Mirza Ghalib Birthday
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मिर्जा गालिब ने ग्यारह साल की उम्र में लिखनी शुरू कर दी थी शायरी, जन्मदिन पर जानें 6 बड़ी बातें
- Tuesday December 27, 2022
Mirza Ghalib Birthday: मिर्जा गालिब (Mirza Ghalib) ना सिर्फ हिन्दुस्तान बल्कि पूरे दुनिया के एक ऐसे लोकप्रिय शायर हैं जिनका रुतबा बहुत ऊंचा है. मिर्जा गालिब का जन्म 27 दिसंबर 1797 में हुआ था. गालिब की शेरो-शायरी का जिक्र लोग रोजमर्रा की जिंदगी में और बोलचाल की भाषा में करते हैं जो गालिब (Mirza Ghalib Birth Anniversary) को हर दिल अजीज बनाता है.
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Mirza Ghalib के जन्मदिन पर शशि थरूर हुए शायराना तो गौतम गंभीर बोले- 'अंदाज-ए-बयां थरूर का...'
- Friday December 27, 2019
उर्दू (Urdu) के महान शायर रहे मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) का जन्म 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था. शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने शायराना ट्वीट किया, जिस पर पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी नेता गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने चुटकी ली.
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Mirza Ghalib Birth Anniversary: हर दिल अजीज शायर हैं मिर्जा गालिब, जानिए उनके बारे में 6 बातें
- Friday December 27, 2019
मिर्जा गालिब न सिर्फ हिंदुस्तान बल्कि पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के एक ऐसे लोकप्रिय शायर हैं जिनका रुतबा बहुत ऊंचा है. गालिब की शेरो-शायरी का जिक्र लोग रोजमर्रा की जिंदगी में और बोलचाल की भाषा में करते हैं जो गालिब को हर दिल अजीज बनाता है. गालिब या मिर्जा असदुल्लाह बेग खान का जन्म 27 दिसंबर 1797 को आगरा उत्तर प्रदेश में हुआ था. गालिब के पिता का नाम मिर्जा अबदुल्ला बेग और माता का नाम इज्जत-उत-निसा बेगम था. गालिब सिर्फ 5 साल के थे जब उनके पिता की मृत्यु हो गई.
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मिर्ज़ा ग़ालिब की 221वीं जयंती आज, पढ़ें उनकी मशहूर शायरी : हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद, जो नहीं जानते वफ़ा क्या है...
- Thursday December 27, 2018
- NDTVKhabar News Desk
साल 2017 में गूगल (Goggle) ने शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की 220वीं जयंती (Mirza Ghalib's 220th Birthday) पर उन्हें डूडल (Doodle) से श्रद्धांजलि दी थी. वहीं, उन पर बॉलीवुड में सोहराब मोदी की फिल्म ‘मिर्ज़ा ग़ालिब (1954)’ (Mirza Ghalib Film, 1954) और टेलीविजन पर गुलजार का बनाया गया टीवी सीरियल ‘मिर्ज़ा ग़ालिब (1988)’ (Mirza Ghalib TV Serial, 1988) काफी प्रसिद्ध रहा. Birthday
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'हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है', मिर्ज़ा ग़ालिब की 5 मशहूर ग़ज़लें
- Thursday December 27, 2018
- NDTVKhabar News Desk
मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था और उनका असली नाम मिर्जा असुद्ल्लाह बेग खान था. मिर्ज़ा ग़ालिब को उर्दू, फारसी और तुर्की समेत कई भाषाओं का ज्ञान था. उन्होंने फारसी और उर्दू रहस्यमय-रोमांटिक अंदाज में अनगिनत गजलें लिखीं. ग़ालिब की शादी बहुत ही कम उम्र में हो गई थी. ग़ालिब की दो कमजोरियां थीं- शराब और जुआं. ये दो बुरी आदतें जिंदगी भर उनका पीछा नहीं छोड़ पाईं.
