Chandrayaan 2 Moon Landing
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सोशल मीडिया पर छाया Chandrayaan 3, चंदा मामा वी आर कमिंग जैसे पोस्ट के साथ पब्लिक ने पूछा- कहां पहुंचे
- Monday July 17, 2023
- Written by: शालिनी सेंगर
सोशल मीडिया पर इन दिनों चंद्रयान-3 छाया हुआ है, जिस पर यूजर्स तरह-तरह के पोस्ट और रिएक्शन के जरिये अपना प्यार लुटा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, चंदा मामा, वी आर कमिंग. वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, ये किसी जादू से कम नहीं है.
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चंद्रयान-1 के डायरेक्टर ने बताई वजह, क्यों नहीं हो पा रहा लैंडर से ऑर्बिटर का संपर्क
- Monday September 9, 2019
- Reported by: एजेंसियां, Edited by: आरिफ खान मंसूरी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रयान-2 के ‘लैंडर’ विक्रम से संपर्क बहाल करने की कोशिश जारी रखे हुए है लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि समय निकलता जा रहा है और संपर्क बहाल होने की संभावना कम होती जा रही है. इसरो प्रमुख के. सिवन ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी 14 दिनों तक लैंडर से संपर्क बहाल करने की कोशिश करेगी. चंद्रयान-2 में लगे कैमरों से चंद्रमा की सतह पर लैंडर विक्रम का रविवार को पता चलने के बाद उन्होंने दोहराया कि ये (संपर्क बहाल करने की) कोशिशें जारी रहेंगी.
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Chandrayaan 2: अब छत्तीसगढ़ CM ने बढ़ाया वैज्ञानिकों का हौसला, कहा- चक्रव्यूह तोड़कर अभिमन्यु बना है ISRO
- Saturday September 7, 2019
- Written by: अमन गुप्ता
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी महाभारत में चक्रव्यूह भेदने के दौरान अभिमन्यु के कथानक का जिक्र करते हुए इस मिशन के लिए वैज्ञानिकों की मेहनत की तारीफ की है.
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TOP 5 NEWS: चंद्रयान से संपर्क टूटने के बाद पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन, पूरे देश ने थपथपाई ISRO की पीठ
- Saturday September 7, 2019
- Written by: नितेश श्रीवास्तव
TOP 5 NEWS: ‘चंद्रयान-2' के लैंडर ‘विक्रम' का बीती रात चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया. सपंर्क तब टूटा जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबंधित घटनाक्रम के मद्देनजर आज सुबह आठ बजे राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ''आप वो लोग हैं जो मां भारती के लिए उसकी जय के लिए जीते हैं.
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Chandrayaan 2: पिछले 60 सालों में 40 फीसदी चंद्र मिशन हुए फेल, 109 में से केवल 61 को मिली सफलता
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के तथ्यों के मुताबिक पिछले छह दशक में शुरू किए गए चंद्र मिशन में सफलता का अनुपात 60 प्रतिशत रहा है. नासा के मुताबिक इस दौरान 109 चंद्र मिशन शुरू किए गए, जिसमें 61 सफल हुए और 48 असफल रहे. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा चंद्रमा की तहत पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को उतराने का अभियान शनिवार को अपनी तय योजना के मुताबिक पूरा नहीं हो सका. लैंडर का अंतिम क्षणों में जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया. इसरो के अधिकारियों के मुताबिक चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर पूरी तरह सुरक्षित और सही है.
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Chandrayaan 2: इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा- मिशन के 95 फीसदी उद्देश्यों में सफल रहा चंद्रयान-2
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा
Chandrayaan 2: इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 अपने मिशन के 95 प्रतिशत उद्देश्यों में सफल रहा है. अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव एवं अंतरिक्ष आयोग के पूर्व अध्यक्ष नायर ने कहा कि ऑर्बिटर सही है चंद्रमा की कक्षा में सामान्य रूप से काम कर रहा है. वहीं चंद्रयान-2 के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने सहित कई अन्य उद्देश्य थे. चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने पर नायर ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है... मैं कहूंगा कि मिशन के 95 प्रतिशत से अधिक उद्देश्य पूरे हुए हैं.’’
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मुंबई: पीएम मोदी ने कहा- ISRO कोशिश करना कभी बंद नहीं करेगा, हम चांद पर जरूर जाएंगे
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: NDTV.com, Translated by: ऋतुराज त्रिपाठी
PM Narendra Modi ने कहा, 'मैं इसरो के वैज्ञानिकों से प्रभावित हुआ. जिस लगन से वह दिन रात मेहनत करते हैं, उससे हम उनसे सीख सकते हैं. किसी भी काम को 3 तरह के लोग करते हैं. एक वो होते हैं जो फेल होने के डर से काम ही नहीं शुरू करते. दूसरा वो जो पहली ही समस्या को देखकर भाग जाते हैं और तीसरे वह होते हैं आखिर तक काम करते हैं और लक्ष्य को हासिल करते हैं. इसरो तीसरी तरह का शख्स है जो कोशिश करना कभी बंद नहीं करेगा.
