विज्ञापन

It Amendment Bill

    {
'It Amendment Bill' - 2 News Result(s)
  • तो क्या महिलाओं को नहीं मिलेगा संसद में आरक्षण, जानें-आज के बिल के पारित न होने का क्या मतलब है

    तो क्या महिलाओं को नहीं मिलेगा संसद में आरक्षण, जानें-आज के बिल के पारित न होने का क्या मतलब है

    लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल पास नहीं हो सका. संविधान संशोधन होने के कारण इस बिल को पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. बिल के पक्ष के 298 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 230 वोट. इस बिल के लिए कुल 528 सांसदों ने वोट डाले, जिसका दो-तिहाई 352 होता है. लेकिन इस बिल के पक्ष में 298 वोट ही पड़े, ऐसे में यह बिल 54 वोट से गिर गया.

  • नोटबंदी के निर्णायक मोड़ पर फिर 'फेयर एंड लवली'...?

    नोटबंदी के निर्णायक मोड़ पर फिर 'फेयर एंड लवली'...?

    नोटबंदी की मियाद खत्म होने के बाद जितने नोट जमा नहीं होंगे, उतनी रकम के नए नोट रिजर्व बैंक बेधड़क छाप लेगा, क्योंकि उतना सोना पहले से सरकारी तिजोरी में जमा है. जिनका काला धन रद्दी का टुकड़ा बना दिया गया, वे चाहे फेंकें या जलाएं या बहाएं, यह उनका सिरदर्द था. काले धन वालों का यह दर्द सरकार अपने सिर क्यों ले रही है. ऐसा करना क्या अपने आप में एक घोटाला साबित नहीं हो जाएगा.

'It Amendment Bill' - 2 News Result(s)
  • तो क्या महिलाओं को नहीं मिलेगा संसद में आरक्षण, जानें-आज के बिल के पारित न होने का क्या मतलब है

    तो क्या महिलाओं को नहीं मिलेगा संसद में आरक्षण, जानें-आज के बिल के पारित न होने का क्या मतलब है

    लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल पास नहीं हो सका. संविधान संशोधन होने के कारण इस बिल को पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. बिल के पक्ष के 298 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 230 वोट. इस बिल के लिए कुल 528 सांसदों ने वोट डाले, जिसका दो-तिहाई 352 होता है. लेकिन इस बिल के पक्ष में 298 वोट ही पड़े, ऐसे में यह बिल 54 वोट से गिर गया.

  • नोटबंदी के निर्णायक मोड़ पर फिर 'फेयर एंड लवली'...?

    नोटबंदी के निर्णायक मोड़ पर फिर 'फेयर एंड लवली'...?

    नोटबंदी की मियाद खत्म होने के बाद जितने नोट जमा नहीं होंगे, उतनी रकम के नए नोट रिजर्व बैंक बेधड़क छाप लेगा, क्योंकि उतना सोना पहले से सरकारी तिजोरी में जमा है. जिनका काला धन रद्दी का टुकड़ा बना दिया गया, वे चाहे फेंकें या जलाएं या बहाएं, यह उनका सिरदर्द था. काले धन वालों का यह दर्द सरकार अपने सिर क्यों ले रही है. ऐसा करना क्या अपने आप में एक घोटाला साबित नहीं हो जाएगा.