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New Criminal Law

'New Criminal Law' - 25 News Result(s)
  • उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नए आपराधिक कानूनों के बारे में चिदंबरम की टिप्पणी की आलोचना की

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नए आपराधिक कानूनों के बारे में चिदंबरम की टिप्पणी की आलोचना की

    उपराष्ट्रपति ने यहां भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “क्या संसद में हम अकुशल लोग हैं? यह संसद की सूझ-बूझ का अपमान है, जिसके लिए कोई माफी नहीं है...मेरे पास ऐसी सोच और एक सांसद को अकुशल कहे जाने की निंदा करने के लिए शब्द नहीं हैं.”

  • नए आपराधिक कानून के तहत देशभर में अलग-अलग राज्यों में कब-कब दर्ज हुई पहली FIR, देखें लिस्ट

    नए आपराधिक कानून के तहत देशभर में अलग-अलग राज्यों में कब-कब दर्ज हुई पहली FIR, देखें लिस्ट

    पहले आईपीएस, सीआरपीसी और इंडियन एविडेंस एक्ट होते थे लेकिन अब इन धाराओं को खत्म कर दिया है और इनकी जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) ने ले ली है.

  • नए कानून में कितने दिन की रिमांड और हिरासत, जान लीजिए हर एक बात

    नए कानून में कितने दिन की रिमांड और हिरासत, जान लीजिए हर एक बात

    अमित शाह ने कहा कि नए कानूनों (New Criminal Law) से "सजा के बजाय न्याय" और "देरी के बजाय तुरंत सुनवाई" सुनिश्चित होगी. उन्होंने कहा कि FIR दर्ज होने के तीन साल के भीतर "सर्वोच्च न्यायालय के स्तर तक" न्याय दिया जाएगा.

  • आज से लागू 3 नए आपराधिक कानूनों में क्या-क्या, अमित शाह ने डिटेल में बताया, पढ़ें

    आज से लागू 3 नए आपराधिक कानूनों में क्या-क्या, अमित शाह ने डिटेल में बताया, पढ़ें

    अमित शाह ने कहा, "राजद्रोह को हमने जड़ से समाप्त कर दिया है. पहले सरकार के खिलाफ बयान देना गुनाह था. ये कानून सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली का सृजन करेगी".

  • क्या है Zero FIR, नए कानूनों के तहत दर्ज करवाने का नियम और इसके फायदे भी जानें

    क्या है Zero FIR, नए कानूनों के तहत दर्ज करवाने का नियम और इसके फायदे भी जानें

    नए कानून लागू होने के बाद अब कोई भी पीड़ित क्राइम होने की स्थिति में किसी भी थाने में जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज करा सकेगा. 15 दिनों के भीतर इसे  मूल जूरिडिक्शन, यानी जहां क्राइम हुआ है, उस एरिया में भेजना होगा.

  • नए कानून लागू होने के बाद घर बैठे FIR कैसे लिखवाएं, यहां जानें पूरा प्रोसेस

    नए कानून लागू होने के बाद घर बैठे FIR कैसे लिखवाएं, यहां जानें पूरा प्रोसेस

    Three Criminal Law: अगर आप किसी अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है.घर बैठे ही किस तरह से FIR दर्ज करवाई जा सकती है, जानें.

  • दिल्‍ली में नए कानून के तहत पहली FIR, कमला मार्किट थाने में हुई दर्ज

    दिल्‍ली में नए कानून के तहत पहली FIR, कमला मार्किट थाने में हुई दर्ज

    दिल्‍ली में नए कानून के तहत पहली FIR कमला मार्किट थाने में दर्ज हुई है. पुलिस ने नए कानून BNS की धारा 285 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

  • मर्डर अब '302' नहीं, '103'...  IPC खत्म, आज से लागू हो गए कानून, हर एक बात जानिए

    मर्डर अब '302' नहीं, '103'... IPC खत्म, आज से लागू हो गए कानून, हर एक बात जानिए

    देश में सोमवार, 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो जाएंगे. कानून की यह संहिताएं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) हैं. नए कानूनों में कुछ धाराएं हटा दी गई हैं तो कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं. कानून में नई धाराएं शामिल होने के बाद पुलिस, वकील और अदालतों के साथ-साथ आम लोगों के कामकाज में भी काफी बदलाव आ जाएगा. 