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Chandrayaan 2: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा- केवल लैंडर से संपर्क टूटा है, 1.3 अरब भारतीयों की उम्मीद नहीं
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा
Chandrayaan 2: चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि निराश होने वाली कोई बात नहीं है. नायडू के मंत्रालय ने ट्वीट किया, 'निराश होने की कोई जरूरत नहीं है. इसरो का केवल लैंडर से संपर्क टूटा है, 1.3 अरब भारतीयों की उम्मीद नहीं..' उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऑर्बिटर अपने पेलोड के साथ अब भी काम कर रहा है.
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मिशन चंद्रयान 2 : क्या 'विक्रम' भेजेगा कोई संदेश, बची है कितनी उम्मीद?
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ इसरो अधिकारी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 'विक्रम' लैंडर और उसमें मौजूद 'प्रज्ञान' रोवर को संभवत: खो दिया है. इससे पहले लैंडर जब चंद्रमा की सतह के नजदीक जा रहा था तभी निर्धारित सॉफ्ट लैंडिंग से चंद मिनटों पहले उसका पृथ्वी स्थित नियंत्रण केंद्र से सपंर्क टूट गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के अध्यक्ष के़ सिवन ने कहा, 'विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक सामान्य तरीके से नीचे उतरा. इसके बाद लैंडर का धरती से संपर्क टूट गया.
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मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
चंद्रमा की सतह को छूने से चंद मिनट पहले लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद इसरो के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में सुरक्षित है. अधिकारी ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में पूरी तरह ठीक एवं सुरक्षित है और सामान्य तरीके से काम कर रहा है.’’ 2379 किलोग्राम ऑर्बिटर के मिशन का जीवन काल एक साल है. उल्लेखनीय है कि 3,840 किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को जीएसएलवी एमके-3 एम1 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था. चंद्रयान-2 ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को इसरो द्वारा ‘ट्रांस लूनर इन्सर्शन’ नाम की प्रक्रिया को अंजाम दिये जाने के बाद शुरू की थी. यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को ‘लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री’ में पहुंचाने के लिये अपनाई गई. अंतरिक्ष यान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था. चंद्रयान-2 के ‘ऑर्बिटर’ में चंद्रमा की सतह का मानचित्रण करने और पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के बाह्य परिमंडल का अध्ययन करने के लिए आठ वैज्ञानिक उपकरण हैं. इसरो ने दो सितंबर को ऑर्बिटर से लैंडर को अलग करने में सफलता पाई थी, लेकिन शनिवार तड़के विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. इसरो ने कहा है कि वह आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है.
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सोशल मीडिया पर छाया Chandrayaan 3, चंदा मामा वी आर कमिंग जैसे पोस्ट के साथ पब्लिक ने पूछा- कहां पहुंचे
- Monday July 17, 2023
- Written by: शालिनी सेंगर
सोशल मीडिया पर इन दिनों चंद्रयान-3 छाया हुआ है, जिस पर यूजर्स तरह-तरह के पोस्ट और रिएक्शन के जरिये अपना प्यार लुटा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, चंदा मामा, वी आर कमिंग. वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, ये किसी जादू से कम नहीं है.
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चंद्रयान-1 के डायरेक्टर ने बताई वजह, क्यों नहीं हो पा रहा लैंडर से ऑर्बिटर का संपर्क
- Monday September 9, 2019
- Reported by: एजेंसियां, Edited by: आरिफ खान मंसूरी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रयान-2 के ‘लैंडर’ विक्रम से संपर्क बहाल करने की कोशिश जारी रखे हुए है लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि समय निकलता जा रहा है और संपर्क बहाल होने की संभावना कम होती जा रही है. इसरो प्रमुख के. सिवन ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी 14 दिनों तक लैंडर से संपर्क बहाल करने की कोशिश करेगी. चंद्रयान-2 में लगे कैमरों से चंद्रमा की सतह पर लैंडर विक्रम का रविवार को पता चलने के बाद उन्होंने दोहराया कि ये (संपर्क बहाल करने की) कोशिशें जारी रहेंगी.
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Chandrayaan 2: अब छत्तीसगढ़ CM ने बढ़ाया वैज्ञानिकों का हौसला, कहा- चक्रव्यूह तोड़कर अभिमन्यु बना है ISRO
- Saturday September 7, 2019
- Written by: अमन गुप्ता
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी महाभारत में चक्रव्यूह भेदने के दौरान अभिमन्यु के कथानक का जिक्र करते हुए इस मिशन के लिए वैज्ञानिकों की मेहनत की तारीफ की है.
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TOP 5 NEWS: चंद्रयान से संपर्क टूटने के बाद पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन, पूरे देश ने थपथपाई ISRO की पीठ
- Saturday September 7, 2019
- Written by: नितेश श्रीवास्तव
TOP 5 NEWS: ‘चंद्रयान-2' के लैंडर ‘विक्रम' का बीती रात चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया. सपंर्क तब टूटा जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबंधित घटनाक्रम के मद्देनजर आज सुबह आठ बजे राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ''आप वो लोग हैं जो मां भारती के लिए उसकी जय के लिए जीते हैं.
