehal Kidwai, Edited by Suryakant Pathak
अन्य स्थानों के दशहरे के आयोजन से मैसूर के आयोजन में सबसे बड़ा अंतर यह है कि यहां रावण के पुतले का दहन नहीं होता। यहां दशहरा देवी चामुंडा द्वारा राक्षस महिसासुर का वध करने पर मनाया जाने वाला पर्व है।
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600 किलो सोना दान करने वाले दरभंगा राज की अभी कितनी संपत्ति, आखिरी महारानी के निधन के बाद अब कौन होगा वारिस?
- Monday January 12, 2026
- Written by: प्रभांशु रंजन
लंदन से लेकर भारत में कोई ऐसा बड़ा शहर नहीं रहा होगा जहां दरभंगा राज परिवार का दरभंगा हाउस के नाम से अपना आवास न रहा हो. बनारस का दरभंगा घाट आज भी इस राजवंश की प्रभूता का गवाह बना हुआ है.
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दरभंगा रियासत की आखिरी महारानी कामसुंदरी देवी का निधन, 8 साल की उम्र में बनी थी महाराजा की तीसरी पत्नी
- Monday January 12, 2026
- Reported by: Pramod Gupta, Edited by: Ashwani Shrotriya
दरभंगा राज की अंतिम महारानी महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार तड़के स्थानीय कल्याणी निवास में निधन हो गया. वह 94 वर्ष की थीं और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं.
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- Saturday November 1, 2025
- Written by: अवधेश पैन्यूली
UNESCO ने लखनऊ की पाक कला को पहचाना और उसे दुनिया के 70 गैस्ट्रोनॉमी शहरों में शामिल किया. कौन से ऐसे व्यंजन हैं जिन्होंने लखनऊ को यह वैश्विक पहचान दिलाई? आइए जानते हैं उन 10 खास व्यंजनों के बारे.
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शीरमाल: रोटी या मिठाई? जानिए इस नवाबी डिश की कहानी, लखनऊ के 3 ऐसे ठिकाने जहां आज भी शाही है Sheermal का स्वाद
- Saturday November 1, 2025
- Written by: अवधेश पैन्यूली
Sheermal Roti History: इस सम्मान के पीछे कई व्यंजन हैं, लेकिन एक ऐसा नाम है जो अक्सर चर्चा से बाहर रह जाता है शीरमाल. यह एक ऐसी रोटी है जो दिखने में साधारण लगती है, लेकिन स्वाद में शाही है. सवाल उठता है क्या शीरमाल रोटी है या मिठाई? आइए जानते हैं इसकी कहानी.
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भारत का शाही तोहफा, घाना के स्पीकर को भेंट में मिला मिनिएचर एलीफेंट अंबावरी
- Thursday July 3, 2025
- Written by: शालिनी सेंगर
भारत सरकार ने घाना के स्पीकर को एक बेहद खूबसूरत शिल्पकला भेंट की है, जो कि है मिनिएचर एलीफेंट अंबावरी. यह शिल्प भारत की समृद्ध विरासत, शाही परंपरा और उत्कृष्ट कारीगरी का प्रतीक है.
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मैसूर का शाही दशहरा जिसमें न तो राम होते हैं न ही रावण
- Friday October 23, 2015
- Reported by Nehal Kidwai, Edited by Suryakant Pathak
अन्य स्थानों के दशहरे के आयोजन से मैसूर के आयोजन में सबसे बड़ा अंतर यह है कि यहां रावण के पुतले का दहन नहीं होता। यहां दशहरा देवी चामुंडा द्वारा राक्षस महिसासुर का वध करने पर मनाया जाने वाला पर्व है।
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