  • 1 जुलाई से नए आपराधिक कानून होंगे लागू, जानें क्या-क्या बदल जाएगा

    1 जुलाई से नए आपराधिक कानून होंगे लागू, जानें क्या-क्या बदल जाएगा

    नए कानूनों में, महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले अपराध पीड़ितों को सभी अस्पतालों में निशुल्क प्राथमिक उपचार या इलाज मुहैया कराया जाएगा. यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि पीड़ित को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल तुरंत मिले.

  • ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को किस बात पर लिखी चिट्ठी? क्या संसद सत्र में इसी पर होगा सबसे बड़ा घमासान

    ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को किस बात पर लिखी चिट्ठी? क्या संसद सत्र में इसी पर होगा सबसे बड़ा घमासान

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में भी दखलअंजादी लगातार बनाए रखती हैं. अब नये आपराधिक कानूनों का मामला उठाकर उन्होंने अन्य दलों से बाजी मार ली है...पढ़िए रिपोर्ट

  • नए आपराधिक कानून लागू करने का फैसला लेने से पहले पर्याप्त विचार विमर्श किया गया: अर्जुन राम मेघवाल

    नए आपराधिक कानून लागू करने का फैसला लेने से पहले पर्याप्त विचार विमर्श किया गया: अर्जुन राम मेघवाल

    मेघवाल ने कहा, 'कुछ लोग दावा करते हैं कि उनसे परामर्श नहीं किया गया, यह गलत है. औपनिवेशिक कानूनों में बदलाव की मांग लंबे समय से चली आ रही है और यह प्रक्रिया बहुत पहले शुरू हो गई थी.'

  • लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

    लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

    लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि महिला उत्पीड़न के झूठे आरोपों पर लगाम के लिए केंद्र भारतीय न्याय संहिता में बदलाव पर विचार करे. केंद्र झूठी शिकायतें दर्ज करने को रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 86 में आवश्यक बदलाव करने पर विचार करे.

  • केंद्र ने नये आपराधिक कानूनों के बारे में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए राज्यों से मांगी मदद

    केंद्र ने नये आपराधिक कानूनों के बारे में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए राज्यों से मांगी मदद

    गृह मंत्रालय ने कहा कि वह पुलिस और जेल अधिकारियों को नए कानूनों के बारे में शिक्षित करने का प्रयास कर रहा है. पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो ने नए आपराधिक कानूनों पर विभिन्न स्तरों के पुलिस और जेल कर्मियों के लिए प्रशिक्षण माड्यूल विकसित किए हैं.

  • भारत के आपराधिक न्याय संबंधी कानूनी ढांचे ने नए युग में प्रवेश किया : CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

    भारत के आपराधिक न्याय संबंधी कानूनी ढांचे ने नए युग में प्रवेश किया : CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि "नए अधिनियमित कानूनों के कारण आपराधिक न्याय संबंधी भारत के कानूनी ढांचे ने नए युग में प्रवेश किया है." कानून और न्याय मंत्रालय की ओर से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ितों के हितों की रक्षा, अपराधों की जांच और अभियोजन को कुशलतापूर्वक काम करने के लिए बहुत जरूरी सुधार पेश किए गए हैं.

  • "तीन नए कानून नई जरूरतों के लिए" : CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने गिनवाईं पुराने कानून की खामियां

    "तीन नए कानून नई जरूरतों के लिए" : CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने गिनवाईं पुराने कानून की खामियां

    देश के चीफ जस्टिस (CJI DY Chandrachud) ने कहा कि पुराने तरीकों की सबसे बड़ी खामी पीड़ित पर ध्यान न होना था. नए कानून में इस बात का ध्यान रखा गया है कि अभियोजन और जांच कुशलता से हो सके, इसके साथ पीड़ित के हितों का भी ध्यान रखा गया है.

