हम सभी के मन में कभी न कभी यह सवाल जरूर आया है कि मौत के बाद हमारे सोशल मीडिया अकाउंट्स का क्या होगा? क्या वह भी हमारे साथ खत्म हो जाएगा या फिर चलता रहेगा? इस सवाल का जवाब देने की कोशिश टेक्नोलॉजी कंपनी Meta ने की है. रिपोर्ट्स की माने तो, Meta ने एक ऐसी तकनीक पर काम किया है जो इंसान की मौत के बाद भी उसके सोशल मीडिया अकाउंट को एक्टिव रख सकती है. लेकिन ये सब होगा कैसे? चलिए आपको बताते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 में मेटा को एक पेटेंट मिला है. इस पेटेंट में बताया गया है कि एक AI सिस्टम किसी व्यक्ति के ऑनलाइन व्यवहार की नकल कर सकता है. इस सिस्टम को यूजर के पुराने पोस्ट, कमेंट, लाइक्स और अन्य गतिविधियों के आधार पर ट्रेन किया जाएगा. इसका मकसद यह होगा कि AI उस व्यक्ति की तरह ही सोच और व्यवहार कर सके. अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक सोशल मीडिया से दूर रहे या उसकी मृत्यु हो जाए, तो यह AI उसकी जगह एक्टिव रह सकता है.
अब सवाल उठता है कि आखिर ऐसी तकनीक की जरूरत ही क्यों है? Meta का कहना है कि अगर कोई यूजर अचानक प्लेटफॉर्म से गायब हो जाता है, तो इसका असर उसके दोस्तों और फॉलोअर्स पर पड़ता है. खासकर अगर वह व्यक्ति कभी वापस नहीं आने वाला हो, यानी उसकी मृत्यु हो चुकी हो, तो यह असर और भी गहरा होता है.
ऐसे में AI आधारित डिजिटल प्रोफाइल उस व्यक्ति की कमी को कुछ हद तक कम कर सकती है. परिवार और करीबी लोग उस डिजिटल रूप से बातचीत कर सकते हैं और अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं.
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