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Mirza Ghalib: 'दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है', जानिए ग़ालिब के जीवन से जुड़ी बातें
- Thursday December 27, 2018
- NDTVKhabar News Desk
उर्दू और फारसी भाषा के मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) की शायरी के लोग आज भी कायल हैं. मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म (Mirza Ghalib Birthday) 27 दिसंबर 1797 को आगरा में हुआ था. ग़ालिब का पूरा नाम असदुल्ला खां ग़ालिब था. इसीलिए कभी कभी वह उपनाम में 'ग़ालिब' की जगह 'असद' भी लिखते थे.
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Mirza Ghalib Urdu poet: महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब को थे ये तीन शौक जिन्हें वे आखिरी सांस तक नहीं छोड़ पाए
- Wednesday December 27, 2017
मिर्ज़ा ग़ालिब अपनी आसान और दिल में उतर जाने वाली शायरी की वजह से खास पहचान रखते हैं. मिर्ज़ा ग़ालिब का जीवन बेशक अभाव में रहा हो या फिर समृद्ध उन्होंने आजाद जीवन जिया.
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Mirza Ghalib: महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब के बॉलीवुड से लेकर असल जिंदगी तक में हिट 10 शेर
- Thursday December 27, 2018
मिर्जा गालिब का जन्म 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था और उनकी असली नाम मिर्जा असुद्ल्लाह बेग खान था. उनका जन्म उस दौर में हुआ जब मुगल कमजोर हो चुके थे और अंग्रेजों का पूरे देश पर शासन था.
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मिर्ज़ा ग़ालिब: उर्दू-फारसी के इस महान शायर के बारे में जानिए 7 बातें
- Wednesday December 27, 2017
- NDTVKhabar News Desk
उर्दू और फारसी भाषा के मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का आज जन्मदिन है. उनका असली नाम मिर्जा असदुल्लाह बेग खान था. वो ग़ालिब नाम से शायरी लिखा करते थे और धीरे-धीरे दुनिया उन्हें इसी नाम से जानने लगी.
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सिर्फ जयंती पर याद नहीं आते, हमेशा दिल में बसे रहते हैं मिर्ज़ा ग़ालिब...
- Tuesday December 27, 2016
बहुत छोटी उम्र, यानी 12 साल की उम्र से ही उर्दू और फ़ारसी में लिखना शुरू कर देने वाले मिर्ज़ा ग़ालिब के 10 शेर हम आज आपके सामने पेश कर रहे हैं, जो बेहद मशहूर रहे हैं... आपसे अनुरोध है कि आप भी ज़रूर बताएं कि क्या आपको इनके अलावा उनका कोई शेर या ग़ज़ल बहुत पसंद है...
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मिर्जा गालिब ने ग्यारह साल की उम्र में लिखनी शुरू कर दी थी शायरी, जन्मदिन पर जानें 6 बड़ी बातें
- Tuesday December 27, 2022
Mirza Ghalib Birthday: मिर्जा गालिब (Mirza Ghalib) ना सिर्फ हिन्दुस्तान बल्कि पूरे दुनिया के एक ऐसे लोकप्रिय शायर हैं जिनका रुतबा बहुत ऊंचा है. मिर्जा गालिब का जन्म 27 दिसंबर 1797 में हुआ था. गालिब की शेरो-शायरी का जिक्र लोग रोजमर्रा की जिंदगी में और बोलचाल की भाषा में करते हैं जो गालिब (Mirza Ghalib Birth Anniversary) को हर दिल अजीज बनाता है.
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उर्दू (Urdu) के महान शायर रहे मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) का जन्म 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था. शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने शायराना ट्वीट किया, जिस पर पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी नेता गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने चुटकी ली.
