Hindu Marriage Act
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पहली शादी वैलिड रहने तक अपने पार्टनर से गुज़ारा भत्ता नहीं मांग सकती महिला...इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Tuesday December 16, 2025
- Written by: Deepak Gambhir, Edited by: धीरज आव्हाड़
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए कहा कि पहली शादी वैध होने पर महिला CRPC 125 के तहत दूसरी शादी या लिव‑इन जैसे रिश्ते से Maintenance नहीं मांग सकती. Court Judgment में स्पष्ट किया गया कि Hindu Marriage Act के अनुसार पहली शादी खत्म हुए बिना दूसरी शादी अमान्य होती है.
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निसंतान हिन्दू विधवा महिला की संपत्ति पर किसका अधिकार? सुप्रीम कोर्ट में ससुराल बनाम मायका पर दिलचस्प सुनवाई
- Wednesday September 24, 2025
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: आलोक कुमार ठाकुर
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 [धारा 15 (1) [बी] के खिलाफ जनहित याचिका की सुनवाई की, जो पारिवारिक संपत्ति के निपटान से संबंधित है कोर्ट ने कहा कि संभव है कि उसके पति, बेटा या बेटी जीवित नहीं हो. उसकी बेटी के बच्चे हो सकते हैं. वे सभी प्राथमिक श्रेणी के कानूनी उत्तराधिकारी होंगे.
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हिंदू विवाह केवल रजिस्टर्ड न होने से अमान्य... तलाक के मामले में हाई कोर्ट का बड़ा आदेश
- Friday August 29, 2025
- Reported by: Deepak Gambhir, रनवीर सिंह, Edited by: तिलकराज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि राज्य सरकारों को ऐसे विवाहों के रजिस्ट्रेशन के लिए नियम बनाने का अधिकार है और उनका उद्देश्य केवल 'विवाह का सुविधाजनक साक्ष्य' प्रस्तुत करना है. इस आवश्यकता का उल्लंघन हिंदू विवाह की वैधता को प्रभावित नहीं करता है.
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ज्योति-आलोक मौर्य केस: क्या पत्नी से गुजारा-भत्ता मांग सकता है पति? क्या कहता है कानून, वकील से जानिए
- Monday July 28, 2025
- Written by: Nilesh Kumar
इस मामले ने एक बार फिर भारतीय न्याय संहिता और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत भरण-पोषण के प्रावधानों पर बहस छेड़ दी है. इन प्रावधानों को विस्तार से समझने के लिए हमने पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता कुमार आंजनेय शानू से बात की.
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Rule Of Law With Sana Raees Khan: बिना तलाक दूसरी शादी की तो कितनी सजा? जानिए क्या कहता है हिंदू मैरेजि एक्ट
- Sunday June 8, 2025
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: रितु शर्मा
हिंदू मैरेज एक्ट 1955 हिंदू धर्म के लोगों के लिए शादी के रूल्स डिफाइन करता है. सेक्शन फाइव कहता है कि शादी के लीगल कंडीशंस क्या है, सेक्शन 7 शादी के सांप्रदायिक संस्कार, सेक्शन 8 मैरेज रजिस्ट्रेशन, सेक्शन 17 एंड 18 इलीगल मैरेज और उनकी सजा, सेक्शन 5 के मुताबिक शादी के लिए कुछ बेसिक कंडीशंस होना ज़रूरी है.
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'हिंदू विवाह कॉन्ट्रैक्ट नहीं, जिसे सहमति से भंग किया जा सके' इलाहाबाद HC ने ऐसा क्यों कहा?
- Tuesday September 17, 2024
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: श्वेता गुप्ता
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही सीमित आधारों पर हिंदू विवाह (Hindu Marriage) भंग या खत्म किया जा सकता है.
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महिला के स्त्रीधन को पति कर सकता है कंट्रोल? क्या ससुरालवाले या मां-बाप का बनेगा हक? समझें क्या कहता है कानून?
- Friday August 30, 2024
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अंजलि कर्मकार
स्त्रीधन दहेज से इस तरह से अलग है कि यह महिला को स्वेच्छा से उसकी शादी से पहले या बाद में दिया गया गिफ्ट है. इसमें कोई जबरदस्ती नहीं की गई है. ये गिफ्ट्स स्नेह के प्रतीक के हैं. इसलिए स्त्री का अपने स्त्रीधन पर पूरा अधिकार है.
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क्या समान नागरिक संहिता की तरफ बढ़ रहा है असम, क्या है सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का दावा
- Friday July 19, 2024
- Written by: राजेश कुमार आर्य
असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने गुरुवार को असम मुस्लिम विवाह कानून को रद्द करने वाले विधेयक को मंजूरी दी है. यह कानून विशिष्ट परिस्थितियों में कम उम्र में निकाह की इजाजत देता था. इसे समान नागरिक संहिता की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है.
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सात फेरों के बिना हिंदू विवाह वैध नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Thursday October 5, 2023
- Reported by: भाषा
उच्च न्यायालय ने कहा, “यदि विवाह वैध नहीं है तो कानून की नजर में वह विवाह नहीं है. हिंदू कानून के तहत सप्तपदी, एक वैध विवाह का आवश्यक घटक है, लेकिन मौजूदा मामले में इस साक्ष्य की कमी है.”
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लिव-इन रिलेशनशिप को शादी के तौर पर मान्यता नहीं देता कानून: केरल HC
- Wednesday June 14, 2023
- Reported by: भाषा
पीठ का यह फैसला एक अंतर-धार्मिक जोड़े की अपील पर आया. उक्त जोड़े ने उस परिवार अदालत के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, जिसने तलाक के अनुरोध वाली उनकी याचिका इस आधार पर खारिज कर दी थी कि उनका विवाह विशेष विवाह अधिनियम के तहत नहीं हुआ.
