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सूरज ने खोला 8 लाख किमी चौड़ा दरवाजा, धरती की ओर बढ़ा सौर तूफान
- Wednesday February 18, 2026
- Written by: शालिनी सेंगर
आसमान इन दिनों खामोश नहीं है. सूरज की सतह पर एक रहस्यमय दरार खुली है और उसकी रफ्तारभरी हवा धरती तक दस्तक दे रही है. कहीं यह सिर्फ रोशनी का खेल है या कुछ और?
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लद्दाख में दिखा खौफनाक लाल आसमान, 2003 के बाद आया सबसे बड़ा सौर तूफान, क्या है खतरा?
- Thursday January 29, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
Solar Storm 2026 : लद्दाख में दिखा यह लाल नजारा दरअसल 'अरोरा' (Aurora) था, जिसे हम आसान भाषा में 'ध्रुवीय ज्योति' भी कहते हैं. 18 जनवरी को सूरज पर एक बहुत बड़ा धमाका हुआ, जिसे 'X-class solar flare' कहा जाता है.
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ndtv.in
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जां 'निसार' है: इसरो-नासा के 11,240 करोड़ी सैटेलाइट पर दुनिया की नजर, क्या हैं खासियतें, उद्देश्य क्या?
- Wednesday July 30, 2025
- Written by: Nilesh Kumar
निसार यानी NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar की लागत करीब 1.3 बिलियन डॉलर यानी करीब 11,240 करोड़ रुपये है.
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Total Solar Eclipse:भारत का पहला सोलर मिशन आदित्य एल-1 नहीं देख सकेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, ये है वजह
- Monday April 8, 2024
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: स्वेता गुप्ता
पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) की दुर्लभ खगोलीय घटना को पूरे अमेरिका में देख रहे हैं. खास बात यह है कि इस खगोलीय घटना को देखने के लिए स्काइडाइविंग से लेकर स्पेशल फ्लाइट्स तक कई कार्यक्रम तक आयोजित किए जा रहे हैं.
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इसरो अध्यक्ष को आदित्य एल1 मिशन लॉन्च के दिन चला कैंसर का पता, सर्जरी के 4 दिन बाद ही शुरू कर दिया था काम
- Wednesday March 6, 2024
- Translated by: अवधेश पैन्यूली
इसरो अध्यक्ष सोमनाथ ने कहा, "लॉन्च के बाद, मैंने चेन्नई में और टेस्ट कराए, जिससे मेरी बड़ी आंत में कैंसर की ग्रोथ का पता चला. इस डायग्नोस के बाद मेरी सर्जरी और कीमोथेरेपी की गई."
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पीएम मोदी ने वाणिज्यिक जहाज के नाविकों को बचाने के अभियान, आदित्य एल1 की सफलता की प्रशंसा की
- Sunday January 7, 2024
- Reported by: भाषा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आदित्य एल1 की सफलता भारत की शक्ति और भारतीय वैज्ञानिकों के कौशल का प्रमाण है. यह एक और महान उदाहरण है.’’
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"आदित्य-एल1 मिशन सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए": इसरो चीफ एस सोमनाथ
- Sunday January 7, 2024
- Reported by: ANI, Edited by: सूर्यकांत पाठक
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान को उसकी अंतिम गंतव्य कक्षा में स्थापित करने के तुरंत बाद इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मिशन सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए है.
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राष्ट्रपति मुर्मू ने सूर्य अभियान Aditya-L1 की सफलता पर ISRO को दी बधाई
- Saturday January 6, 2024
- Reported by: भाषा
इसरो ने सूर्य का अध्ययन करने के लिए देश के पहले अंतरिक्ष आधारित मिशन ‘आदित्य एल1’ यान को आज पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर इसकी अंतिम गंतव्य कक्षा में स्थापित किया.
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ISRO में महिलाओं के साथ कोई भेदभाव नहीं, प्रतिभा मायने रखती है : आदित्य L1 मिशन में अहम भूमिका निभाने वाली निगार शाजी
- Saturday January 6, 2024
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: सचिन झा शेखर
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सूर्य के अध्ययन के लिए देश के पहले अंतरिक्ष आधारित मिशन ‘आदित्य एल1’ यान को पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर स्थापित किया है.
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आदित्य-एल1 ने अंतिम कक्षा में किया प्रवेश, PM ने कहा- "भारत के लिए एक और मील का पत्थर"
- Sunday January 7, 2024
- Edited by: सचिन झा शेखर
Aditya-L1 Mission: ISRO की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर बधाई दी है. उन्हें लिखा है कि यह उपलब्धि सबसे जटिल अंतरिक्ष अभियानों को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है.
