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मिडिल ईस्ट वॉर + कमजोर मॉनसून की दोहरी मार! क्या खेती के लिए पानी के साथ खाद की कमी भी बढ़ाएगी किसानों का सिरदर्द?
- Tuesday April 14, 2026
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्रा, Edited by: निलेश कुमार
IMD ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान कम बारिश का संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर मिडिल ईस्ट वॉर ने उर्वरक उत्पादन के लिए जरूरी LNG के सप्लाई चेन को हिला कर रख दिया है.
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ndtv.in
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किसानों को यूरिया के लिए लंबी लाइनों से मिलेगा छुटकारा, अब घर बैठे मोबाइल पर मिलेगी जानकारी
- Saturday April 11, 2026
- Edited by: गौरव कुमार द्विवेदी
किसानों को मोबाइल ऐप पर उर्वरक की रियल टाइम उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी. किसानों को उर्वरक उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से ‘बिहार कृषि’ ऐप में यह नई सुविधा जोड़ी गई है.
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ndtv.in
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मिडिल ईस्ट संकट के बीच मोदी सरकार ने दिलाया भरोसा, कहा- देश में जरूरी उर्वरक का पूरा स्टॉक मौजूद
- Thursday April 2, 2026
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्रा, Edited by: तिलकराज
मिडिल ईस्ट संकट के बीच मोदी सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. यूरिया का 20-30 प्रतिशत और डीएपी का 30 प्रतिशत आयात इसी क्षेत्र से होता है. भारत के एलएनजी आयात का लगभग 50 प्रतिशत भी यहीं से आता है, जो यूरिया उत्पादन के लिए एक प्रमुख कच्चा माल है.
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ndtv.in
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किसानों के लिए खाद पर खुशखबरी, सरकार ने मंगाया 13 लाख टन यूरिया, फर्टिलाइजर पर भी बड़ा फैसला
- Monday March 30, 2026
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्रा, Edited by: अनिशा कुमारी
मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है.पेट्रोलियम मंत्रालय ने यूरिया प्लांट्स को 75% नेचुरल गैस सप्लाई बहाल कर दी है. खरीफ सीजन 2026 के लिए 13.5 लाख टन यूरिया का आयात किया जा रहा है.जानें खाद सप्लाई पर सरकार का पूरा प्लान...
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ndtv.in
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Middle East War: तेल-गैस ही नहीं, ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग की आंच हमारी-आपकी थाली तक भी पहुंच सकती है!
- Tuesday March 10, 2026
- Written by: निलेश कुमार
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला 33% उर्वरक व्यापार ठप हो गया है. खाद और उर्वरक की कमी के चलते अगर उत्पादन कम हुआ तो इसका सीधा मतलब है बाजार में अनाज की कमी और कीमतों में भारी उछाल. मकई की कमी से पोल्ट्री और डेयरी उद्योग पर भी असर पड़ेगा, जिससे दूध, अंडे और चिकन की कीमतें बढ़ेंगी.
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मिडिल ईस्ट वॉर + कमजोर मॉनसून की दोहरी मार! क्या खेती के लिए पानी के साथ खाद की कमी भी बढ़ाएगी किसानों का सिरदर्द?
- Tuesday April 14, 2026
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IMD ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान कम बारिश का संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर मिडिल ईस्ट वॉर ने उर्वरक उत्पादन के लिए जरूरी LNG के सप्लाई चेन को हिला कर रख दिया है.
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- Thursday April 2, 2026
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्रा, Edited by: तिलकराज
मिडिल ईस्ट संकट के बीच मोदी सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. यूरिया का 20-30 प्रतिशत और डीएपी का 30 प्रतिशत आयात इसी क्षेत्र से होता है. भारत के एलएनजी आयात का लगभग 50 प्रतिशत भी यहीं से आता है, जो यूरिया उत्पादन के लिए एक प्रमुख कच्चा माल है.
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- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्रा, Edited by: अनिशा कुमारी
मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है.पेट्रोलियम मंत्रालय ने यूरिया प्लांट्स को 75% नेचुरल गैस सप्लाई बहाल कर दी है. खरीफ सीजन 2026 के लिए 13.5 लाख टन यूरिया का आयात किया जा रहा है.जानें खाद सप्लाई पर सरकार का पूरा प्लान...
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- Tuesday March 10, 2026
- Written by: निलेश कुमार
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला 33% उर्वरक व्यापार ठप हो गया है. खाद और उर्वरक की कमी के चलते अगर उत्पादन कम हुआ तो इसका सीधा मतलब है बाजार में अनाज की कमी और कीमतों में भारी उछाल. मकई की कमी से पोल्ट्री और डेयरी उद्योग पर भी असर पड़ेगा, जिससे दूध, अंडे और चिकन की कीमतें बढ़ेंगी.
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