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- Friday December 27, 2019
मिर्जा गालिब न सिर्फ हिंदुस्तान बल्कि पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के एक ऐसे लोकप्रिय शायर हैं जिनका रुतबा बहुत ऊंचा है. गालिब की शेरो-शायरी का जिक्र लोग रोजमर्रा की जिंदगी में और बोलचाल की भाषा में करते हैं जो गालिब को हर दिल अजीज बनाता है. गालिब या मिर्जा असदुल्लाह बेग खान का जन्म 27 दिसंबर 1797 को आगरा उत्तर प्रदेश में हुआ था. गालिब के पिता का नाम मिर्जा अबदुल्ला बेग और माता का नाम इज्जत-उत-निसा बेगम था. गालिब सिर्फ 5 साल के थे जब उनके पिता की मृत्यु हो गई.
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मिर्ज़ा ग़ालिब की 221वीं जयंती आज, पढ़ें उनकी मशहूर शायरी : हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद, जो नहीं जानते वफ़ा क्या है...
- Thursday December 27, 2018
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साल 2017 में गूगल (Goggle) ने शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की 220वीं जयंती (Mirza Ghalib's 220th Birthday) पर उन्हें डूडल (Doodle) से श्रद्धांजलि दी थी. वहीं, उन पर बॉलीवुड में सोहराब मोदी की फिल्म ‘मिर्ज़ा ग़ालिब (1954)’ (Mirza Ghalib Film, 1954) और टेलीविजन पर गुलजार का बनाया गया टीवी सीरियल ‘मिर्ज़ा ग़ालिब (1988)’ (Mirza Ghalib TV Serial, 1988) काफी प्रसिद्ध रहा. Birthday
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मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था और उनका असली नाम मिर्जा असुद्ल्लाह बेग खान था. मिर्ज़ा ग़ालिब को उर्दू, फारसी और तुर्की समेत कई भाषाओं का ज्ञान था. उन्होंने फारसी और उर्दू रहस्यमय-रोमांटिक अंदाज में अनगिनत गजलें लिखीं. ग़ालिब की शादी बहुत ही कम उम्र में हो गई थी. ग़ालिब की दो कमजोरियां थीं- शराब और जुआं. ये दो बुरी आदतें जिंदगी भर उनका पीछा नहीं छोड़ पाईं.
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उर्दू और फारसी भाषा के मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) की शायरी के लोग आज भी कायल हैं. मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म (Mirza Ghalib Birthday) 27 दिसंबर 1797 को आगरा में हुआ था. ग़ालिब का पूरा नाम असदुल्ला खां ग़ालिब था. इसीलिए कभी कभी वह उपनाम में 'ग़ालिब' की जगह 'असद' भी लिखते थे.
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मिर्ज़ा ग़ालिब अपनी आसान और दिल में उतर जाने वाली शायरी की वजह से खास पहचान रखते हैं. मिर्ज़ा ग़ालिब का जीवन बेशक अभाव में रहा हो या फिर समृद्ध उन्होंने आजाद जीवन जिया.
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मिर्जा गालिब का जन्म 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था और उनकी असली नाम मिर्जा असुद्ल्लाह बेग खान था. उनका जन्म उस दौर में हुआ जब मुगल कमजोर हो चुके थे और अंग्रेजों का पूरे देश पर शासन था.
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मिर्ज़ा ग़ालिब: उर्दू-फारसी के इस महान शायर के बारे में जानिए 7 बातें
- Wednesday December 27, 2017
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उर्दू और फारसी भाषा के मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का आज जन्मदिन है. उनका असली नाम मिर्जा असदुल्लाह बेग खान था. वो ग़ालिब नाम से शायरी लिखा करते थे और धीरे-धीरे दुनिया उन्हें इसी नाम से जानने लगी.
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सिर्फ जयंती पर याद नहीं आते, हमेशा दिल में बसे रहते हैं मिर्ज़ा ग़ालिब...
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बहुत छोटी उम्र, यानी 12 साल की उम्र से ही उर्दू और फ़ारसी में लिखना शुरू कर देने वाले मिर्ज़ा ग़ालिब के 10 शेर हम आज आपके सामने पेश कर रहे हैं, जो बेहद मशहूर रहे हैं... आपसे अनुरोध है कि आप भी ज़रूर बताएं कि क्या आपको इनके अलावा उनका कोई शेर या ग़ज़ल बहुत पसंद है...
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