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Anti Sikh Riot Victims

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'Anti Sikh Riot Victims' - 2 News Result(s)
  • 1984 सिख विरोधी दंगे: ‘मानवता के खिलाफ अपराध'; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर मामलों में सात याचिकाएं खारिज कीं

    1984 सिख विरोधी दंगे: ‘मानवता के खिलाफ अपराध'; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर मामलों में सात याचिकाएं खारिज कीं

    Allahabad High Court Sikh Riots Verdict: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़े सात मामलों में मुकदमे रद्द करने की याचिकाएं खारिज कर दीं. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस हिंसा को नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध माना. जानिए कोर्ट ने क्या कहा?

  • कौन हैं सज्जन कुमार, जिन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में मिली उम्रकैद की सजा, 10 खास बातें

    कौन हैं सज्जन कुमार, जिन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में मिली उम्रकैद की सजा, 10 खास बातें

    1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को दोषी करार दिया है. सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा और पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. निचली अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था. फैसला जस्टिस एस. मुरलीधर और विनोद गोयल ने सुनाया है. सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को हत्या, साजिश, दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का दोषी पाया गया. कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा और तब तक वह दिल्ली नहीं छोड़ सकते. सज्जन कुमार के अलावा नेवी के रिटायर्ड अधिकरी कैप्टन भागमल, पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोकर और गिरधारी लाल को भी दोषी करार दिया है. इन तीनों को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इनके अलावा पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोकर को भी दोषी करार पाया गया, जिन्हें निचली अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई थी. अब हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) के अलावा कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल तथा पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है. आइये आपको बताते हैं सज्जन कुमार से जुड़ी खास बातें.

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  • 1984 सिख विरोधी दंगे: ‘मानवता के खिलाफ अपराध'; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर मामलों में सात याचिकाएं खारिज कीं

    1984 सिख विरोधी दंगे: ‘मानवता के खिलाफ अपराध'; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर मामलों में सात याचिकाएं खारिज कीं

    Allahabad High Court Sikh Riots Verdict: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़े सात मामलों में मुकदमे रद्द करने की याचिकाएं खारिज कर दीं. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस हिंसा को नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध माना. जानिए कोर्ट ने क्या कहा?

  • कौन हैं सज्जन कुमार, जिन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में मिली उम्रकैद की सजा, 10 खास बातें

    कौन हैं सज्जन कुमार, जिन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में मिली उम्रकैद की सजा, 10 खास बातें

    1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को दोषी करार दिया है. सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा और पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. निचली अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था. फैसला जस्टिस एस. मुरलीधर और विनोद गोयल ने सुनाया है. सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को हत्या, साजिश, दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का दोषी पाया गया. कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा और तब तक वह दिल्ली नहीं छोड़ सकते. सज्जन कुमार के अलावा नेवी के रिटायर्ड अधिकरी कैप्टन भागमल, पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोकर और गिरधारी लाल को भी दोषी करार दिया है. इन तीनों को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इनके अलावा पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोकर को भी दोषी करार पाया गया, जिन्हें निचली अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई थी. अब हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) के अलावा कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल तथा पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है. आइये आपको बताते हैं सज्जन कुमार से जुड़ी खास बातें.