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देश के सूर्य मिशन के लिए आज बड़ा दिन, आदित्य-L1 आज अंतिम कक्षा में करेगा प्रवेश
- Saturday January 6, 2024
- Edited by: स्वेता गुप्ता
इसरो अधिकारियों के अनुसार, अंतरिक्ष यान पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के ‘लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल 1) के आसपास एक ‘हेलो’ (Sun Mission Aditya L1) कक्षा में पहुंचेगा.
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Aditya L1 Mission ने सोलर विंड को ऑवजर्ब करना किया शुरू, ISRO ने शेयर की पहली फोटो
- Saturday December 2, 2023
- Translated by: अनिशा कुमारी
इसरो ने कहा कि STEPS ने 10 सितंबर को एक्शन शुरू कर दी थी जबकि SWIS उपकरण शनिवार को एक्टिवेट हो गया और इसने ऑपटिमल परफॉर्मेंस दर्ज किया है.
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आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान अपने अंतिम चरण के निकट : ISRO प्रमुख सोमनाथ
- Saturday November 25, 2023
- Reported by: भाषा
इसरो के अनुसार, ‘आदित्य-एल1’ सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला है. अंतरिक्ष यान 125 दिन में पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर की यात्रा करने के बाद लैग्रेंजियन बिंदु ‘एल1’ के आसपास एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित होगा.
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India's Solar Mission: ‘आदित्य L1’ ने STEPS की मदद से 52 हजार KM की ऊंचाई पर कलेक्ट किया डाटा
- Wednesday September 20, 2023
- Reported by: भाषा, Edited by: अंजलि कर्मकार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 2 सितंबर को ‘आदित्य-L1’ को लॉन्च किया था, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर पहले ‘लैग्रेंजियन’पॉइंट तक जाएगा.
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Aditya-L1 ने चौथी बार सफलतापूर्वक कक्षा परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की: ISRO
- Friday September 15, 2023
- Reported by: भाषा
अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) से ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘चौथी बार पृथ्वी की कक्षा परिवर्तन की प्रक्रिया (ईबीएन-4) को सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया. मॉरीशस, बेंगलुरु, एसडीएससी-एसएचएआर और पोर्ट ब्लेयर में इसरो के ‘ग्राउंड स्टेशनों’ ने इस अभियान (Mission) के दौरान उपग्रह की निगरानी की.’’
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सूरज ने खोला 8 लाख किमी चौड़ा दरवाजा, धरती की ओर बढ़ा सौर तूफान
- Wednesday February 18, 2026
- Written by: शालिनी सेंगर
आसमान इन दिनों खामोश नहीं है. सूरज की सतह पर एक रहस्यमय दरार खुली है और उसकी रफ्तारभरी हवा धरती तक दस्तक दे रही है. कहीं यह सिर्फ रोशनी का खेल है या कुछ और?
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लद्दाख में दिखा खौफनाक लाल आसमान, 2003 के बाद आया सबसे बड़ा सौर तूफान, क्या है खतरा?
- Thursday January 29, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
Solar Storm 2026 : लद्दाख में दिखा यह लाल नजारा दरअसल 'अरोरा' (Aurora) था, जिसे हम आसान भाषा में 'ध्रुवीय ज्योति' भी कहते हैं. 18 जनवरी को सूरज पर एक बहुत बड़ा धमाका हुआ, जिसे 'X-class solar flare' कहा जाता है.
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जां 'निसार' है: इसरो-नासा के 11,240 करोड़ी सैटेलाइट पर दुनिया की नजर, क्या हैं खासियतें, उद्देश्य क्या?
- Wednesday July 30, 2025
- Written by: Nilesh Kumar
निसार यानी NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar की लागत करीब 1.3 बिलियन डॉलर यानी करीब 11,240 करोड़ रुपये है.
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Total Solar Eclipse:भारत का पहला सोलर मिशन आदित्य एल-1 नहीं देख सकेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, ये है वजह
- Monday April 8, 2024
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: स्वेता गुप्ता
पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) की दुर्लभ खगोलीय घटना को पूरे अमेरिका में देख रहे हैं. खास बात यह है कि इस खगोलीय घटना को देखने के लिए स्काइडाइविंग से लेकर स्पेशल फ्लाइट्स तक कई कार्यक्रम तक आयोजित किए जा रहे हैं.
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इसरो अध्यक्ष को आदित्य एल1 मिशन लॉन्च के दिन चला कैंसर का पता, सर्जरी के 4 दिन बाद ही शुरू कर दिया था काम
- Wednesday March 6, 2024
- Translated by: अवधेश पैन्यूली
इसरो अध्यक्ष सोमनाथ ने कहा, "लॉन्च के बाद, मैंने चेन्नई में और टेस्ट कराए, जिससे मेरी बड़ी आंत में कैंसर की ग्रोथ का पता चला. इस डायग्नोस के बाद मेरी सर्जरी और कीमोथेरेपी की गई."