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पहली शादी वैलिड रहने तक अपने पार्टनर से गुज़ारा भत्ता नहीं मांग सकती महिला...इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Tuesday December 16, 2025
- Written by: Deepak Gambhir, Edited by: धीरज आव्हाड़
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए कहा कि पहली शादी वैध होने पर महिला CRPC 125 के तहत दूसरी शादी या लिव‑इन जैसे रिश्ते से Maintenance नहीं मांग सकती. Court Judgment में स्पष्ट किया गया कि Hindu Marriage Act के अनुसार पहली शादी खत्म हुए बिना दूसरी शादी अमान्य होती है.
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- Wednesday September 24, 2025
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: आलोक कुमार ठाकुर
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 [धारा 15 (1) [बी] के खिलाफ जनहित याचिका की सुनवाई की, जो पारिवारिक संपत्ति के निपटान से संबंधित है कोर्ट ने कहा कि संभव है कि उसके पति, बेटा या बेटी जीवित नहीं हो. उसकी बेटी के बच्चे हो सकते हैं. वे सभी प्राथमिक श्रेणी के कानूनी उत्तराधिकारी होंगे.
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हिंदू विवाह केवल रजिस्टर्ड न होने से अमान्य... तलाक के मामले में हाई कोर्ट का बड़ा आदेश
- Friday August 29, 2025
- Reported by: Deepak Gambhir, रनवीर सिंह, Edited by: तिलकराज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि राज्य सरकारों को ऐसे विवाहों के रजिस्ट्रेशन के लिए नियम बनाने का अधिकार है और उनका उद्देश्य केवल 'विवाह का सुविधाजनक साक्ष्य' प्रस्तुत करना है. इस आवश्यकता का उल्लंघन हिंदू विवाह की वैधता को प्रभावित नहीं करता है.
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ज्योति-आलोक मौर्य केस: क्या पत्नी से गुजारा-भत्ता मांग सकता है पति? क्या कहता है कानून, वकील से जानिए
- Monday July 28, 2025
- Written by: Nilesh Kumar
इस मामले ने एक बार फिर भारतीय न्याय संहिता और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत भरण-पोषण के प्रावधानों पर बहस छेड़ दी है. इन प्रावधानों को विस्तार से समझने के लिए हमने पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता कुमार आंजनेय शानू से बात की.
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Rule Of Law With Sana Raees Khan: बिना तलाक दूसरी शादी की तो कितनी सजा? जानिए क्या कहता है हिंदू मैरेजि एक्ट
- Sunday June 8, 2025
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: रितु शर्मा
हिंदू मैरेज एक्ट 1955 हिंदू धर्म के लोगों के लिए शादी के रूल्स डिफाइन करता है. सेक्शन फाइव कहता है कि शादी के लीगल कंडीशंस क्या है, सेक्शन 7 शादी के सांप्रदायिक संस्कार, सेक्शन 8 मैरेज रजिस्ट्रेशन, सेक्शन 17 एंड 18 इलीगल मैरेज और उनकी सजा, सेक्शन 5 के मुताबिक शादी के लिए कुछ बेसिक कंडीशंस होना ज़रूरी है.
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'हिंदू विवाह कॉन्ट्रैक्ट नहीं, जिसे सहमति से भंग किया जा सके' इलाहाबाद HC ने ऐसा क्यों कहा?
- Tuesday September 17, 2024
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: श्वेता गुप्ता
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही सीमित आधारों पर हिंदू विवाह (Hindu Marriage) भंग या खत्म किया जा सकता है.
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महिला के स्त्रीधन को पति कर सकता है कंट्रोल? क्या ससुरालवाले या मां-बाप का बनेगा हक? समझें क्या कहता है कानून?
- Friday August 30, 2024
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अंजलि कर्मकार
स्त्रीधन दहेज से इस तरह से अलग है कि यह महिला को स्वेच्छा से उसकी शादी से पहले या बाद में दिया गया गिफ्ट है. इसमें कोई जबरदस्ती नहीं की गई है. ये गिफ्ट्स स्नेह के प्रतीक के हैं. इसलिए स्त्री का अपने स्त्रीधन पर पूरा अधिकार है.
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क्या समान नागरिक संहिता की तरफ बढ़ रहा है असम, क्या है सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का दावा
- Friday July 19, 2024
- Written by: राजेश कुमार आर्य
असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने गुरुवार को असम मुस्लिम विवाह कानून को रद्द करने वाले विधेयक को मंजूरी दी है. यह कानून विशिष्ट परिस्थितियों में कम उम्र में निकाह की इजाजत देता था. इसे समान नागरिक संहिता की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है.
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सात फेरों के बिना हिंदू विवाह वैध नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Thursday October 5, 2023
- Reported by: भाषा
उच्च न्यायालय ने कहा, “यदि विवाह वैध नहीं है तो कानून की नजर में वह विवाह नहीं है. हिंदू कानून के तहत सप्तपदी, एक वैध विवाह का आवश्यक घटक है, लेकिन मौजूदा मामले में इस साक्ष्य की कमी है.”
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लिव-इन रिलेशनशिप को शादी के तौर पर मान्यता नहीं देता कानून: केरल HC
- Wednesday June 14, 2023
- Reported by: भाषा
पीठ का यह फैसला एक अंतर-धार्मिक जोड़े की अपील पर आया. उक्त जोड़े ने उस परिवार अदालत के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, जिसने तलाक के अनुरोध वाली उनकी याचिका इस आधार पर खारिज कर दी थी कि उनका विवाह विशेष विवाह अधिनियम के तहत नहीं हुआ.
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