नमक की कीमतें
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नेपाल के लोग भारत के बाजारों में क्यों खरीददारी करने आते हैं, अब 'रोटी-बेटी' के रिश्तों पर भी ग्रहण?
- Friday May 1, 2026
- Written by: चंदन सिंह राजपूत
भारत एक विशाल बाजार है, जहां प्रतिस्पर्धा के कारण चीजें कम दाम पर उपलब्ध हैं. ओपन बॉर्डर पॉलिसी (खुली सीमा नीति) का फायदा उठाकर अब तक सीमावर्ती नेपाली नागरिक नमक से लेकर शादी-ब्याह के कपड़ों तक के लिए भारतीय बाजारों पर ही निर्भर थे.
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ndtv.in
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जनता पर महंगाई की जबरदस्त मार, नमक-रोटी खाने को मजबूर ग्रामीण
- Wednesday June 16, 2021
- Reported by: आलोक पांडे, Edited by: राहुल सिंह
कोरोना काल (Coronavirus Pandemic) में महंगाई आसमान छू रही है. पेट्रोल-डीजल के दाम ही नहीं बल्कि खाद्य तेल, दाल, अंडा और अन्य घरेलू सामान की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ है. महंगाई के इस बढ़ते ग्राफ की जबरदस्त मार आम आदमी पर पड़ रही है. खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है. वहीं इस कोरोना काल में छोटे कारोबार भी प्रभावित हुए हैं. सोनभद्र के ग्रामीण गुलाब गौड़ ने कहा, 'तेल (रिफाइंड) बहुत महंगा हो गया है, तो हम अपने गांव में उपलब्ध इसके विकल्प का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी बहुत मुश्किल हो रहा है. प्याज और दालों की कीमतें भी बढ़ी हैं. हम इसे खा ही नहीं रहे हैं. कभी-कभी हम नमक के साथ रोटी भी खा रहे हैं.' 40 वर्षीय गुलाब गौड़ और उनकी पत्नी रुकमणि देवी मजदूरी कर 6000 रुपये महीना कमाते हैं.
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ndtv.in
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पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम- क्यों ज़ख्मों पर नमक छिड़क रही है सरकार?
- Tuesday September 4, 2018
- अखिलेश शर्मा
पेट्रोल डीजल की कीमतें नई ऊंचाई पर और डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर. 8.2 फीसदी की जीडीपी के बीच आम लोगों से जुड़ी अर्थव्यवस्था की ये खबरें सरकार के सामने चुनौती पेश कर रही हैं, लेकिन पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में लगी आग के बीच सरकार ने जले पर नमक छिड़कते हुए कीमतें घटाने से इनकार कर दिया है. आला सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी से कहा कि मौजूदा समय में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखते हुए कीमतें कुछ और समय तक बढ़ी रह सकती हैं, लेकिन सरकार उन्हें कम करने के लिए एक्साइज़ ड्यूटी में अब कोई कटौती नहीं करेगी.
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भारत एक विशाल बाजार है, जहां प्रतिस्पर्धा के कारण चीजें कम दाम पर उपलब्ध हैं. ओपन बॉर्डर पॉलिसी (खुली सीमा नीति) का फायदा उठाकर अब तक सीमावर्ती नेपाली नागरिक नमक से लेकर शादी-ब्याह के कपड़ों तक के लिए भारतीय बाजारों पर ही निर्भर थे.
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- Wednesday June 16, 2021
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कोरोना काल (Coronavirus Pandemic) में महंगाई आसमान छू रही है. पेट्रोल-डीजल के दाम ही नहीं बल्कि खाद्य तेल, दाल, अंडा और अन्य घरेलू सामान की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ है. महंगाई के इस बढ़ते ग्राफ की जबरदस्त मार आम आदमी पर पड़ रही है. खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है. वहीं इस कोरोना काल में छोटे कारोबार भी प्रभावित हुए हैं. सोनभद्र के ग्रामीण गुलाब गौड़ ने कहा, 'तेल (रिफाइंड) बहुत महंगा हो गया है, तो हम अपने गांव में उपलब्ध इसके विकल्प का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी बहुत मुश्किल हो रहा है. प्याज और दालों की कीमतें भी बढ़ी हैं. हम इसे खा ही नहीं रहे हैं. कभी-कभी हम नमक के साथ रोटी भी खा रहे हैं.' 40 वर्षीय गुलाब गौड़ और उनकी पत्नी रुकमणि देवी मजदूरी कर 6000 रुपये महीना कमाते हैं.
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