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Chandrayaan 2: पिछले 60 सालों में 40 फीसदी चंद्र मिशन हुए फेल, 109 में से केवल 61 को मिली सफलता
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के तथ्यों के मुताबिक पिछले छह दशक में शुरू किए गए चंद्र मिशन में सफलता का अनुपात 60 प्रतिशत रहा है. नासा के मुताबिक इस दौरान 109 चंद्र मिशन शुरू किए गए, जिसमें 61 सफल हुए और 48 असफल रहे. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा चंद्रमा की तहत पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को उतराने का अभियान शनिवार को अपनी तय योजना के मुताबिक पूरा नहीं हो सका. लैंडर का अंतिम क्षणों में जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया. इसरो के अधिकारियों के मुताबिक चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर पूरी तरह सुरक्षित और सही है.
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Chandrayaan 2: इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा- मिशन के 95 फीसदी उद्देश्यों में सफल रहा चंद्रयान-2
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा
Chandrayaan 2: इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 अपने मिशन के 95 प्रतिशत उद्देश्यों में सफल रहा है. अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव एवं अंतरिक्ष आयोग के पूर्व अध्यक्ष नायर ने कहा कि ऑर्बिटर सही है चंद्रमा की कक्षा में सामान्य रूप से काम कर रहा है. वहीं चंद्रयान-2 के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने सहित कई अन्य उद्देश्य थे. चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने पर नायर ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है... मैं कहूंगा कि मिशन के 95 प्रतिशत से अधिक उद्देश्य पूरे हुए हैं.’’
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मुंबई: पीएम मोदी ने कहा- ISRO कोशिश करना कभी बंद नहीं करेगा, हम चांद पर जरूर जाएंगे
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: NDTV.com, Translated by: ऋतुराज त्रिपाठी
PM Narendra Modi ने कहा, 'मैं इसरो के वैज्ञानिकों से प्रभावित हुआ. जिस लगन से वह दिन रात मेहनत करते हैं, उससे हम उनसे सीख सकते हैं. किसी भी काम को 3 तरह के लोग करते हैं. एक वो होते हैं जो फेल होने के डर से काम ही नहीं शुरू करते. दूसरा वो जो पहली ही समस्या को देखकर भाग जाते हैं और तीसरे वह होते हैं आखिर तक काम करते हैं और लक्ष्य को हासिल करते हैं. इसरो तीसरी तरह का शख्स है जो कोशिश करना कभी बंद नहीं करेगा.
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Chandrayaan 2: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा- केवल लैंडर से संपर्क टूटा है, 1.3 अरब भारतीयों की उम्मीद नहीं
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा
Chandrayaan 2: चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि निराश होने वाली कोई बात नहीं है. नायडू के मंत्रालय ने ट्वीट किया, 'निराश होने की कोई जरूरत नहीं है. इसरो का केवल लैंडर से संपर्क टूटा है, 1.3 अरब भारतीयों की उम्मीद नहीं..' उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऑर्बिटर अपने पेलोड के साथ अब भी काम कर रहा है.
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मिशन चंद्रयान 2 : क्या 'विक्रम' भेजेगा कोई संदेश, बची है कितनी उम्मीद?
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ इसरो अधिकारी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 'विक्रम' लैंडर और उसमें मौजूद 'प्रज्ञान' रोवर को संभवत: खो दिया है. इससे पहले लैंडर जब चंद्रमा की सतह के नजदीक जा रहा था तभी निर्धारित सॉफ्ट लैंडिंग से चंद मिनटों पहले उसका पृथ्वी स्थित नियंत्रण केंद्र से सपंर्क टूट गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के अध्यक्ष के़ सिवन ने कहा, 'विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक सामान्य तरीके से नीचे उतरा. इसके बाद लैंडर का धरती से संपर्क टूट गया.
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मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन
- Saturday September 7, 2019
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
चंद्रमा की सतह को छूने से चंद मिनट पहले लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद इसरो के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में सुरक्षित है. अधिकारी ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में पूरी तरह ठीक एवं सुरक्षित है और सामान्य तरीके से काम कर रहा है.’’ 2379 किलोग्राम ऑर्बिटर के मिशन का जीवन काल एक साल है. उल्लेखनीय है कि 3,840 किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को जीएसएलवी एमके-3 एम1 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था. चंद्रयान-2 ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को इसरो द्वारा ‘ट्रांस लूनर इन्सर्शन’ नाम की प्रक्रिया को अंजाम दिये जाने के बाद शुरू की थी. यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को ‘लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री’ में पहुंचाने के लिये अपनाई गई. अंतरिक्ष यान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था. चंद्रयान-2 के ‘ऑर्बिटर’ में चंद्रमा की सतह का मानचित्रण करने और पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के बाह्य परिमंडल का अध्ययन करने के लिए आठ वैज्ञानिक उपकरण हैं. इसरो ने दो सितंबर को ऑर्बिटर से लैंडर को अलग करने में सफलता पाई थी, लेकिन शनिवार तड़के विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. इसरो ने कहा है कि वह आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है.
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