'SC Judgement' - 14 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • India | बुधवार मई 5, 2021 10:51 AM IST
    सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को आरक्षण असंवैधानिक करार दिया. 50 फीसदी आरक्षण सीमा तय करने वाले फैसले पर फिर से विचार की जरूरत नहीं.
  • India | बुधवार जनवरी 13, 2021 08:15 PM IST
    नए कृषि कानून (Farm Laws) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले को भारत सरकार ने अपनी इच्छा के खिलाफ बताया है लेकिन साथ ही कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होना चाहिए. अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा समिति गठित करने के फैसले के बाद 15 जनवरी को पहले से तय बैठक होगी या नहीं, ये किसान नेताओं (Farmers' Leader) के रुख पर निर्भर करेगा. नए कृषि कानूनों पर बढ़ते विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा के बाद कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी (Kailash Chaudhary) ने NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि "सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी इच्छा के विरुद्ध है. हम नहीं चाहते थे कि संसद में जो कानून पास हुआ उस पर रोक लगे. लेकिन फिर भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य है. हम उसका स्वागत करते हैं."
  • India | गुरुवार दिसम्बर 17, 2020 12:31 PM IST
    अपने खिलाफ अवमानना का केस चलाने की इजाजत देने पर भी कामरा ने ट्वीट किया था और कहा था कि वो न तो ट्वीट हटाएंगे और न ही इसके लिए माफी मांगेंगे.
  • India | बुधवार नवम्बर 4, 2020 04:56 PM IST
    इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कोडा ऑटो, फॉक्सवैगन और ऑडी के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया था.
  • India | शुक्रवार अगस्त 14, 2020 10:34 PM IST
    जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की 3-जजों वाली बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मॉनिटरिंग कमेटी कभी भी आवासीय परिसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकृत नहीं की गई थी जो कॉमर्शियल  उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल नहीं किए जा रहे थे. अदालत ने स्पष्ट रूप से यह माना कि निजी भूमि पर आवासीय परिसर को सील करने के लिए कमेटी को अधिकार नहीं दिया गया था, खासकर जब उनका उपयोग कॉमर्शियल उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा रहा था. 
  • India | बुधवार जुलाई 3, 2019 06:28 PM IST
    सुप्रीम कोर्ट में अब जल्द ही अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं में भी जजमेंट मिलेंगे. फिलहाल इस महीने से हिंदी, असमिया, उड़िया, कन्नड़, मराठी और तेलुगू भाषाओं में भी जजमेंट ट्रांसलेट किए जाएंगे. इसके बाद तमिल समेत अन्य भाषाओं में भी यह जजमेंट ट्रांसलेट होंगे.
  • India | मंगलवार दिसम्बर 25, 2018 05:06 AM IST
    सुप्रीम कोर्ट के लिहाज से यह साल ऐतिहासिक रहा. कोर्ट के कई फैसले समानता और सशक्तिकरण की दिशा में नजीर बने. एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने 158 साल पुराने व्यभिचार-रोधी कानून को रद्द कर दिया है और कहा है कि व्यभिचार अपराध नहीं है. तो दूसरी तरफ धारा 377 को रद्द करते हुए कहा कि अब समलैंगिकता अपराध नहीं है.
  • India | शुक्रवार नवम्बर 2, 2018 06:05 PM IST
    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अब जजमेंट को अंग्रेजी से हिन्दी में ट्रांसलेट किया जाएगा. इसके बाद इसका क्षेत्रीय भाषाओं में भी अनुवाद करने की कोशिश होगी. 500 पन्नों जैसे बड़े जजमेंट को संक्षिप्त करके एक या दो पन्नों में करेंगे ताकि आम लोगों को समझ में आ जाए.
  • India | शुक्रवार सितम्बर 28, 2018 01:53 PM IST
    केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर लगे बैन को हटा दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सबरीमाला मंदिर के दरवाजे सभी महिलाओं के लिए खोल दिये गये.  फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन और अन्य ने इस प्रथा को चुनौती दी है. उन्होंने यह कहते हुए कि यह प्रथा लैंगिक आधार पर भेदभाव करती है, इसे खत्म करने की मांग की है. याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह संवैधानिक समानता के अधिकार में भेदभाव है. एसोसिएशन ने कहा है कि मंदिर में प्रवेश के लिए 41 दिन से ब्रहचर्य की शर्त नहीं लगाई जा सकती क्योंकि महिलाओं के लिए यह असंभव है.
  • India | बुधवार सितम्बर 26, 2018 11:47 PM IST
    आधार की संवैधानिकता पर काफी समय से चल रही बहस पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने विराम लगा दिया और कुछ बदलावों के साथ कोर्ट ने आधार की संवैधानिकता को वैध ठहराया. आधार मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों संविधान पीठ ने केन्द्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया लेकिन उसने बैंक खाते, मोबाइल फोन और स्कूल दाखिले में आधार अनिवार्य करने सहित कुछ प्रावधानों को रद्द कर दिया. चीफ दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में आधार को आयकर रिटर्न भरने और पैन कार्ड बनाने के लिए अनिवार्य बताया. हालांकि अब आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना जरूरी नहीं है और मोबाइल फोन का कनेक्शन देने के लिए टेलीकॉम कंपनियां आपसे आधार नहीं मांग सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट का फैसला तो आ गया, मगर अब भी आम लोग इस कनफ्यूजन में है कि कहां पर आधार देना होगा और कहां पर नहीं. अगर आप भी इसी उहापोह में है या आपके मन में आधार के इस्तेमाल को लेकर कई तरह के सवाल आ रहे हैं, तो आपके हर सवाल का जवबा इसी स्टोरी में हैं...
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