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पीएम मोदी ने वाणिज्यिक जहाज के नाविकों को बचाने के अभियान, आदित्य एल1 की सफलता की प्रशंसा की
- Sunday January 7, 2024
- Reported by: भाषा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आदित्य एल1 की सफलता भारत की शक्ति और भारतीय वैज्ञानिकों के कौशल का प्रमाण है. यह एक और महान उदाहरण है.’’
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"आदित्य-एल1 मिशन सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए": इसरो चीफ एस सोमनाथ
- Sunday January 7, 2024
- Reported by: ANI, Edited by: सूर्यकांत पाठक
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान को उसकी अंतिम गंतव्य कक्षा में स्थापित करने के तुरंत बाद इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मिशन सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए है.
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राष्ट्रपति मुर्मू ने सूर्य अभियान Aditya-L1 की सफलता पर ISRO को दी बधाई
- Saturday January 6, 2024
- Reported by: भाषा
इसरो ने सूर्य का अध्ययन करने के लिए देश के पहले अंतरिक्ष आधारित मिशन ‘आदित्य एल1’ यान को आज पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर इसकी अंतिम गंतव्य कक्षा में स्थापित किया.
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ISRO में महिलाओं के साथ कोई भेदभाव नहीं, प्रतिभा मायने रखती है : आदित्य L1 मिशन में अहम भूमिका निभाने वाली निगार शाजी
- Saturday January 6, 2024
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: सचिन झा शेखर
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सूर्य के अध्ययन के लिए देश के पहले अंतरिक्ष आधारित मिशन ‘आदित्य एल1’ यान को पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर स्थापित किया है.
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आदित्य-एल1 ने अंतिम कक्षा में किया प्रवेश, PM ने कहा- "भारत के लिए एक और मील का पत्थर"
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- Edited by: सचिन झा शेखर
Aditya-L1 Mission: ISRO की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर बधाई दी है. उन्हें लिखा है कि यह उपलब्धि सबसे जटिल अंतरिक्ष अभियानों को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है.
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देश के सूर्य मिशन के लिए आज बड़ा दिन, आदित्य-L1 आज अंतिम कक्षा में करेगा प्रवेश
- Saturday January 6, 2024
- Edited by: स्वेता गुप्ता
इसरो अधिकारियों के अनुसार, अंतरिक्ष यान पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के ‘लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल 1) के आसपास एक ‘हेलो’ (Sun Mission Aditya L1) कक्षा में पहुंचेगा.
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Aditya L1 Mission ने सोलर विंड को ऑवजर्ब करना किया शुरू, ISRO ने शेयर की पहली फोटो
- Saturday December 2, 2023
- Translated by: अनिशा कुमारी
इसरो ने कहा कि STEPS ने 10 सितंबर को एक्शन शुरू कर दी थी जबकि SWIS उपकरण शनिवार को एक्टिवेट हो गया और इसने ऑपटिमल परफॉर्मेंस दर्ज किया है.
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आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान अपने अंतिम चरण के निकट : ISRO प्रमुख सोमनाथ
- Saturday November 25, 2023
- Reported by: भाषा
इसरो के अनुसार, ‘आदित्य-एल1’ सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला है. अंतरिक्ष यान 125 दिन में पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर की यात्रा करने के बाद लैग्रेंजियन बिंदु ‘एल1’ के आसपास एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित होगा.
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India's Solar Mission: ‘आदित्य L1’ ने STEPS की मदद से 52 हजार KM की ऊंचाई पर कलेक्ट किया डाटा
- Wednesday September 20, 2023
- Reported by: भाषा, Edited by: अंजलि कर्मकार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 2 सितंबर को ‘आदित्य-L1’ को लॉन्च किया था, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर पहले ‘लैग्रेंजियन’पॉइंट तक जाएगा.
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Aditya-L1 ने चौथी बार सफलतापूर्वक कक्षा परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की: ISRO
- Friday September 15, 2023
- Reported by: भाषा
अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) से ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘चौथी बार पृथ्वी की कक्षा परिवर्तन की प्रक्रिया (ईबीएन-4) को सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया. मॉरीशस, बेंगलुरु, एसडीएससी-एसएचएआर और पोर्ट ब्लेयर में इसरो के ‘ग्राउंड स्टेशनों’ ने इस अभियान (Mission) के दौरान उपग्रह की निगरानी की.’’
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