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  • उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नए आपराधिक कानूनों के बारे में चिदंबरम की टिप्पणी की आलोचना की

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नए आपराधिक कानूनों के बारे में चिदंबरम की टिप्पणी की आलोचना की

    उपराष्ट्रपति ने यहां भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “क्या संसद में हम अकुशल लोग हैं? यह संसद की सूझ-बूझ का अपमान है, जिसके लिए कोई माफी नहीं है...मेरे पास ऐसी सोच और एक सांसद को अकुशल कहे जाने की निंदा करने के लिए शब्द नहीं हैं.”

  • नए आपराधिक कानून के तहत देशभर में अलग-अलग राज्यों में कब-कब दर्ज हुई पहली FIR, देखें लिस्ट

    नए आपराधिक कानून के तहत देशभर में अलग-अलग राज्यों में कब-कब दर्ज हुई पहली FIR, देखें लिस्ट

    पहले आईपीएस, सीआरपीसी और इंडियन एविडेंस एक्ट होते थे लेकिन अब इन धाराओं को खत्म कर दिया है और इनकी जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) ने ले ली है.

  • नए कानून में कितने दिन की रिमांड और हिरासत, जान लीजिए हर एक बात

    नए कानून में कितने दिन की रिमांड और हिरासत, जान लीजिए हर एक बात

    अमित शाह ने कहा कि नए कानूनों (New Criminal Law) से "सजा के बजाय न्याय" और "देरी के बजाय तुरंत सुनवाई" सुनिश्चित होगी. उन्होंने कहा कि FIR दर्ज होने के तीन साल के भीतर "सर्वोच्च न्यायालय के स्तर तक" न्याय दिया जाएगा.

  • आज से लागू 3 नए आपराधिक कानूनों में क्या-क्या, अमित शाह ने डिटेल में बताया, पढ़ें

    आज से लागू 3 नए आपराधिक कानूनों में क्या-क्या, अमित शाह ने डिटेल में बताया, पढ़ें

    अमित शाह ने कहा, "राजद्रोह को हमने जड़ से समाप्त कर दिया है. पहले सरकार के खिलाफ बयान देना गुनाह था. ये कानून सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली का सृजन करेगी".

  • क्या है Zero FIR, नए कानूनों के तहत दर्ज करवाने का नियम और इसके फायदे भी जानें

    क्या है Zero FIR, नए कानूनों के तहत दर्ज करवाने का नियम और इसके फायदे भी जानें

    नए कानून लागू होने के बाद अब कोई भी पीड़ित क्राइम होने की स्थिति में किसी भी थाने में जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज करा सकेगा. 15 दिनों के भीतर इसे  मूल जूरिडिक्शन, यानी जहां क्राइम हुआ है, उस एरिया में भेजना होगा.

  • नए कानून लागू होने के बाद घर बैठे FIR कैसे लिखवाएं, यहां जानें पूरा प्रोसेस

    नए कानून लागू होने के बाद घर बैठे FIR कैसे लिखवाएं, यहां जानें पूरा प्रोसेस

    Three Criminal Law: अगर आप किसी अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है.घर बैठे ही किस तरह से FIR दर्ज करवाई जा सकती है, जानें.

  • दिल्‍ली में नए कानून के तहत पहली FIR, कमला मार्किट थाने में हुई दर्ज

    दिल्‍ली में नए कानून के तहत पहली FIR, कमला मार्किट थाने में हुई दर्ज

    दिल्‍ली में नए कानून के तहत पहली FIR कमला मार्किट थाने में दर्ज हुई है. पुलिस ने नए कानून BNS की धारा 285 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

  • मर्डर अब '302' नहीं, '103'...  IPC खत्म, आज से लागू हो गए कानून, हर एक बात जानिए

    मर्डर अब '302' नहीं, '103'... IPC खत्म, आज से लागू हो गए कानून, हर एक बात जानिए

    देश में सोमवार, 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो जाएंगे. कानून की यह संहिताएं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) हैं. नए कानूनों में कुछ धाराएं हटा दी गई हैं तो कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं. कानून में नई धाराएं शामिल होने के बाद पुलिस, वकील और अदालतों के साथ-साथ आम लोगों के कामकाज में भी काफी बदलाव आ जाएगा. 

  • 1 जुलाई से नए आपराधिक कानून होंगे लागू, जानें क्या-क्या बदल जाएगा

    1 जुलाई से नए आपराधिक कानून होंगे लागू, जानें क्या-क्या बदल जाएगा

    नए कानूनों में, महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले अपराध पीड़ितों को सभी अस्पतालों में निशुल्क प्राथमिक उपचार या इलाज मुहैया कराया जाएगा. यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि पीड़ित को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल तुरंत मिले.

  • ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को किस बात पर लिखी चिट्ठी? क्या संसद सत्र में इसी पर होगा सबसे बड़ा घमासान

    ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को किस बात पर लिखी चिट्ठी? क्या संसद सत्र में इसी पर होगा सबसे बड़ा घमासान

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में भी दखलअंजादी लगातार बनाए रखती हैं. अब नये आपराधिक कानूनों का मामला उठाकर उन्होंने अन्य दलों से बाजी मार ली है...पढ़िए रिपोर्ट

  • नए आपराधिक कानून लागू करने का फैसला लेने से पहले पर्याप्त विचार विमर्श किया गया: अर्जुन राम मेघवाल

    नए आपराधिक कानून लागू करने का फैसला लेने से पहले पर्याप्त विचार विमर्श किया गया: अर्जुन राम मेघवाल

    मेघवाल ने कहा, 'कुछ लोग दावा करते हैं कि उनसे परामर्श नहीं किया गया, यह गलत है. औपनिवेशिक कानूनों में बदलाव की मांग लंबे समय से चली आ रही है और यह प्रक्रिया बहुत पहले शुरू हो गई थी.'

  • लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

    लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

    लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि महिला उत्पीड़न के झूठे आरोपों पर लगाम के लिए केंद्र भारतीय न्याय संहिता में बदलाव पर विचार करे. केंद्र झूठी शिकायतें दर्ज करने को रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 86 में आवश्यक बदलाव करने पर विचार करे.

  • केंद्र ने नये आपराधिक कानूनों के बारे में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए राज्यों से मांगी मदद

    केंद्र ने नये आपराधिक कानूनों के बारे में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए राज्यों से मांगी मदद

    गृह मंत्रालय ने कहा कि वह पुलिस और जेल अधिकारियों को नए कानूनों के बारे में शिक्षित करने का प्रयास कर रहा है. पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो ने नए आपराधिक कानूनों पर विभिन्न स्तरों के पुलिस और जेल कर्मियों के लिए प्रशिक्षण माड्यूल विकसित किए हैं.

  • भारत के आपराधिक न्याय संबंधी कानूनी ढांचे ने नए युग में प्रवेश किया : CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

    भारत के आपराधिक न्याय संबंधी कानूनी ढांचे ने नए युग में प्रवेश किया : CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि "नए अधिनियमित कानूनों के कारण आपराधिक न्याय संबंधी भारत के कानूनी ढांचे ने नए युग में प्रवेश किया है." कानून और न्याय मंत्रालय की ओर से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ितों के हितों की रक्षा, अपराधों की जांच और अभियोजन को कुशलतापूर्वक काम करने के लिए बहुत जरूरी सुधार पेश किए गए हैं.

  • "तीन नए कानून नई जरूरतों के लिए" : CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने गिनवाईं पुराने कानून की खामियां

    "तीन नए कानून नई जरूरतों के लिए" : CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने गिनवाईं पुराने कानून की खामियां

    देश के चीफ जस्टिस (CJI DY Chandrachud) ने कहा कि पुराने तरीकों की सबसे बड़ी खामी पीड़ित पर ध्यान न होना था. नए कानून में इस बात का ध्यान रखा गया है कि अभियोजन और जांच कुशलता से हो सके, इसके साथ पीड़ित के हितों का भी ध्यान रखा गया है.

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